Akhilesh Yadav का BJP पर तीखा हमला, कहा देश के लिए सबसे बड़ा संकट है सत्तारूढ़ दल
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को देश के सामने ‘‘सबसे बड़ा संकट’’ करार देते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के पास नफरत फैलाने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। रक्षाबंधन के अवसर पर अपने पैतृक गांव सैफई पहुंचे अखिलेश ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘‘देश में केवल एक ही संकट है और वह भाजपा है।
भाजपा खुद सबसे बड़ा संकट है। भाजपा जाएगी तो संकट भी चला जाएगा।’’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास ‘‘नफरत फैलाने’’ के अलावा कोई काम नहीं है और उन्होंने समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की विरासत को ‘‘बेचने’’ का आरोप भी लगाया। अखिलेश ने कहा कि भाजपा के गठन के समय पार्टी ने खुद को समाजवादी पार्टी के रूप में पेश करने की कोशिश में जयप्रकाश नारायण की तस्वीर लगाई थी, लेकिन अब उसने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (जेपीएनआईसी) को ‘‘बेच’’ दिया है।
सपा प्रमुख ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘भाजपा को कोई खरीदने के लिए भी तैयार नहीं है, वरना भाजपा खुद को बेच देती।’’ महंगाई के मुद्दे पर अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कीमतें बढ़ने दे रही है। उन्होंने कहा, ‘‘चीनी की बात करें तो चीनी महंगी हो गई है। सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिला रही है।
मिलावट को लेकर कानून है और कानूनी तौर पर आप मिलावट नहीं कर सकते। लेकिन एक सोची-समझी रणनीति के तहत कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने और चुनावी चंदा हासिल करने के लिए सरकार ने उद्योगपतियों को मुनाफा कमाने की खुली छूट दे दी है।’’ अखिलेश ने दावा किया कि कंपनियों को मुनाफा कमाने में सक्षम बनाने के लिए चीनी, डीजल और पेट्रोल ऊंची कीमतों पर बेचे जा रहे हैं और सरकार की नीतियों के कारण महंगाई बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दवाइयां ऊंची कीमतों पर बेची जा रही हैं, एम्बुलेंस ठीक से काम नहीं कर रही हैं और पुलिसकर्मी लोगों से पैसे मांग रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए आवंटित धन का दुरुपयोग किया गया और सवाल किया कि सरकार को इसके लिए जवाबदेह क्यों नहीं ठहराया जा रहा है। सपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि भारत के आजाद होने के बावजूद मीडिया पर पाबंदियां बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘देश आजाद होने के बाद अंग्रेज भारत छोड़कर चले गए, लेकिन हम अभी भी आजाद नहीं हुए हैं।
आज भी कई तरह की पाबंदियां हैं। आप स्कूलों की तस्वीरें नहीं दिखा सकते, स्कूलों की खराब हालत नहीं दिखा सकते। जो पत्रकार स्कूल की खराब हालत दिखाएगा, उसे जेल भेज दिया जाएगा।’’ उन्होंने भाजपा पर जानबूझकर शिक्षा को बढ़ावा नहीं देने का आरोप लगाया और कहा कि शिक्षित लोग सवाल पूछेंगे तथा सरकार के साथ बहस करेंगे।
अखिलेश ने कहा, ‘‘भाजपा को सवालों से सबसे ज्यादा डर लगता है। जो सवालों से डरता है, वह लोकतंत्र को दबाएगा और बाबासाहेब आंबेडकर के सिद्धांतों को कमजोर करेगा।’’ उन्होंने किसानों के मुद्दे पर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराकर तथा कृषि उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित नहीं करके संकट पैदा कर दिया है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘पहले हम सुनते थे कि बोरी से खाद चोरी हो जाती थी, लेकिन आज पूरी बोरी ही चोरी हो रही है।
इसके लिए कौन जिम्मेदार है?’’ उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को अक्सर जरूरत के समय खाद और बीज नहीं मिलते और उनकी फसलों का पर्याप्त मूल्य भी नहीं मिलता। सपा अध्यक्ष ने पड़ोसी नेपाल में आई बाढ़ की आपदा पर भी चिंता जताई और भारत सरकार से नेपाल को हर संभव सहायता देने का आग्रह किया।
Mallikarjun Kharge ने Nepal में बाढ़ पर PM Modi को लिखा पत्र, राहत भेजने की अपील
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर गहरी चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि पड़ोसी देश को तत्काल मानवीय एवं राहत सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं। उन्होंने 28 अगस्त को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पत्र लिखा। खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा कि नेपाल में बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है और हजारों लोग भोजन, दवाइयों, आश्रय तथा अन्य आवश्यक सहायता की तत्काल जरूरत का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने सरकार से नेपाल के प्रभावित लोगों के लिए पर्याप्त मानवीय एवं राहत सहायता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उन्होंने नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर राहत एवं बचाव कार्यों को आगे बढ़ाने की अपील भी की। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, “मैं नेपाल के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ के कारण फंसे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को लेकर भी चिंतित हूं।
संबंधित अधिकारियों को बचाव और निकासी के प्रयास तेज करने तथा उनकी सुरक्षित और जल्द भारत वापसी के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने के लिए जरूरी निर्देश जारी किए जाने का अनुरोध है।” उन्होंने कहा, “विदेश मंत्रालय से मिली नवीनतम जानकारी के अनुसार, करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है।” गृह मंत्री शाह को लिखे पत्र में खरगे ने कहा, “यह बड़े दुख के साथ लिख रहा हूं कि नेपाल हाल में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण उत्पन्न गंभीर प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। जान-माल की क्षति, घरों और बुनियादी ढांचे का व्यापक विनाश तथा अनगिनत लोगों के विस्थापन ने प्रभावित समुदायों को अत्यंत संकट की स्थिति में पहुंचा दिया है।” उन्होंने कहा, “भारत और नेपाल के लोगों के बीच गहरा एवं स्थायी संबंध है। इस गहरे दुख की घड़ी में भारत को अपने पड़ोसियों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए और इस विनाशकारी आपदा से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता देनी चाहिए।” खरगे ने नेपाल को तत्काल और व्यापक मानवीय तथा आपदा राहत सहायता देने पर विचार करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, “जहां भी आवश्यक हो और नेपाल सरकार के साथ समन्वय में, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों की तैनाती पर विचार किया जा सकता है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव, निकासी और राहत अभियानों में सहायता की जा सके।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में एनडीआरएफ की विशेषज्ञता और अनुभव लोगों की जान बचाने तथा संकट का सामना कर रहे लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण सहयोग दे सकते हैं। खरगे ने उम्मीद जताई कि गृह मंत्रालय इस मामले की गंभीरता और तात्कालिकता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाएगा तथा नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों तक भारत की सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करेगा।
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