Aaj Ka Mausam: यूपी-बिहार समेत 15 राज्यों में कहर बरपाएगा मौसम! IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
Aaj Ka Mausam: दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर अभी कम नहीं हुआ है. देश के कई राज्यों में मानसून के सक्रिय होने की वजह से जमकर बारिश हो रही है. इस बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर से यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, आज यानी शनिवार (29 अगस्त) को उत्तर प्रदेश बिहार समेत देश के 15 राज्यों में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है.
जिसे लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग की मानें तो इस दौरान 85 से 87 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आने की आशंका है. जबकि भारी बारिश के चलते किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की भी संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, भारी बारिश के चलते पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन होने की भी आशंका है. ऐसे में आईएमडी ने सावधानी बरतने की चेतावनी दी है.
कहीं भारी बारिश तो कहीं ओलावृष्टि की संभावना
मौसम विभाग ने भारी बारिश और खराब मौसम की संभावना के चलते समुद्र किनारे रहने वाले लोगों को दूर रहने की सलाह दी है. साथ की मछुआरों को नदी और समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है. इसके साथ ही मौसम विभाग ने देश के चार से ज्यादा राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी असम और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है. जबकि उत्तरी ओडिशा तटों पर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है.
इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका
मौसम विभाग के मुताबिक, आज यानी शनिवार को देश के 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान आने की संभावना है. इस दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और गुजरात के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान कुछ इलाकों में 87 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है. ऐसे में मौसम विभाग ने उत्तर भारत के राज्यों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है.
नेपाल में अब विदेशी एजेंसी चलाएंगी रेस्क्यू ऑपरेशन, भारत समेत 4 देशों को मिली मंजूरी, पड़ोसी देश ने पलटा मदद न लेने का फैसला
Nepal Floods: नेपाल सरकार ने भोटेकोशी में आई अचानक बाढ़ के बाद विदेशी मदद लेने का फैसला किया है. पहले सरकार ने कहा था कि नेपाली बचाव दल ही खोज और राहत अभियान चलाएंगे और दूसरे देशों की टीमों को इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी. अब सरकार ने अपने फैसले पर यू-टर्न ले लिया है.
बता दें कि नेपाल में कई देशों के नागरिक अभी भी लापता हैं. इसके बाद उन देशों की ओर से नेपाल पर विदेशी विशेषज्ञों की मदद लेने का दबाव बढ़ा. इसी के चलते सरकार ने अपना फैसला बदल दिया. द काठमांडू पोस्ट अखबार के मुताबिक अब नेपाल कुछ विदेशी विशेषज्ञों को सीमित संख्या में देश में आने की अनुमति देगा. ये विशेषज्ञ सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश, शवों की पहचान, डीएनए टेस्ट और फोरेंसिक जांच में नेपाली टीमों की मदद करेंगे.
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सरकार ने क्यों लिया यू-टर्न?
रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से काफी दबाव आया था, क्योंकि बाढ़ में कई विदेशी नागरिक भी लापता हैं. सरकार अब जरूरत वाले क्षेत्रों में सीमित विदेशी विशेषज्ञों की मदद ले रही है.
31 देशों के 517 नागरिक लापता, भारतीय सबसे ज्यादा
रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भयंकर बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. शुक्रवार तक इस आपदा में 550 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 977 लोग अभी भी लापता हैं. लापता लोगों में 31 देशों के 517 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. नेपाल पर्यटन बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इनमें सबसे ज्यादा 178 भारतीय नागरिक लापता हैं. इसके बाद 65 अमेरिकी, 53 यूक्रेनी, 35 ऑस्ट्रेलियाई और 33 ब्रिटिश नागरिकों के लापता होने की जानकारी है. प्रशासन की ओर से लापता लोगों की तलाश और उनकी पहचान का काम लगातार जारी है.
भारत समेत 4 देशों के विशेषज्ञों की मदद लेगा नेपाल
नेपाल सरकार ने बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान में विदेशी विशेषज्ञों की मदद लेने को मंजूरी दे दी है. सरकार ने भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञ टीमों को नेपाल आने की अनुमति दी है. इन टीमों में सुरंगों में बचाव अभियान, डीएनए जांच और फोरेंसिक जांच के अनुभवी विशेषज्ञ और तकनीकी कर्मचारी शामिल होंगे.
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन केंद्र के आकलन के बाद अंतर-मंत्रालयी समन्वय समिति के जरिए यह फैसला लिया गया है. विदेशी विशेषज्ञ नेपाली टीमों के साथ मिलकर लापता लोगों की तलाश और मृतकों की पहचान में मदद करेंगे.
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