नेपाल में अब विदेशी एजेंसी चलाएंगी रेस्क्यू ऑपरेशन, भारत समेत 4 देशों को मिली मंजूरी, पड़ोसी देश ने पलटा मदद न लेने का फैसला
Nepal Floods: नेपाल सरकार ने भोटेकोशी में आई अचानक बाढ़ के बाद विदेशी मदद लेने का फैसला किया है. पहले सरकार ने कहा था कि नेपाली बचाव दल ही खोज और राहत अभियान चलाएंगे और दूसरे देशों की टीमों को इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी. अब सरकार ने अपने फैसले पर यू-टर्न ले लिया है.
बता दें कि नेपाल में कई देशों के नागरिक अभी भी लापता हैं. इसके बाद उन देशों की ओर से नेपाल पर विदेशी विशेषज्ञों की मदद लेने का दबाव बढ़ा. इसी के चलते सरकार ने अपना फैसला बदल दिया. द काठमांडू पोस्ट अखबार के मुताबिक अब नेपाल कुछ विदेशी विशेषज्ञों को सीमित संख्या में देश में आने की अनुमति देगा. ये विशेषज्ञ सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश, शवों की पहचान, डीएनए टेस्ट और फोरेंसिक जांच में नेपाली टीमों की मदद करेंगे.
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सरकार ने क्यों लिया यू-टर्न?
रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से काफी दबाव आया था, क्योंकि बाढ़ में कई विदेशी नागरिक भी लापता हैं. सरकार अब जरूरत वाले क्षेत्रों में सीमित विदेशी विशेषज्ञों की मदद ले रही है.
31 देशों के 517 नागरिक लापता, भारतीय सबसे ज्यादा
रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भयंकर बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. शुक्रवार तक इस आपदा में 550 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 977 लोग अभी भी लापता हैं. लापता लोगों में 31 देशों के 517 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. नेपाल पर्यटन बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इनमें सबसे ज्यादा 178 भारतीय नागरिक लापता हैं. इसके बाद 65 अमेरिकी, 53 यूक्रेनी, 35 ऑस्ट्रेलियाई और 33 ब्रिटिश नागरिकों के लापता होने की जानकारी है. प्रशासन की ओर से लापता लोगों की तलाश और उनकी पहचान का काम लगातार जारी है.
भारत समेत 4 देशों के विशेषज्ञों की मदद लेगा नेपाल
नेपाल सरकार ने बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान में विदेशी विशेषज्ञों की मदद लेने को मंजूरी दे दी है. सरकार ने भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञ टीमों को नेपाल आने की अनुमति दी है. इन टीमों में सुरंगों में बचाव अभियान, डीएनए जांच और फोरेंसिक जांच के अनुभवी विशेषज्ञ और तकनीकी कर्मचारी शामिल होंगे.
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन केंद्र के आकलन के बाद अंतर-मंत्रालयी समन्वय समिति के जरिए यह फैसला लिया गया है. विदेशी विशेषज्ञ नेपाली टीमों के साथ मिलकर लापता लोगों की तलाश और मृतकों की पहचान में मदद करेंगे.
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बोर्ड के अनुसार कक्षा 12वीं की पूरक परीक्षा में शामिल विद्यार्थी 31 अगस्त से मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रति प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि एक सिंतबर निर्धारित की गयी है।
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