Meerut Police ने CM Yogi Adityanath का पुतला जलाने की योजना में दो को किया गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के मेरठ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पोस्टर और पुतला जलाकर शांति एवं कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की योजना बनाने के आरोप में पुलिस ने समाजवादी अधिवक्ता सभा से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि 27 अगस्त को समाजवादी अधिवक्ता सभा के सदस्यों ने बिना किसी अनुमति के मुख्यमंत्री का पोस्टर जलाने का प्रयास किया था। इसके बाद 27-28 अगस्त की रात सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना मिली कि संगठन के सदस्य दोबारा मुख्यमंत्री का पोस्टर और पुतला जलाने की योजना बना रहे हैं।
बयान के अनुसार, सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस और स्वात टीम नगर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि इस गतिविधि से जनाक्रोश पैदा होने तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गंगानगर निवासी सतीश राणा (48) और लिसाड़ी गेट के श्यामनगर निवासी शहजादा मोहम्मद जुफर (30) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।
USCIRF Report: भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति बिगड़ने का आरोप, आयोग ने उठाए सवाल
सागर कुलकर्णी वाशिंगटन, 28 अगस्त अमेरिका के एक द्विदलीय आयोग ने गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की गतिविधियों पर पाबंदियों, सेंसरशिप और सीमापार दमन का हवाला देते हुए दावा किया है कि ‘‘भारत में 2026 में भी धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति लगातार बिगड़’’ रही है। अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने इस सप्ताह भारत पर अपनी अद्यतन रिपोर्ट में आरोप लगाया कि कई अल्पसंख्यक समूहों का लगातार और व्यवस्थित उत्पीड़न, नागरिकता एवं मतदान के अधिकार से वंचित किया जाना तथा धर्मांतरण और गोहत्या के खिलाफ कड़े कानूनों का इस्तेमाल धार्मिक स्वतंत्रता में बाधा डाल रहा है। भारत यूएससीआईआरएफ के निष्कर्षों को बार-बार खारिज करता रहा है और इस संगठन को पक्षपाती तथा अविश्वसनीय बताता रहा है।
यूएससीआईआरएफ ने कहा कि भारतीय अधिकारी धर्म या आस्था की स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने या दूसरों के अधिकारों की वकालत करने वाले लोगों को हिरासत में लेना और जेल भेजना जारी रखे हुए हैं। आयोग ने इस सिलसिले में उमर खालिद, शरजील इमाम, जगर सिंह जोहल और अली खान महमूदाबाद की गिरफ्तारी का उल्लेख किया, जिन्हें आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत जेल भेजा गया था। आयोग ने कहा, ‘‘हिंदू राष्ट्रवादी भीड़ की हिंसक गतिविधियां व्यापक रूप से सामने आ रही हैं और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों के मामलों में बहुत कम या कोई जवाबदेही तय नहीं होती।
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