Sawan Antim Pradosh 2026: आज सावन मास का अंतिम प्रदोष व्रत, जानें महत्व, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और मंत्र
Sawan Last Pradosh Vrat 2026: आज सावन का अंतिम प्रदोष व्रत है और मंगलवार होने से इसे भौम प्रदोष कहा जाता है. प्रदोष काल में शिवलिंग का अभिषेक, बेलपत्र अर्पित करना, शिव चालीसा और “ॐ नमः शिवाय” का जाप करना शुभ माना जाता है.
Sawan Bhaum Pradosh Vrat Katha: सावन भौम प्रदोष व्रत की कथा पढ़ने व सुनने से हर परेशानी का होगा अंत, महादेव और हनुमानजी की मिलेगा आशीर्वाद
Sawan Bhaum Pradosh Vrat Katha: आज देशभर में सावन मास की अंतिम भौम प्रदोष तिथि का व्रत किया जा रहा है. भौम प्रदोष तिथि के दिन व्रत रखकर प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा अर्चना करके कथा पढ़ने व सुनने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि भौम प्रदोष व्रत की की कथा ना केवल आध्यात्मिक उत्थान देती है, बल्कि जीवन के कठिन संकटों को भी दूर करती है. इस कथा सुनने व पढ़ने मात्र से से मंगल दोष, कर्ज, मुकदमेबाजी, दुर्घटनाएं और शत्रु बाधाएं कम होती हैं. साथ ही कुंडली के शनि-मंगल विवाद शांत होते हैं और पाप क्षय होता है. यहां पढ़ें भौम प्रदोष व्रत की कथा...
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