Nepal Flood राहत पर विदेशी मदद खारिज नहीं की, भारत और चीन से मांगे 42 Bailey Bridges
शिरीष बी प्रधान काठमांडू, 28 अगस्त नेपाल ने शुक्रवार को इस बात का खंडन किया कि उसने मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता लेने से इनकार किया है। नेपाल ने कहा कि वह अपने सुरक्षा बलों की अधिकतम तैनाती को ‘‘प्राथमिकता’’ देना चाहता है, क्योंकि वे स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों और दुर्गम इलाकों से परिचित हैं। रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से सैकड़ों लोगों की मौत और बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा जलविद्युत बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान होने के बाद नेपाल व्यापक स्तर पर बचाव और राहत अभियान चला रहा है।
नेपाल पुलिस के अनुसार, इस तबाही में अब तक कम से कम 579 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 1,000 लोग लापता हैं। भारत समेत कई अन्य देशों ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहायता की पेशकश की है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार शुरुआती चरण में अपने सुरक्षा बलों की अधिकतम तैनाती को ‘‘प्राथमिकता’’ देना चाहती है।
उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि सरकार ने मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता से लेने से इनकार नहीं किया है। खनाल ने नेशनल न्यूज एजेंसी (आरएसएस) से कहा कि ‘‘अंतरराष्ट्रीय सहायता को अस्वीकार नहीं किया गया है, बल्कि बचाव की रणनीति राष्ट्रीय क्षमता, तत्काल जरूरत और नेपाल की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए तय की गई है।’’ उन्होंने कहा कि नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की बचाव टीम नेपाल की भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम इलाकों और स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘अपरिचित इलाके में बाहरी बचाव दल की तैनाती से समन्वय एवं तकनीकी प्रबंधन और जटिल हो सकता है तथा इससे अप्रत्याशित खतरे भी पैदा हो सकते हैं।
इसलिए उपलब्ध राष्ट्रीय क्षमता का इस्तेमाल करते हुए बचाव अभियान चलाया गया।’’ खनाल ने कहा कि सरकार उन कठिन परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय सहायता लेने के लिए तैयार है, जहां बेहद जटिल भौतिक संरचनाओं में विशेष तकनीकी कौशल की आवश्यकता होती है। नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में परिवहन सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए भारत और चीन से 42 बेली पुलों के निर्माण में मदद करने का अनुरोध किया है। इन पुलों को इस तरह बनाया जाता है कि इन्हें भारी मशीनरी या विशेष उपकरणों के बिना भी तेजी से जोड़ा जा सके।
विदेश मंत्री खनाल के सहयोगी ने बताया कि नेपाल ने अपने पड़ोसी देशों से सहायता मांगी है, क्योंकि अचानक आई बाढ़ में 36 से अधिक पुल बह गए हैं। प्राधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) से तत्काल जरूरत की कुछ राहत सामग्री उपलब्ध कराने की भी अपील की है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने कहा कि आश्रय संबंधी सामान, खाद्य सामग्री और स्वच्छता उत्पादों की तत्काल जरूरत है।
एनडीआरआरएमए ने एक बयान में कहा, ‘‘दान देने की इच्छुक एजेंसियां, अंतरराष्ट्रीय विकास साझेदार, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज और अन्य इच्छुक संगठन तलाश, बचाव और राहत कार्यों के लिए खाद्य एवं गैर-खाद्य सामग्री दान कर सकते हैं।’’ भारत ने नेपाल में राहत और पुनर्वास कार्यों में सहायता के लिए राहत सामग्री की दो खेप भेजी हैं।
Asha Sharma: Why you'll still need an Xbox | BBC News
Xbox chief executive Asha Sharma says the gaming giant needs to be "thinking about" affordability for its next-generation console, amid a "crisis" in computing prices. Speaking exclusively to the BBC's Laura Cress at Gamescom in Cologne, she said rising hardware costs partly driven by AI spending mean firms need to find ways to make gaming affordable. She also revealed gamers will soon be able to get digital versions of many of the physical games they currently own, potentially meaning their old games can be played on future Xbox consoles without having to put a disc in a drive. Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #Xbox #AshaSharma #PhysicalMedia #Gamescom2026 #BBCGaming #GamingNews #BBCNews
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