'शरीर पर कपड़े नहीं थे...फिर किसने उतारे थे?' सुशांत की एक्स मैनेजर की मौत की जांच पर कोर्ट ने उठाए सवाल
बॉलीवुड दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत से करीब पांच दिन पहले उनकी एक्स मैनेजर दिशा सालियान की मौत हो गई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी मौत 8 और 9 जून 2020 की दरमियानी रात मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत की मंजिल से नीचे गिरने के कारण हुई थी. जबकि सुशांत की मौत 14 जून 2020 को हुई थी. बॉम्बे हाई कोर्ट में दिशा की मौत की जांच को लेकर सुनवाई चल रही थी, जिसकी सुनाई आज यानी 28 जुलाई को पूरी हो गई है. कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.
दिशा के पिता सतीश सालियान ने कोर्ट में याचिका दायर कर रेप और हत्या का आरोप लगाया है. जिसके लिए उन्होंने केस दर्ज करने की मांग की. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दिशा के इन्क्वेस्ट पंचनामे को लेकर कई सवाल उठाए. दिशा सालियान के इन्क्वेस्ट पंचनामे में उसके शव पर कपड़े न होने के उल्लेख पर कोर्ट ने सरकारी वकील से सवाल किया. कोर्ट ने पूछा कि दिशा के शरीर पर कपड़े नहीं थे, ऐसा हॉस्पिटल के पंचनामे में उल्लेख है, फिर वो कपड़े किसने उतारे थे? उस डॉक्टर का बयान क्यों नहीं लिया गया?
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मध्य प्रदेश: रीवा में जच्चा-बच्चा मृत्यु मामले में जांच शुरू, चार अस्पताल कर्मचारी निलंबित
रीवा, 28 अगस्त (आईएएनएस)। रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की मृत्यु के बाद दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने शुक्रवार को बताया कि राज्य सरकार ने चिकित्सा लापरवाही और महिला के परिवार के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे शुक्ला ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों और उनके परिजनों के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार के साथ-साथ निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि जांच समिति के निष्कर्षों के आधार पर तथ्यों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे।
सरकार के अनुसार, रीवा जिले के बैकुंठपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत हटवा गांव की निवासी अमित मिश्रा की पत्नी कल्पना मिश्रा को 26 अगस्त को सुबह लगभग 2:38 बजे गांधी मेमोरियल अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग में भर्ती कराया गया था। उसी दिन रात लगभग 11:55 बजे उनकी और उनके अजन्मे बच्चे की मृत्यु हो गई।
चिकित्सा रिकॉर्ड से पता चला कि जब उन्हें भर्ती कराया गया था तब उनके प्लेटलेट की संख्या लगभग 30,000 प्रति माइक्रोलीटर थी। उनका रक्तचाप बहुत अधिक था और लिवर एंजाइम भी उच्च स्तर पर पाए गए। डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर प्री-एक्लेम्पसिया, गंभीर थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और एचईएलएलपी सिंड्रोम के साथ-साथ पूर्ण अवधि की गर्भावस्था से ग्रसित पाया। सरकार ने कहा कि निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार और आवश्यक चिकित्सा प्रक्रियाएं शुरू की गईं।
बाद में परिवार ने दुर्व्यवहार और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग की सोनल अग्रवाल और एनेस्थीसिया विभाग की निधि पांडे को प्रथम दृष्टया कर्तव्य में घोर लापरवाही और गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। दोनों नर्सिंग अधिकारियों को परिवार के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद निलंबित किया गया।
आरोपों की जांच के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की एक समिति गठित की गई है। परिवार की मांग पर रीवा जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की एक संयुक्त टीम ने महिला और उसके अजन्मे बच्चे का पोस्टमार्टम कराया। आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, शवों को शव वाहन द्वारा उनके पैतृक गांव ले जाया गया।
--आईएएनएस
एमएस/
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