Responsive Scrollable Menu

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दाखिल किए गए 7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। आयकर विभाग ने शुक्रवार को बताया कि आकलन वर्ष (एवाई) 2026-27 के लिए अब तक 7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके हैं। विभाग ने व्यवसाय या पेशेवर आय वाले उन करदाताओं से रिटर्न जल्द दाखिल करने की अपील की है, जिन्हें अपने खातों का ऑडिट कराने की आवश्यकता नहीं है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए एक पोस्ट में आयकर विभाग ने कहा कि 31 अगस्त 2026 ऐसे करदाताओं के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से है और जो ऑडिट के दायरे में नहीं आते।

विभाग ने कहा, आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 7 करोड़ से अधिक आईटीआर पहले ही दाखिल किए जा चुके हैं। इसके साथ ही पात्र करदाताओं को अंतिम समय का इंतजार न करने और जल्द से जल्द रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी गई है।

आयकर विभाग ने अपने पोस्ट में कहा, 31 अगस्त 2026 आकलन वर्ष 2026-27 के लिए उन करदाताओं की आईटीआर दाखिल करने की नियत तिथि है, जिनकी व्यवसाय या पेशेवर आय है और जिन पर ऑडिट लागू नहीं होता। अंतिम समय तक प्रतीक्षा न करें और अपना रिटर्न आज ही दाखिल करें।

विभाग की यह अपील ऐसे समय में आई है जब गैर-ऑडिट श्रेणी के व्यवसायी और पेशेवर करदाताओं के लिए निर्धारित अंतिम तिथि नजदीक आ रही है।

आमतौर पर अंतिम दिनों में पोर्टल पर अधिक ट्रैफिक और तकनीकी दबाव देखने को मिलता है, इसलिए विभाग समय रहते रिटर्न दाखिल करने पर जोर दे रहा है।

इससे पहले जुलाई में आयकर विभाग ने जानकारी दी थी कि 31 जुलाई 2026 की समयसीमा तक 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए गए थे। उस समय विभाग ने करदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा था कि समय पर अनुपालन और करदाताओं का भरोसा देश के विकास को गति प्रदान करता है।

विभाग के अनुसार, 31 जुलाई की अंतिम तिथि वाले दिन ही 40 लाख से अधिक रिटर्न दाखिल किए गए थे। यह उन व्यक्तिगत करदाताओं और संस्थाओं के लिए निर्धारित समयसीमा थी, जिन्हें खातों का ऑडिट कराने की आवश्यकता नहीं थी।

नवीनतम आंकड़े दिखाते हैं कि जुलाई की समयसीमा के बाद भी बड़ी संख्या में व्यवसाय और पेशेवर आय वाले करदाताओं ने अपने रिटर्न दाखिल किए हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 7 करोड़ के पार पहुंच गई है। आयकर विभाग का मानना है कि डिजिटल प्रणाली और ऑनलाइन फाइलिंग सुविधाओं के विस्तार से कर अनुपालन में लगातार सुधार हो रहा है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

Explainer: 2 घंटे की लिमिट, रात में बैन... अमेरिका में Gen-Z और Gen Alpha के लिए बदलने जा रहे Facebook-Instagram के नियम, भारत पर क्या पड़ेगा असर?

Meta New Rules For Teens: दुनिया का टॉप सोशल मीडिया कंपनी मेटा अमेरिका में अपने नियम बदलने जा रही है. खासकर युवाओं के यूज करने के नियमों में अब बदलाव होगा. नई पॉलिसी में 2 घंटे की लिमिट, रात में तय समय तक बैन, स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन बंद जैसे नियम बदलने जा रहे हैं. ऐसा अमेरिका के सभी राज्यों में चल रहे मुकदमे की वजह से हो रहा है. राज्यों ने मेटा पर बच्चों और किशोरों में सोशल मीडिया की लत लगाने का आरोप लगाया था. 

अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी Meta को बच्चों और किशोरों से जुड़े मामलों में बड़ा झटका लगा है. कंपनी ने अमेरिका में चल रहे मुकदमों को खत्म करने के लिए लगभग सभी राज्यों के साथ समझौता किया है. इसके तहत Meta को अगले 10 साल में 18 अरब डॉलर तक का भुगतान करना पड़ सकता है. मामला फेसबुक और इंस्टाग्राम के इस्तेमाल से जुड़ा है. राज्यों का आरोप है कि Meta ने इन प्लेटफॉर्म्स को इस तरह डिजाइन किया कि बच्चे और किशोर लंबे समय तक इनका इस्तेमाल करें और सोशल मीडिया की आदत के शिकार हो जाएं. 

गुमराह करने का भी लगा आरोप

कंपनी पर यह भी आरोप लगाया गया कि उसने अपने प्लेटफॉर्म के बच्चों पर पड़ने वाले संभावित असर और उनकी सुरक्षा को लेकर लोगों को गुमराह किया. समझौते के तहत किशोरों के फेसबुक और इंस्टाग्राम इस्तेमाल पर कई नई पाबंदियां लगाए जाने की बात सामने आई है. यह समझौता Meta के लिए सिर्फ आर्थिक झटका नहीं, बल्कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर उसकी नीतियों पर भी बड़ा सवाल माना जा रहा है.

यह भी पढ़ें: Meta 18 अरब डॉलर चुकाने को तैयार, बच्चों और युवाओं के लिए की थी ये 'साजिश'

किशोरों के लिए नया नियम, रात में Facebook-Instagram पर लगेगा ब्रेक

Meta ने किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को सीमित करने के लिए कई बड़े बदलावों पर सहमति जताई है. नए नियमों के तहत किशोर Facebook और Instagram का इस्तेमाल रोजाना अधिकतम दो घंटे ही कर सकेंगे. इसके अलावा माता-पिता की अनुमति के बिना रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक किशोरों के लिए इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पूरी तरह बंद रहेगा. अगर Snapchat, TikTok और YouTube जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी इसी तरह के नियम लागू करते हैं, तो इन पाबंदियों को और सख्त किया जा सकता है.

स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन बंद 

Meta स्कूल के समय यानी सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक किशोर यूजर्स के लिए ज्यादातर पुश नोटिफिकेशन भी बंद करेगा. कंपनी बच्चों को उम्र के हिसाब से प्रतिबंधित कंटेंट तक पहुंचने से रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू करेगी. इन बदलावों का मकसद किशोरों के स्क्रीन टाइम को कम करना और उन्हें सोशल मीडिया के संभावित नकारात्मक प्रभावों से बचाना है.

समझौते में टारगेटेड विज्ञापन और पर्सनलाइज्ड कंटेंट पर रोक नहीं

अमेरिका में हुए समझौते के बावजूद Meta को अपनी पर्सनलाइज्ड कंटेंट रिकमेंडेशन और टारगेटेड विज्ञापन व्यवस्था बंद नहीं करनी होगी. समझौते में उन कुछ कंटेंट को लेकर भी कोई खास प्रावधान नहीं है, जिन्हें Meta के अपने शोधकर्ताओं ने किशोरों के लिए चिंता का विषय माना था. इनमें ऐसे Instagram पोस्ट भी शामिल हैं, जिनसे यूजर्स में अपनी शारीरिक बनावट को लेकर असहजता या नकारात्मक भावना पैदा होने की बात सामने आई थी.

वहीं, समझौते पर सहमति जताते हुए Meta ने किसी भी तरह की गलती या गलत काम करने से इनकार किया है. कंपनी के लिए तय की गई भुगतान राशि भी उसके कारोबार के मुकाबले बहुत बड़ी नहीं है. कुल रकम Meta के करीब तीन से चार महीने के मुनाफे या लगभग एक महीने के राजस्व के बराबर बताई जा रही है. यानी एक तरफ कंपनी को किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर कई नए नियम मानने होंगे, वहीं दूसरी तरफ उसके विज्ञापन और कंटेंट रिकमेंडेशन सिस्टम पर सीधे तौर पर कोई बड़ी रोक नहीं लगाई गई है.

यह भी पढ़ें: बढ़ेगी इंफ्लुएंसर्स की Reach और कमाई? Meta की माफी और सरकार की बैठक... एल्गोरिदम पर बड़ा सवाल?

क्या बोली कंपनी?

कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क स्थित कंपनी मेटा ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि हमारे प्लेटफॉर्म पर किशोरों को सुरक्षित और उपयोगी अनुभव प्रदान करना मेटा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. हम माता-पिता और किशोरों दोनों के लिए इसे सही तरीके से करना चाहते हैं. मेटा के शेयरों में 4.1% तक की वृद्धि हुई और अंत में 1.1% की बढ़त के साथ कारोबार बंद हुआ.

मानसिक स्वास्थ्य संकट

सोशल मीडिया कंपनियों को अभी भी संघीय और राज्य अदालतों में हजारों मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें व्यक्ति, स्कूल जिले, नगरपालिकाएं और अन्य सरकारी संस्थाएं शामिल हैं. इन कंपनियों का आरोप है कि कंपनियों ने जानबूझकर बच्चों को नशे का आदी बनाने की कोशिश की और मानसिक स्वास्थ्य संकट पैदा किया, जिसमें चिंता, अवसाद और आत्महत्या जैसी समस्याएं शामिल हैं. गोंजालेज रोजर्स इनमें से कई मामलों की देखरेख करते हैं.

भारत में भी Meta पर सवाल, कंटेंट और एल्गोरिदम पर विवाद

अमेरिका में किशोरों की सुरक्षा को लेकर Meta के खिलाफ हुए करीब 17-18 अरब डॉलर के समझौते के बाद भारत में भी कंपनी की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं. भारत में विवाद मुख्य रूप से Instagram पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSAM) और एल्गोरिदम की कमियों को लेकर है.

Instagram पर आपत्तिजनक कंटेंट को बढ़ावा देने का आरोप

BBC की एक जांच में दावा किया गया कि भारत में Instagram का एल्गोरिदम यूजर्स को बिना सर्च किए भी यौन रूप से आपत्तिजनक कंटेंट की ओर ले जा रहा था. रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि Instagram के पेड विज्ञापन सिस्टम ने ऐसे विज्ञापनों को मंजूरी दी, जो कथित तौर पर CSAM को बढ़ावा दे रहे थे और यूजर्स को Telegram के अवैध चैनलों तक पहुंचा रहे थे. मामले को गंभीरता से लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने जुलाई 2026 में Meta को चेतावनी और समन जारी किया.

मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी

इस मामले और डीपफेक कंटेंट को लेकर Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से माफी मांगी. Meta ने यह भी माना कि उसके सिस्टम की कमियों के कारण कुछ आपत्तिजनक कंटेंट को पैसे देकर ज्यादा लोगों तक पहुंचाया गया. 

Meta का Safe Harbour खतरे में

भारत सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर Meta बच्चों से जुड़े खतरनाक और अवैध कंटेंट को रोकने में नाकाम रहता है तो कंपनी को मिलने वाला Safe Harbour कानूनी संरक्षण खत्म हो सकता है. ऐसे में प्लेटफॉर्म पर मौजूद अवैध कंटेंट के लिए Meta की कानूनी जिम्मेदारी बढ़ सकती है.

भारत सरकार का अगला कदम

भारत सरकार अब बच्चों की उम्र के हिसाब से (8-12 साल, 12-16 साल और 16-18 साल) के लिए अलग-अलग कड़े सोशल मीडिया नियम लागू करने की तैयारी में है. इसमें कड़ा पैरेंटल कंट्रोल (अभिभावकों की अनुमति) और स्क्रीन टाइम लिमिट शामिल हो सकती है.

यह भी पढ़ें: Meta ने PM मोदी से मांगी माफी, Facebook से छात्रों को संबोधन वाली वीडियो पोस्ट हटाने की बताई वजह

Continue reading on the app

  Sports

सुनील नरेन ने 6 सिक्स लगाकर CPL में मचाया तहलका, ट्रिनबैगो नाइट राइडर्स को दिलाई रोमांचक जीत

कैरेबियन प्रीमियर लीग 2026 के 19वें मैच में सुनील नरेन ने बैटिंग और बॉलिंग दोनों में धूम मचा दी. सुनील नरेन ने बारबाडोस ट्राइडेंट्स के खिलाफ पहले गेंदबाजी में 2 विकेट अपने नाम किए. उसके बाद पारी की शुरुआत करते हुए 33 गेंद में 55 रन कूट कर अपनी टीम ट्रिनबैगो नाइटराइडर्स को लो स्कोरिंग मैच में रोमांचक जीत दिलाई. Sat, 29 Aug 2026 10:10:27 +0530

  Videos
See all

Breaking News : नेपाल में त्रासदी के 70 घंटे बाद भी खौफ बाकी! | Nepal Flash Flood | China #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-29T03:39:13+00:00

Desh Ki Pathshala: China की हरकत से फिर आने वाली है Nepal में तबाही? | Flood Update | Sushant Sinha #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-29T03:38:16+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers