Explainer: 2 घंटे की लिमिट, रात में बैन... अमेरिका में Gen-Z और Gen Alpha के लिए बदलने जा रहे Facebook-Instagram के नियम, भारत पर क्या पड़ेगा असर?
Meta New Rules For Teens: दुनिया का टॉप सोशल मीडिया कंपनी मेटा अमेरिका में अपने नियम बदलने जा रही है. खासकर युवाओं के यूज करने के नियमों में अब बदलाव होगा. नई पॉलिसी में 2 घंटे की लिमिट, रात में तय समय तक बैन, स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन बंद जैसे नियम बदलने जा रहे हैं. ऐसा अमेरिका के सभी राज्यों में चल रहे मुकदमे की वजह से हो रहा है. राज्यों ने मेटा पर बच्चों और किशोरों में सोशल मीडिया की लत लगाने का आरोप लगाया था.
अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी Meta को बच्चों और किशोरों से जुड़े मामलों में बड़ा झटका लगा है. कंपनी ने अमेरिका में चल रहे मुकदमों को खत्म करने के लिए लगभग सभी राज्यों के साथ समझौता किया है. इसके तहत Meta को अगले 10 साल में 18 अरब डॉलर तक का भुगतान करना पड़ सकता है. मामला फेसबुक और इंस्टाग्राम के इस्तेमाल से जुड़ा है. राज्यों का आरोप है कि Meta ने इन प्लेटफॉर्म्स को इस तरह डिजाइन किया कि बच्चे और किशोर लंबे समय तक इनका इस्तेमाल करें और सोशल मीडिया की आदत के शिकार हो जाएं.
गुमराह करने का भी लगा आरोप
कंपनी पर यह भी आरोप लगाया गया कि उसने अपने प्लेटफॉर्म के बच्चों पर पड़ने वाले संभावित असर और उनकी सुरक्षा को लेकर लोगों को गुमराह किया. समझौते के तहत किशोरों के फेसबुक और इंस्टाग्राम इस्तेमाल पर कई नई पाबंदियां लगाए जाने की बात सामने आई है. यह समझौता Meta के लिए सिर्फ आर्थिक झटका नहीं, बल्कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर उसकी नीतियों पर भी बड़ा सवाल माना जा रहा है.
यह भी पढ़ें: Meta 18 अरब डॉलर चुकाने को तैयार, बच्चों और युवाओं के लिए की थी ये 'साजिश'
किशोरों के लिए नया नियम, रात में Facebook-Instagram पर लगेगा ब्रेक
Meta ने किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को सीमित करने के लिए कई बड़े बदलावों पर सहमति जताई है. नए नियमों के तहत किशोर Facebook और Instagram का इस्तेमाल रोजाना अधिकतम दो घंटे ही कर सकेंगे. इसके अलावा माता-पिता की अनुमति के बिना रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक किशोरों के लिए इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पूरी तरह बंद रहेगा. अगर Snapchat, TikTok और YouTube जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी इसी तरह के नियम लागू करते हैं, तो इन पाबंदियों को और सख्त किया जा सकता है.
स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन बंद
Meta स्कूल के समय यानी सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक किशोर यूजर्स के लिए ज्यादातर पुश नोटिफिकेशन भी बंद करेगा. कंपनी बच्चों को उम्र के हिसाब से प्रतिबंधित कंटेंट तक पहुंचने से रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू करेगी. इन बदलावों का मकसद किशोरों के स्क्रीन टाइम को कम करना और उन्हें सोशल मीडिया के संभावित नकारात्मक प्रभावों से बचाना है.
समझौते में टारगेटेड विज्ञापन और पर्सनलाइज्ड कंटेंट पर रोक नहीं
अमेरिका में हुए समझौते के बावजूद Meta को अपनी पर्सनलाइज्ड कंटेंट रिकमेंडेशन और टारगेटेड विज्ञापन व्यवस्था बंद नहीं करनी होगी. समझौते में उन कुछ कंटेंट को लेकर भी कोई खास प्रावधान नहीं है, जिन्हें Meta के अपने शोधकर्ताओं ने किशोरों के लिए चिंता का विषय माना था. इनमें ऐसे Instagram पोस्ट भी शामिल हैं, जिनसे यूजर्स में अपनी शारीरिक बनावट को लेकर असहजता या नकारात्मक भावना पैदा होने की बात सामने आई थी.
वहीं, समझौते पर सहमति जताते हुए Meta ने किसी भी तरह की गलती या गलत काम करने से इनकार किया है. कंपनी के लिए तय की गई भुगतान राशि भी उसके कारोबार के मुकाबले बहुत बड़ी नहीं है. कुल रकम Meta के करीब तीन से चार महीने के मुनाफे या लगभग एक महीने के राजस्व के बराबर बताई जा रही है. यानी एक तरफ कंपनी को किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर कई नए नियम मानने होंगे, वहीं दूसरी तरफ उसके विज्ञापन और कंटेंट रिकमेंडेशन सिस्टम पर सीधे तौर पर कोई बड़ी रोक नहीं लगाई गई है.
यह भी पढ़ें: बढ़ेगी इंफ्लुएंसर्स की Reach और कमाई? Meta की माफी और सरकार की बैठक... एल्गोरिदम पर बड़ा सवाल?
क्या बोली कंपनी?
कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क स्थित कंपनी मेटा ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि हमारे प्लेटफॉर्म पर किशोरों को सुरक्षित और उपयोगी अनुभव प्रदान करना मेटा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. हम माता-पिता और किशोरों दोनों के लिए इसे सही तरीके से करना चाहते हैं. मेटा के शेयरों में 4.1% तक की वृद्धि हुई और अंत में 1.1% की बढ़त के साथ कारोबार बंद हुआ.
मानसिक स्वास्थ्य संकट
सोशल मीडिया कंपनियों को अभी भी संघीय और राज्य अदालतों में हजारों मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें व्यक्ति, स्कूल जिले, नगरपालिकाएं और अन्य सरकारी संस्थाएं शामिल हैं. इन कंपनियों का आरोप है कि कंपनियों ने जानबूझकर बच्चों को नशे का आदी बनाने की कोशिश की और मानसिक स्वास्थ्य संकट पैदा किया, जिसमें चिंता, अवसाद और आत्महत्या जैसी समस्याएं शामिल हैं. गोंजालेज रोजर्स इनमें से कई मामलों की देखरेख करते हैं.
भारत में भी Meta पर सवाल, कंटेंट और एल्गोरिदम पर विवाद
अमेरिका में किशोरों की सुरक्षा को लेकर Meta के खिलाफ हुए करीब 17-18 अरब डॉलर के समझौते के बाद भारत में भी कंपनी की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं. भारत में विवाद मुख्य रूप से Instagram पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSAM) और एल्गोरिदम की कमियों को लेकर है.
Instagram पर आपत्तिजनक कंटेंट को बढ़ावा देने का आरोप
BBC की एक जांच में दावा किया गया कि भारत में Instagram का एल्गोरिदम यूजर्स को बिना सर्च किए भी यौन रूप से आपत्तिजनक कंटेंट की ओर ले जा रहा था. रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि Instagram के पेड विज्ञापन सिस्टम ने ऐसे विज्ञापनों को मंजूरी दी, जो कथित तौर पर CSAM को बढ़ावा दे रहे थे और यूजर्स को Telegram के अवैध चैनलों तक पहुंचा रहे थे. मामले को गंभीरता से लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने जुलाई 2026 में Meta को चेतावनी और समन जारी किया.
मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी
इस मामले और डीपफेक कंटेंट को लेकर Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से माफी मांगी. Meta ने यह भी माना कि उसके सिस्टम की कमियों के कारण कुछ आपत्तिजनक कंटेंट को पैसे देकर ज्यादा लोगों तक पहुंचाया गया.
Meta का Safe Harbour खतरे में
भारत सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर Meta बच्चों से जुड़े खतरनाक और अवैध कंटेंट को रोकने में नाकाम रहता है तो कंपनी को मिलने वाला Safe Harbour कानूनी संरक्षण खत्म हो सकता है. ऐसे में प्लेटफॉर्म पर मौजूद अवैध कंटेंट के लिए Meta की कानूनी जिम्मेदारी बढ़ सकती है.
भारत सरकार का अगला कदम
भारत सरकार अब बच्चों की उम्र के हिसाब से (8-12 साल, 12-16 साल और 16-18 साल) के लिए अलग-अलग कड़े सोशल मीडिया नियम लागू करने की तैयारी में है. इसमें कड़ा पैरेंटल कंट्रोल (अभिभावकों की अनुमति) और स्क्रीन टाइम लिमिट शामिल हो सकती है.
यह भी पढ़ें: Meta ने PM मोदी से मांगी माफी, Facebook से छात्रों को संबोधन वाली वीडियो पोस्ट हटाने की बताई वजह
यश की ‘टॉक्सिक’ ने 2 दिनों में भारत में 149 करोड़ का आंकड़ा किया पार, वर्किंग डे पर भी कर रही शानदार कमाई
रॉकिंग स्टार यश की टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स बॉक्स ऑफिस पर लगातार अपना दम दिखा रही है. फिल्म ने दूसरे दिन भारत में सभी भाषाओं में, अंग्रेजी को छोड़कर, 41 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है. इसके साथ ही गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस फिल्म का दो दिनों का इंडिया नेट कलेक्शन 149 करोड़ पहुंच गया है. यश स्टारर फिल्म ने रिलीज के साथ ही जबरदस्त शुरुआत की है और अब बॉक्स ऑफिस पर इसकी रफ्तार बनी हुई है.
भारत भर में 41 करोड़ का नेट कलेक्शन किया दर्ज
दूसरे दिन की कमाई इसलिए भी खास है क्योंकि यह एक रेगुलर वर्किंग डे था. वीकडे के असर की उम्मीद के बावजूद टॉक्सिक ने भारत भर में 41 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज किया. पहले दिन 108 करोड़ की बड़ी ओपनिंग के बाद दूसरे दिन भी दर्शकों की दिलचस्पी कम नहीं हुई और फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी.
फिल्म को दर्शकों से शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है, खासकर मास सेंटर्स में. यश की बड़ी स्क्रीन प्रेजेंस, धांसू एक्शन सीक्वेंसेस, उनका स्वैग और राया व टिकट के रूप में उनका इंटेंस अंदाज चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है. टॉक्सिक में यश का फ्रेश अवतार दर्शकों से लगातार कनेक्ट कर रहा है, जिसकी वजह से फिल्म ओपनिंग डे के बाद भी अपनी स्पीड बनाए हुए है.
स्टोरीटेलिंग और एम्बिशियस ट्रीटमेंट दर्शकों को अपनी ओर खींच रहा
फिल्म की लेयर्ड स्टोरीटेलिंग और इसका एम्बिशियस ट्रीटमेंट भी दर्शकों को अपनी ओर खींच रहा है. एक कन्वेंशनल गैंगस्टर एक्शन फिल्म से आगे बढ़ते हुए टॉक्सिक परिवार, रिश्तों, महत्वाकांक्षा, ताकत और मानवीय भावनाओं को अपनी बड़ी और अलग दुनिया में पिरोती है. यही वजह है कि दर्शकों को फिल्म में एंटरटेनमेंट के कई लेयर्स मिल रहे हैं.
नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी से सजी एन्सेम्बल कास्ट फिल्म के स्केल को और बड़ा बनाती है. शानदार प्रोडक्शन डिजाइन, म्यूजिक, हाई-ऑक्टेन एक्शन सेट पीसेज और गीतू मोहनदास की खास विजुअल स्टोरीटेलिंग ने फिल्म के थिएट्रिकल एक्सपीरियंस को और भी ग्रैंड बना दिया है.
पहले दो दिनों में भारत में 149 करोड़ की हुई नेट कमाई
पहले दो दिनों में भारत में 149 करोड़ नेट, जिसमें एक रेगुलर वर्किंग डे पर 41 करोड़ की मजबूत कमाई शामिल है, टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स बॉक्स ऑफिस पर पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रही है. अब सभी की नजरें फेस्टिवल वीकेंड पर टिकी हैं, जहां फिल्म का ये टॉक्सिक क्रेज और बड़ा धमाका कर सकता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










