सीएम योगी ने ग्रेटर नोएडा के किसानों दिया बड़ा तोहफा, मुआवजा दर में की भारी बढ़ोतरी
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार सभी वर्ग के लोगों को सौगात दे रहे हैं. अब सीएम योगी ने ग्रेटर नोएडा के किसानों को रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ा तोहफा दिया. दरअसल, प्राधिकरण बोर्ड ने किसानों के मुआवजे और आबादी भूखंड से जुड़े अहम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब मुआवजा दर 4125 रुपये से बढ़ा के 6415 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है. इसके साथ ही करीब 10 साल बाद 6 प्रतिशत आबादी भूखंड देने का प्रावधान फिर लागू किया गया है. जमीन के रजिस्ट्री के समय ही आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र मिलेगा और इसके लिए अलग सेक्टर भी विकसित किए जाएंगे.
ग्रेटर नोएडा के किसानों को रक्षा बंधन का तोहफा
रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेश सरकार ने ग्रेटर नोएडा के किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए किसानों को मिलने वाले मुआवजे में तकरीबन 55% की बढ़ोतरी की है. पहले किसानों को 4125 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा दिया. जिसको बढ़ाकर 6425 प्रति वर्ग मीटर कर दिया है. इस तरीके से 55% के आसपास मुआवजे में इजाफा किया गया है. इसके साथ ही पिछले दिनों किसानों को जमीन देने के बदले जो 6% विकसित भूखंड मिला करता था वो नहीं मिल रहा था उसको भी देने की अभियोजना प्रदेश सरकार द्वारा शामिल कर दी गई है. जिसको लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.
अलग से विकसित किए जाएंगे सेक्टर
बता दें कि किसानों को मिलने वाले भूखंड को लेकर कई बार किसानों की शिकायत रहती थी कि वह लगातार प्राधिकरण के चक्कर लगाते हैं और भूखंड नहीं मिल पाता है. लिहाजा अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा यह प्रावधान किया गया है कि किसानों से जो जमीन ली जाएगी उनको मिलने वाला 6% विकसित भूखंड को देने के लिए अलग से सेक्टर स्थापित किया जाएगा और उस सेक्टर में उनको वो भूखंड दिया जाएगा. इस तरीके से किसानों की मांग पिछले काफी दिनों से लगातार चलती आ रही थी. उन मांगों पर प्रदेश सरकार द्वारा सहमति जताकर उसको बढ़ा दिया गया है.
गांव-गांव जाकर किसानों से बात करेंगे अधिकारी
भूमि अधिग्रह के लिए भी गांव-गांव जाकर प्राधिकरण के अधिकारी हैं, वह किसानों से बातचीत करेंगे और भूमि अधिग्रह की जाएगी ताकि क्षेत्र का विकास किया जा सके. बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां, बड़े उद्योग ग्रेटर नोएडा में स्थापित किए जा सके. फिलहाल रक्षाबंधन के मौके पर ग्रेटर नोएडा के किसानों को प्रदेश सरकार की तरफ से यह बड़ा तोहफा दिया गया है.
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दाखिल किए गए 7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न
नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। आयकर विभाग ने शुक्रवार को बताया कि आकलन वर्ष (एवाई) 2026-27 के लिए अब तक 7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके हैं। विभाग ने व्यवसाय या पेशेवर आय वाले उन करदाताओं से रिटर्न जल्द दाखिल करने की अपील की है, जिन्हें अपने खातों का ऑडिट कराने की आवश्यकता नहीं है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए एक पोस्ट में आयकर विभाग ने कहा कि 31 अगस्त 2026 ऐसे करदाताओं के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से है और जो ऑडिट के दायरे में नहीं आते।
विभाग ने कहा, आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 7 करोड़ से अधिक आईटीआर पहले ही दाखिल किए जा चुके हैं। इसके साथ ही पात्र करदाताओं को अंतिम समय का इंतजार न करने और जल्द से जल्द रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी गई है।
आयकर विभाग ने अपने पोस्ट में कहा, 31 अगस्त 2026 आकलन वर्ष 2026-27 के लिए उन करदाताओं की आईटीआर दाखिल करने की नियत तिथि है, जिनकी व्यवसाय या पेशेवर आय है और जिन पर ऑडिट लागू नहीं होता। अंतिम समय तक प्रतीक्षा न करें और अपना रिटर्न आज ही दाखिल करें।
विभाग की यह अपील ऐसे समय में आई है जब गैर-ऑडिट श्रेणी के व्यवसायी और पेशेवर करदाताओं के लिए निर्धारित अंतिम तिथि नजदीक आ रही है।
आमतौर पर अंतिम दिनों में पोर्टल पर अधिक ट्रैफिक और तकनीकी दबाव देखने को मिलता है, इसलिए विभाग समय रहते रिटर्न दाखिल करने पर जोर दे रहा है।
इससे पहले जुलाई में आयकर विभाग ने जानकारी दी थी कि 31 जुलाई 2026 की समयसीमा तक 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए गए थे। उस समय विभाग ने करदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा था कि समय पर अनुपालन और करदाताओं का भरोसा देश के विकास को गति प्रदान करता है।
विभाग के अनुसार, 31 जुलाई की अंतिम तिथि वाले दिन ही 40 लाख से अधिक रिटर्न दाखिल किए गए थे। यह उन व्यक्तिगत करदाताओं और संस्थाओं के लिए निर्धारित समयसीमा थी, जिन्हें खातों का ऑडिट कराने की आवश्यकता नहीं थी।
नवीनतम आंकड़े दिखाते हैं कि जुलाई की समयसीमा के बाद भी बड़ी संख्या में व्यवसाय और पेशेवर आय वाले करदाताओं ने अपने रिटर्न दाखिल किए हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 7 करोड़ के पार पहुंच गई है। आयकर विभाग का मानना है कि डिजिटल प्रणाली और ऑनलाइन फाइलिंग सुविधाओं के विस्तार से कर अनुपालन में लगातार सुधार हो रहा है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










