S-400 से डरकर बॉर्डर के पास नहीं आए पाकिस्तानी जेट:पूर्व वायुसेना अधिकारी का दावा- स्लीपर सेल से डिफेंस सिस्टम की लोकेशन की जासूसी कराई
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के S-400 डिफेंस सिस्टम की लोकेशन का पता लगाने के लिए पाकिस्तान ने भारत में छिपे स्लीपर सेल की मदद से जासूसी अभियान चलाया था। पूर्व भारतीय वायुसेना अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि पाकिस्तान ने इसके लिए भारत में सक्रिय स्लीपर सेल और जासूसी नेटवर्क समेत हर संभव तरीका इस्तेमाल किया। ANI को दिए इंटरव्यू में मिश्रा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 ने पाकिस्तानी मिसाइलों और हवाई खतरों को हवा में ही नष्ट कर दिया। 2025 में 6-7 मई की रात हुए ऑपरेशन सिंदूर में आतंकवादी संगठन जैश के इस ठिकाने को काफी नुकसान पहुंच था। 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की थी। भारतीय सुरक्षा और कैमुफ्लाज से नाकाम हुई कोशिश मिश्रा ने कहा कि पाकिस्तान S-400 की तैनाती का पता लगाने में सफल नहीं हो सका। भारतीय सुरक्षा व्यवस्था और कैमुफ्लाज तकनीकों ने उसकी कोशिशों को नाकाम कर दिया। S-400 डिफेंस सिस्टम क्या है? S-400 ट्रायम्फ रूस का एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम है, जिसे 2007 में लॉन्च किया गया था। यह सिस्टम फाइटर जेट, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल, ड्रोन और स्टेल्थ विमानों तक को मार गिरा सकता है। यह हवा में कई तरह के खतरों से बचाव के लिए एक मजबूत ढाल की तरह काम करता है। दुनिया के बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में इसकी गिनती होती है। ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया में भारतीय हथियारों की डिमांड बढ़ी ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस, आकाश, लॉयटरिंग म्युनिशन और नेत्र जैसे भारतीय हथियारों के इस्तेमाल के बाद दुनिया में इनकी मांग तेजी से बढ़ी है। कई देशों ने इन्हें खरीदने में रुचि दिखाई है, जबकि कुछ के साथ हजारों करोड़ रुपए के सौदे भी हो चुके हैं। इनकी कीमत 21,000 करोड़ रुपए से अधिक है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो पिछले साल से 62% ज्यादा है। ब्रह्मोस के लिए फिलीपींस, वियतनाम और दो अन्य देशों से करीब 12,500 करोड़ रुपए के सौदे हो चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें… -------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश हेडक्वार्टर दोबारा तैयार:रिपोर्ट- बहलावलपुर में मरकज सुभानअल्लाह के गुंबद की मरम्मत, नया संगमरमर और प्लास्टर लगा ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मरकज सुभानअल्लाह हेडक्वार्टर तबाह कर दिया था। अब यह फिर से बनकर तैयार हो गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसके री-कंस्ट्रक्शन में 15 महीने लगे। पूरी खबर पढ़ें…
कानपुर में घर का आंगन धंसा, लड़की अंदर गिरी:20 फीट गहरा गड्ढा हुआ, 60 जवान रेस्क्यू के लिए बगल में कर रहे खुदाई
कानपुर में शुक्रवार सुबह घर का आंगन अचानक 20 फीट धंस गया। इसमें 18 साल की लड़की गिर गई। घर में चीख-पुकार मच गई। बड़ी बहन ने देखा तो उसने मां-बाप, भाई-बहन को बुलाया। उन्होंने रस्सी डालकर निकालने की कोशिश की। लेकिन, इतनी देर में मिट्टी और धंस गई और लड़की अंदर चली गई। वह दिखना बंद हो गई। घटना शुक्रवार सुबह 6:40 बजे की है। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने देखा कि गड्ढे के अंदर उतरना मुमकिन नहीं था, वह और धंस सकता था। इसलिए बगल में एक और गड्ढा खोदकर लड़की तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। दोपहर 2 बजे तक करीब 12 फीट तक खुदाई हो चुकी है। रेस्क्यू में NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड के करीब 60 जवान लगे हैं। परिजनों के मुताबिक, करीब तीन साल पहले घर के अंदर बोरिंग कराई गई थी। वहां पानी नहीं निकला तो दूसरी जगह बोरिंग कराई गई। आशंका है कि उसी बोरिंग के कारण बारिश के बाद जमीन कमजोर हुई और धंस गई। मामला जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव का है। लड़की का नाम यशी सविता है। वह पिता विनोद, मां रेखा देवी, 3 बहनों- रुचि, रूपा, अनुपमा और भाई भास्कर उर्फ अमित के साथ घर में रहती है। टीम ने गड्ढे में आवाज लगाई, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। अफसरों का कहना है कि मिट्टी गिली थी, इसलिए लड़की काफी अंदर चली गई है। वह किस हालात में है। जिंदा है या नहीं? कहना मुश्किल है। देखिए तस्वीरें… रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी अपडेट जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए….
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