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पीएम मोदी ने स्कूली बच्चियों के साथ मनाया रक्षाबंधन, Instagram पर शेयर किया दिल छू लेने वाला Video

PM Modi Rakshabandhan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार (28 अगस्त)  को 7 लोककल्याण मार्ग पर स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया. इस अवसर पर स्कूली बच्चियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कलाई पर राखी बांधीं. पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो भी साझा किया. जिसमें पीएम मोदी स्कूली बच्चों से राखी बंधवाते और उनसे बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं. बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने रक्षाबंधन के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं और सभी की खुशहाली और समृद्धि की कामना की.

पीएम मोदी ने शेयर की तस्वीरें

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी कुछ तस्वीरें साझा की. जिसमें पीएम मोदी स्कूली बच्चियों और छात्राओं से अपनी कलाई पर राखी बंधवाते हुए नजर आ रहे हैं. इसके साथ ही पीएम मोदी बच्चों से बातचीत करने भी नजर आ रहे हैं. पीएम मोदी ने तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "7, लोक कल्याण मार्ग पर रक्षा बंधन के जश्न की कुछ यादगार झलकियां, यह त्योहार स्नेह और सद्भाव के बंधन को और मजबूत करे. यह सभी के लिए खुशियां और समृद्धि लाए.

 

पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर साझा किया वीडियो

प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर स्कूली बच्चों और छात्रों के साथ रक्षाबंधन के अवसर पर राखी बंधवाने के बाद पीएम मोदी ने बच्चों से बातचीत भी की. जिसकी  एक वीडियो क्लिप पीएम मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा की. पीएम मोदी वीडियो साझा करते हुए कैप्शन में लिखा, 7, LKM में आज रक्षाबंधन के जश्न के दौरान हाई-फ़ाइव, मुस्कान और बहुत कुछ.

छोटी बच्ची ने पूछा पीएम मोदी से सवाल

प्रधानमंत्री आवास पर स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन का जश्न मनाते हुए पीएम मोदी ने उनसे बातचीत की. इस दौरान स्कूली बच्चियां काफी खुश नजर आईं. इसी दौरान एक छोटी बच्ची ने पीएम मोदी से एक ऐसे सवाल पूछा जिसे सुनकर पीएम मोदी ने बड़ी शालीनता से जवाब दिया. छोटी बच्ची ने पीएम मोदी ने पूछा आपका बचपन का सपना क्या था, इस पर पीएम मोदी ने जवाब दिया आप लोगों से मिलने का. ये सुनकर सभी बच्चियां खिलखिला कर हंसने लगी.

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

इससे पहले शुक्रवार सुबह पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें देशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "रक्षाबंधन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सफलता लेकर आए. स्नेह, अपनत्व और आपसी विश्वास की डोर सदैव अटूट बनी रहे, यही कामना है."

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एआई को आकार देने में भारतीयों का बड़ा योगदान, मगर भारत की स्थिति अच्‍छी नहीं : सैम पित्रोदा

न्यूयॉर्क, 28 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में भारत ने बहुत कम प्रगति की है, जबकि इस तकनीक को विकसित करने में भारतीय विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि एआई का इस्तेमाल देश की अदालतों, शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि क्षेत्र की समस्याओं को हल करने के लिए किया जाना चाहिए।

आईएएनएस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में पित्रोदा ने कहा, मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है, लेकिन एआई के मामले में भारत अच्छी स्थिति में नहीं है। हालांकि भारतीय लोग एआई के क्षेत्र में अच्छी स्थिति में हैं। ये दोनों अलग बातें हैं।

उन्होंने कहा, बहुत से भारतीय एआई को आकार दे रहे हैं। लेकिन एक देश के तौर पर हमने बहुत कम प्रगति की है। हमारे पास एआई पर कोई स्पष्ट नीति नहीं है। कोई दिशा नहीं है। हमने शासन व्यवस्था में एआई का उपयोग नहीं किया है।

भारत में दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी के विस्तार में अहम भूमिका निभाने वाले पित्रोदा ने कहा कि एआई की सफलता का असली मापदंड यह होना चाहिए कि इससे आम लोगों की समस्याएं कितनी हल होती हैं।

उन्होंने अदालतों में लंबित करोड़ों मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि एआई इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।

उन्होंने कहा, क्या मैं एआई का उपयोग अपने अदालतों के मामलों को निपटाने के लिए कर सकता हूं? अगर एआई के जरिए अदालतों के मामलों को सुलझाने के लिए कोई विशेष तकनीकी मिशन शुरू किया जाए और वह सफल हो जाए, तो मुझे बहुत खुशी होगी।

पित्रोदा ने कहा कि सिर्फ वित्तीय बाजारों या पश्चिमी देशों की समस्याओं के समाधान के लिए एआई विकसित करना पर्याप्त नहीं है। भारत को अपनी सामाजिक और आर्थिक जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा, पश्चिमी देशों की समस्याओं, बैंकिंग या शेयर बाजार के लिए एआई बनाना ठीक है, लेकिन यह मुझे ज्यादा आकर्षित नहीं करता। सवाल यह है कि एआई हमारी शिक्षा को कैसे बेहतर बनाएगा? हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था को कैसे मजबूत करेगा? क्या एआई स्वास्थ्य सेवाओं की लागत कम कर सकता है? हमारे किसानों की मदद कैसे कर सकता है? यही असली मुद्दे हैं।

पित्रोदा ने इस विचार को भी खारिज किया कि भारत की जरूरतों के लिए विकसित तकनीक की वैश्विक उपयोगिता सीमित होगी।

उन्होंने कहा क‍ि जब आप भारत के लिए कुछ बनाते हैं, तो वह दुनिया के लिए भी उपयोगी बन सकता है। आज हर उत्पाद वैश्विक उत्पाद है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस समस्या का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने फिर अदालतों में लंबित मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि लैटिन अमेरिका सहित कई देशों में भी ऐसी ही चुनौतियां मौजूद हैं। इसलिए भारत के लिए बनाए गए समाधान दूसरे विकासशील देशों के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।

पित्रोदा ने स्वदेशी तकनीकी विकास का भी समर्थन किया और भारत के शुरुआती तकनीकी प्रयासों को याद किया। उन्होंने कहा क‍ि मैं निश्चित रूप से स्वदेशी विकास का समर्थन करता हूं। हमने सी-डॉट में ऐसा किया। हमने सी-डैक में ऐसा किया। यह करीब 45 साल पहले की बात है।

उनके अनुसार, इन प्रयासों ने वह मानव संसाधन तैयार किया जिसने बाद में भारत के आईटी क्षेत्र को मजबूती दी।

उन्होंने कहा, हमने मानव क्षमता विकसित की। वही क्षमता आज हमारे काम आ रही है। आईटी क्षेत्र में 70 लाख नौकरियां पैदा हुईं। कम से कम 70 लाख परिवार गरीबी से बाहर निकले। आईटी के क्षेत्र में भारत को वैश्विक पहचान मिली। यह सब भारतीय प्रतिभा की वजह से हुआ।

पित्रोदा ने कहा कि भारत को अपनी प्रतिभा का उपयोग गरीब और विकासशील देशों की समस्याओं के समाधान के लिए करना चाहिए, न कि केवल अमीर देशों की व्यावसायिक जरूरतों के लिए।

उन्होंने कहा क‍ि हमें गरीबों की समस्याओं का समाधान करना होगा। मैं पिछले 40 वर्षों से कहता आया हूं कि दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली लोग अमीरों की समस्याएं हल करने में लगे हैं, जबकि वास्तव में उनके पास कोई बड़ी समस्या नहीं है। इसका नतीजा यह है कि गरीबों की समस्याओं को वह ध्यान नहीं मिल पाता जिसकी उन्हें जरूरत है।

दूरसंचार इंजीनियर और नीति निर्माता पित्रोदा, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल के दौरान भारत में टेलीमैटिक्स विकास केंद्र (सी-डॉट) की स्थापना और सार्वजनिक दूरसंचार के विस्तार से व्यापक रूप से जुड़े हुए हैं। बाद में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय ज्ञान आयोग का नेतृत्व किया।

--आईएएनएस

एवाई/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

WCPL 2026: कैरेबियन लीग में Team India की 4 महिला खिलाड़ियों का जलवा, Pooja Vastrakar समेत दिग्गजों की एंट्री

महिला क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए कैरेबियाई क्षेत्र से अच्छी खबर है। महिला कैरेबियन प्रीमियर लीग के 2026 सत्र में भारत की चार प्रमुख खिलाड़ी विदेशी धरती पर अपना दम दिखाती नजर आएंगी। पूजा वस्त्राकर, किरण नवगिरे, यास्तिका भाटिया और शिखा पांडे को अलग-अलग टीमों ने अपने साथ जोड़ा है। सभी टीमों ने विदेशी खिलाड़ियों की सूची की पुष्टि कर दी है।

मौजूदा जानकारी के अनुसार, भारतीय खिलाड़ियों में सबसे बड़ा नाम पूजा वस्त्राकर का है। उन्हें मौजूदा विजेता बारबाडोस ट्राइडेंट्स ने अपनी टीम में शामिल किया है। पूजा ने हाल ही में महिला प्रीमियर लीग के 2026 सत्र में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से कुछ मुकाबले खेले थे। बारबाडोस की टीम में पूजा के अलावा भारत की किरण नवगिरे और न्यूजीलैंड की मैडी ग्रीन तथा सूजी बेट्स भी शामिल हैं।

किरण नवगिरे अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती हैं और बारबाडोस के बल्लेबाजी क्रम को अतिरिक्त मजबूती दे सकती हैं। वहीं, सूजी बेट्स का अनुभव टीम के लिए अहम होगा। मैडी ग्रीन भी न्यूजीलैंड की अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं।

त्रिनबागो नाइट राइडर्स ने भारत की शिखा पांडे और यास्तिका भाटिया को अपनी टीम में जगह दी है। शिखा इससे पहले भी इस प्रतियोगिता में त्रिनबागो की ओर से खेल चुकी हैं और अब वह एक बार फिर टीम का हिस्सा होंगी। यास्तिका पहली बार महिला कैरेबियन प्रीमियर लीग में खेलती दिखाई देंगी। त्रिनबागो की विदेशी सूची में दक्षिण अफ्रीका की मरिजाने कैप और ऑस्ट्रेलिया की लॉरा हैरिस तथा मैडलीन पेन्ना भी शामिल हैं।

इस सत्र में नई टीम जमैका एक्सप्रेस भी मैदान पर उतरेगी। उसने ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग, आयरलैंड की एमी हंटर, दक्षिण अफ्रीका की नोंकू म्लाबा, पाकिस्तान की सैयदा आरूब शाह और न्यूजीलैंड की रोजमेरी मैर को टीम में शामिल किया है। मेग लैनिंग के लिए यह प्रतियोगिता में पदार्पण होगा। लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव के बावजूद वह पहली बार महिला कैरेबियन प्रीमियर लीग का हिस्सा बनेंगी।

गुयाना अमेजन वॉरियर्स ने दक्षिण अफ्रीका की चार खिलाड़ियों ताजमिन ब्रिट्स, नादिन डी क्लर्क, क्लो ट्रायॉन और शबनिम इस्माइल को चुना है। ऑस्ट्रेलिया की एरिन बर्न्स भी टीम में शामिल हैं। एरिन ने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला करीब सात साल पहले खेला था। ताजमिन ब्रिट्स इस टीम की ऐसी विदेशी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इससे पहले इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया है।

गौरतलब है कि महिला कैरेबियन प्रीमियर लीग का 2026 सत्र 5 सितंबर से शुरू होगा और खिताबी मुकाबला 17 सितंबर को खेला जाएगा। इस बार प्रतियोगिता के सभी मुकाबले बारबाडोस के केंसिंग्टन ओवल में आयोजित होंगे। भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी से टूर्नामेंट को भारत में भी अतिरिक्त दर्शक रुचि मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर पूजा वस्त्राकर, किरण नवगिरे, शिखा पांडे और यास्तिका भाटिया के प्रदर्शन पर प्रशंसकों की नजरें टिकी रहेंगी।
Fri, 28 Aug 2026 22:42:00 +0530

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