Rani Laxmibai Scooty Yojana: छात्राओं को मिलेगी स्कूटी, 4 लीटर पेट्रोल भी फ्री; जानें कौन ले सकता है लाभ
Rani Laxmibai Scooty Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और कॉलेज व विश्वविद्यालय तक उनकी आवाजाही आसान बनाने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लागू की है. योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण करने वाली मेधावी छात्राओं में से निर्धारित मानकों के आधार पर चयन किया जाएगा. खास बात यह है कि चयनित छात्राओं को केवल स्कूटी ही नहीं मिलेगी, बल्कि इसके साथ चार लीटर पेट्रोल और कई जरूरी सुविधाएं भी पैकेज में शामिल होंगी.
टॉप 5 फीसदी छात्राओं का होगा चयन
योजना का लाभ उच्च शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले पात्र संस्थानों की मेधावी छात्राओं को दिया जाएगा. इसमें राज्य विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय, उनसे संबद्ध राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेज तथा अन्य पात्र संस्थान शामिल हैं.
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं में से टॉप पांच प्रतिशत छात्राओं को योजना के लिए चयनित किया जाएगा. संबंधित विश्वविद्यालय पात्र छात्राओं का रिकॉर्ड तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करेंगे. इसके बाद निर्धारित मानकों के अनुसार अंतिम चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
स्कूटी के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की खासियत इसका पूरा पैकेज है. चयनित छात्राओं को स्कूटी के साथ चार लीटर पेट्रोल दिया जाएगा. इसके अलावा स्कूटी के पैकेज में पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, आईएसआई मार्क हेलमेट और आवश्यक एक्सेसरीज भी शामिल रहेंगी. इससे छात्राओं को स्कूटी मिलने के बाद शुरुआती खर्च को लेकर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा.
कौन-कौन छात्राएं होंगी पात्र?
योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है. इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए.
सामान्य मेधावी छात्राओं के अलावा बलिदानी परिवारों की छात्राएं, दिव्यांग छात्राएं और निराश्रित छात्राएं भी योजना के दायरे में हैं. इन विशेष श्रेणियों के लिए निर्धारित मेरिट से 10 प्रतिशत कम अंक वाली छात्राओं को भी पात्रता देने का प्रावधान किया गया है.
यदि किसी पाठ्यक्रम में अंक की जगह CGPA प्रणाली लागू है, तो पात्रता संबंधित विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार प्राप्त CGPA के आधार पर तय की जाएगी.
विश्वविद्यालय बनाएंगे पात्र छात्राओं की सूची
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं का विवरण संबंधित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से जुटाया जा रहा है. विश्वविद्यालय स्तर पर पात्रता सूची तैयार कर उसे पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा.
सूची पर संबंधित कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के संयुक्त हस्ताक्षर होंगे. इसके बाद जिलाधिकारी पात्र छात्राओं की सूची सार्वजनिक कराएंगे. चयनित छात्राओं को स्कूटी आवंटित करने की जिम्मेदारी भी जिला स्तर पर होगी.
जिलों में समारोह आयोजित कर बांटी जाएगी स्कूटी
सरकार की योजना के अनुसार प्रत्येक जनपद में समारोह आयोजित कर चयनित छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी. इसके लिए जिलों को बजट प्रावधान के अनुसार आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी.
स्कूटी मिलने के बाद छात्राओं से प्राप्ति प्रमाण पत्र लिया जाएगा और संबंधित रिकॉर्ड को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे वितरण प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार रहेगा.
अंतिम फैसला शासन स्तर पर होगा
हालांकि विश्वविद्यालय और जिला स्तर पर पात्रता से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जाएगी, लेकिन छात्राओं का अंतिम चयन शासन स्तर पर किया जाएगा. विश्वविद्यालयों को पात्र छात्राओं की सूची और संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी सूची में ऐसी छात्रा का नाम शामिल है, जिसके परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक है, तो इसकी जानकारी तत्काल संबंधित विश्वविद्यालय को देनी होगी.
उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का उद्देश्य केवल वाहन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने और उनके आवागमन की समस्या कम करना भी है. खासकर उन छात्राओं के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण हो सकती है जिन्हें कॉलेज या विश्वविद्यालय तक पहुंचने में परिवहन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
योजना के तहत मेरिट, पात्रता और दस्तावेजों की जांच के बाद चयन पूरा किया जाएगा. ऐसे में पात्र छात्राओं को अपने विश्वविद्यालय और संबंधित कॉलेज की ओर से जारी सूचनाओं पर नजर रखना जरूरी होगा.
यह भी पढ़ें - नेपाल बाढ़ के बीच यूपी सरकार अलर्ट, फंसे नागरिकों की मदद के लिए 1070 हेल्पलाइन जारी
जनता से सीधे संवाद के लिए 'सबस्टैक' से जुड़ रहे केंद्रीय मंत्री, विस्तार से रख रहे विचार
नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार के मंत्री अब जनता, उद्योग जगत और नीति से जुड़े लोगों से सीधे संवाद के लिए सबस्टैक जैसे स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके जरिए वे सरकारी प्रेस रिलीज और सोशल मीडिया पोस्ट से आगे बढ़कर अपनी योजनाओं और पहलों पर विस्तार से अपने विचार रख रहे हैं।
इस कड़ी में अब केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी जुड़ गए हैं। उन्होंने जापान की अपनी हाल की यात्रा पर अपने विचार अपने सबस्टैक न्यूजलेटर पर शेयर किए हैं।
पीयूष गोयल ने चार दिन, तीन शहर और परिपक्व होता एक रिश्ता शीर्षक से पोस्ट लिखी है। इसमें उन्होंने अपनी यात्रा को बेहद सफल बताया और भारत-जापान साझेदारी के भविष्य को लेकर अपने विचार रखे।
उन्होंने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा, चार दिन, तीन शहर और परिपक्व होता एक रिश्ता। मैंने सबस्टैक पर जापान की अपनी बेहद सफल यात्रा और भारत-जापान साझेदारी के आगे के रास्ते पर कुछ विचार साझा किए हैं।
पीयूष गोयल की यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब भारत और जापान आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने की कोशिश कर रहे हैं। व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई-चेन को मजबूत करना दोनों देशों के बीच बातचीत के मुख्य मुद्दे हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से पहले इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी अपना सबस्टैक न्यूजलेटर शुरू कर चुके हैं। वे इस पर सरकारी नीतियों, टेक्नोलॉजी और भारत के आर्थिक और औद्योगिक विकास के बारे में लिखते हैं।
अश्विनी वैष्णव की हालिया पोस्ट का शीर्षक हम भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम कैसे बना रहे हैं है। इसमें उन्होंने देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने के लिए सरकार के प्रयासों पर फोकस किया है, जिसमें चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और पूरी सप्लाई चेन शामिल है।
सरकार सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के हर हिस्से में क्षमता विकसित करने पर काम कर रही है, जिसमें चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग के साथ-साथ जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और कुशल टैलेंट तैयार करना भी शामिल है।
सबस्टैक के इस्तेमाल से मंत्रियों को पारंपरिक सरकारी संचार माध्यमों से अलग एक सीधा प्लेटफॉर्म मिल रहा है, जहां वे नीतियों और अपने बड़े विजन को ज्यादा विस्तार और बातचीत के अंदाज में समझा सकते हैं।
अश्विनी वैष्णव के न्यूजलेटर को पहले ही सैकड़ों सब्सक्राइबर्स मिल चुके हैं, जो टेक्नोलॉजी और औद्योगिक नीति पर नीति-निर्माताओं की सीधी राय में लोगों की बढ़ती रुचि को दिखाता है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation







