Responsive Scrollable Menu

Irregular Periods और Infertility से पाना है छुटकारा? डाइट में शामिल करें शतावरी का 'Miracle Water'

महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव काफी देखने के मिलते हैं। अक्सर तनाव, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खानपान का सीधा असर पीरियड्स और फर्टिलिटी पर पड़ता है। जिससे पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं, पीएमएस, ज्यादा दर्द या कंसीव करने में परेशानी जैसी दिक्कतों के लिए महिलाओं को आयुर्वेदिक नुस्खों की मदद जरुर लेनी चाहिए। वैसे इनका प्रयोग बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह के नहीं करना चाहिए।
असल में आयुर्वेद में एक ऐसी ही हर्ब है शतावरी। इसे महिलाएं की सेहत और खासकर फर्टिलिटी व पीरियड्स से संबंधित दिक्कतों में काफी फायदेमंद माना जाता है। इसको आप पानी में उबालकर पिएंगी, तो ये पीरियड्स से संबंधित दिक्कतों को दूर करेगा। वहीं कंसीव करने में मदद करेगा और हार्मोन्स को बैलेंस कर सकता है।

पीरियड्स से जुड़ी दिक्कतों में शतावरी के फायदे
 - शतावरी का पानी पीने से हार्मोन्स बैलेंस होते हैं और पीरियड्स नियमित रखते हैं।

 - खासतौर पर उन महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद हैं, जिनके पीरियड्स टाइम पर नहीं आते हैं, उनके लिए इसका पानी काफी फायदेमंद है।

 - शतावरी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, इसका पानी पीने से पीरियड्स के दौरान होने वाला तेज पेट दर्द और ऐंठन काफी राहत देता है।

 - पीरियड्स में होने वाली हैवी ब्लीडिंग को कम करने में इसका पानी मदद कर सकता है।

 - वैसे यह पीएमएस के लक्षण को भी कम करता है। प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के दौरान होने वाले ब्लोटिंग, मूंड स्विंग्स और थकान को यह कम करता है।

फर्टिलिटी सुधारने में शतावरी के फायदे
 - असल में शतावरी ओव्युलेशन को बेहतर करता है और रिप्रोडक्टिव हेल्थ को भी बेहतरीन बनाता है।

- शतावरी एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को संतुलित करती है, जिससे ओव्युलेशन नियमित होता है।

 - वैसे यह तनाव और एंग्जायटी को कम करता है। अक्सर स्ट्रेस भी कंसीव करने में रुकावट पैदा करता है। यह स्ट्रेस के लेवल को कम करता है।

 - इतना ही नहीं, यह यूट्रस को हेल्दी बनाता है, जिससे कंसीव करने की संभावना बढ़ जाए।

 - शतावरी फोलिक एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स और अन्य कई न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं। वैसे यह एग क्वालिटी में सुधार करता है।

शतावरी का पानी कैसे पिएं?
 - इसे पीने के लिए आपको 2 शतावरी स्टिक लेना है।

 - इसको 2 कप पानी में डालकर आधा रह जाने तक उबालें।

 - इसे छानकर गुनगुना ही पिएं।

ध्यान दें कि, शतावरी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। यदि आप किसी हेल्थ कंडीशन से परेशान है, या कोई दवाई ले रही हैं, तो इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरुर लें।

Continue reading on the app

Puja Tips: बिना स्नान किए भूलकर भी न छुएं भगवान की मूर्ति, जानें पूजा से जुड़े जरूरी नियम

Puja Tips: हिंदू धर्म में किसी भी पूजा-पाठ की शुरुआत से पहले स्नान करना एक अनिवार्य नियम माना जाता है। मान्यता है कि बिना स्नान किए भगवान की मूर्ति को छूना या उनकी पूजा करना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे शारीरिक और मानसिक अशुद्धता का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि हर हिंदू घर में सुबह की पूजा शुरू करने से पहले स्नान करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

स्नान को क्यों माना जाता है इतना जरूरी?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पूजा-पाठ को एक अत्यंत पवित्र कार्य माना जाता है, और इसमें भाग लेने वाले व्यक्ति का शरीर और मन दोनों ही शुद्ध होने चाहिए। मान्यता है कि स्नान करने से न सिर्फ शरीर की बाहरी स्वच्छता होती है, बल्कि इससे मन भी शांत और एकाग्र होता है, जो पूजा में पूर्ण श्रद्धा से शामिल होने के लिए आवश्यक माना जाता है। कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि अशुद्ध अवस्था में भगवान की मूर्ति या पूजा सामग्री को स्पर्श करना देवी-देवताओं का अनादर माना जाता है।

किन परिस्थितियों में मूर्ति स्पर्श करना है वर्जित?
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, सोकर उठने के तुरंत बाद, भोजन करने के बाद या शौच आदि से निवृत्त होने के बाद बिना स्नान किए भगवान की मूर्ति को छूना वर्जित माना जाता है। इसके अलावा सूतक या पातक की स्थिति में, यानी परिवार में जन्म या मृत्यु होने पर भी एक निश्चित अवधि तक मूर्ति स्पर्श करने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस दौरान अशुद्धता मानी जाती है।

पूजा से पहले शुद्धिकरण की सही विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्नान करने के बाद स्वच्छ और यथासंभव नए वस्त्र धारण करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि पूजा शुरू करने से पहले हाथों को गंगाजल से शुद्ध करना और मन में भगवान का ध्यान करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। इसके अलावा कुछ परंपराओं में पूजा से पहले आचमन करने, यानी जल की कुछ बूंदें ग्रहण करने की भी प्रथा है, जिसे आंतरिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी है इसका महत्व
धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ पूजा से पहले स्नान करने की इस परंपरा को स्वच्छता और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि स्वच्छ शरीर और वातावरण में की गई पूजा से संक्रमण का खतरा कम होता है, और मन भी अधिक स्थिर व शांत रहता है, जिससे पूजा में एकाग्रता बनाए रखना आसान होता है।

आज भी हर घर में निभाया जाता है यह नियम
समय के साथ भले ही जीवनशैली में कई बदलाव आए हों, लेकिन पूजा से पहले स्नान करने और शुद्धता बनाए रखने की यह परंपरा आज भी अधिकतर हिंदू घरों में उतनी ही श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। बड़े-बुजुर्ग आज भी बच्चों को यह सिखाते नजर आते हैं कि भगवान की पूजा करने से पहले शरीर और मन, दोनों की शुद्धता का ध्यान रखना जरूरी है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक ग्रंथों और लोक-परंपराओं पर आधारित है। Haribhoomi.com इनकी किसी भी तरह की सटीकता या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है।

Continue reading on the app

  Sports

Video: टीम के युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन को कप्तान ने माना भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत

भारतीय क्रिकेट टीम के कोच ने युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की है। एक बल्लेबाज और एक गेंदबाज को भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत बताया। श्रीलंका के खिलाफ हार के बावजूद विपक्षी टीम की तारीफ की और न्यूजीलैंड में आगामी श्रृंखला में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। Fri, 28 Aug 2026 16:15:37 +0530

  Videos
See all

Nepal Flash Flood से बचकर लौटे भारतीय | #nepalflood #sjaishankar #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-28T11:12:03+00:00

दिल्ली मेट्रो में ऐसी भीड़ नहीं देखी होगी ! | Rakshabandhan Crowd in Delhi metro #Shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-28T11:12:10+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers