बस का बैलेंस बिगड़ा,ग्लास टूटने से यात्री ब्रिज से गिरे:राजगढ़ में बेंगलुरु के दो पुलिस इंस्पेक्टर समेत 4 की मौत; 11 घायल, 4 भोपाल रेफर
राजगढ़ के ब्यावरा में भोपाल बायपास ब्रिज पर शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे बड़ा हादसा हो गया। कानपुर से इंदौर जा रही यात्री बस मोड़ पर अनियंत्रित हो गई। बैलेंस बिगड़ने से यात्री संभल नहीं पाए और चार लोग ग्लास टूटने से नीचे गिर गए। हादसे में बेंगलुरु के एक थाना प्रभारी और एक सायबर इंस्पेक्टर 4 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। इनमें 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से बस से यात्रियों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को ब्यावरा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज शुरू किया गया। गंभीर घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद भोपाल रेफर किया गया है। 2 तस्वीरें देखिए… राज्यमंत्री और एसपी अस्पताल पहुंचे गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए भोपाल भेजा गया है। पुलिस मृतकों की पहचान की प्रक्रिया में जुटी है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा। घटना की जानकारी मिलने पर राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार और एसपी अमित तोलानी सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। अधिकारियों ने डॉक्टरों से घायलों के उपचार और उनकी स्थिति की जानकारी ली।
पंजाबी इंफ्लुएंसर को पेड़ से बांधकर जिंदा जलाया:दो साथी बुलाकर ले गए थे; मां बोली- खरड़ पुलिस ने न बयान लिए, न FIR की
पंजाबी इंफ्लुएंसर की हत्या कर दी गई, जिसकी पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि 3 जुलाई की देर रात उसके दो जानकार उसे सेक्टर-34 स्थित शराब के ठेके के पास से गाड़ी में बैठाकर मोरिंडा ले गए थे। वहां उसके साथ मारपीट करने के बाद उसे शहतूत के पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। एक जानकार ने मौके पर पहुंचकर कंबल डालकर आग बुझाई और उसे मोरिंडा अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद मंजीत को मोहाली के मैक्स अस्पताल और फिर 9 जुलाई को पीजीआई रेफर किया गया। करीब एक महीने के इलाज के बाद 5 अगस्त को उसे होश आया और उसने खरड़ पुलिस को बुलाकर बयान दर्ज कराने की इच्छा जताई थी। परिवार का आरोप है कि सूचना के बावजूद खरड़ पुलिस ने समय पर उसके बयान दर्ज नहीं किए। करीब दो महीने के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। अब चंडीगढ़ पुलिस ने मां के बयान पर अपहरण और हत्या का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मृतका की पहचान मंजीत कौर के नाम से हुई, तो सन्नी एंक्लेव में रहती थी, जबकि उसकी मां कांता देवी और भाई पंचकूला के सेक्टर-19 में रहते हैं। घटना के बाद परिवार उसके इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर काटता रहा। 26 अगस्त को उसकी मौत के बाद परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला … सन्नी एंक्लेव में रहती थी
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