Rakhi Mithai Recipe: राखी पर बनाएं शुगर फ्री ड्राई फ्रूट रोल, स्वाद के साथ इम्युनिटी का भी रखें ख्याल
Rakhi Mithai Recipe: रक्षाबंधन पर मिठाई खिलाने की परंपरा है, लेकिन आजकल कई लोग ज्यादा चीनी वाली मिठाइयों के बजाय कुछ हल्का और हेल्दी विकल्प तलाशते हैं। ऐसे में खजूर, अंजीर, बादाम, काजू, पिस्ता और अखरोट से बना ड्राई फ्रूट रोल घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है।
इसमें मिठास के लिए खजूर और अंजीर का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए अलग से रिफाइंड चीनी डालने की जरूरत नहीं पड़ती। अगर आप बाजार की मिठाई के बजाय घर पर कुछ हेल्दीड्राई फ्रूट रोल एक बढ़िया विकल्प है।
ड्राई फ्रूट रोल बनाने के लिए सामग्री
- बीज निकाले हुए खजूर – 1 कप
- अंजीर – 1/2 कप
- बादाम – 1/4 कप
- काजू – 1/4 कप
- पिस्ता – 1/4 कप
- अखरोट – 1/4 कप
- इलायची पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच
- घी – 1 छोटा चम्मच
- नारियल बुरादा – 2 बड़े चम्मच
ऐसे बनाएं ड्राई फ्रूट रोल
1. खजूर और अंजीर को तैयार करें
सबसे पहले खजूर और अंजीर को करीब 10 मिनट गुनगुने पानी में भिगो दें। इसके बाद पानी निकालकर इन्हें मिक्सी में डालें और दरदरा पेस्ट तैयार कर लें।
2. ड्राई फ्रूट्स को काट लें
अब बादाम, काजू, पिस्ता और अखरोट को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इन्हें बहुत बारीक पीसने की जरूरत नहीं है। छोटे टुकड़े रोल में अच्छा क्रंच देते हैं।
3. खजूर-अंजीर का मिश्रण पकाएं
एक पैन में थोड़ा घी गर्म करें और इसमें तैयार किया हुआ खजूर-अंजीर का मिश्रण डालें। इसे धीमी आंच पर करीब 2-3 मिनट चलाते हुए पकाएं।
4. ड्राई फ्रूट्स और इलायची मिलाएं
अब इसमें कटे हुए बादाम, काजू, पिस्ता और अखरोट डालें। साथ ही इलायची पाउडर डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें। मिश्रण थोड़ा गाढ़ा होने लगे तो गैस बंद कर दें।
5. मिश्रण को रोल का आकार दें
मिश्रण थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद हाथों या बेलन की मदद से इसे रोल का आकार दें। बाहर से नारियल बुरादा लपेट दें, ताकि रोल देखने में भी आकर्षक लगे।
6. सेट करके सर्व करें
तैयार रोल को 15-20 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें। सेट होने के बाद इसे गोल टुकड़ों में काटें और राखी पर परिवार और मेहमानों को सर्व करें।
ड्राई फ्रूट रोल को चांदी के वर्क की जगह नारियल बुरादे, कटे पिस्ते या बादाम की स्लाइस से सजाया जा सकता है। इसे छोटे-छोटे गोल टुकड़ों में काटकर राखी की मिठाई की प्लेट में रखें। घर पर बनी यह मिठाई दिखने में आकर्षक होने के साथ गिफ्ट बॉक्स में पैक करने के लिए भी अच्छी रहेगी।
(Disclaimer): यह रेसिपी सामान्य खानपान के लिए है। “हेल्दी” या “इम्युनिटी” जैसे शब्दों का मतलब किसी बीमारी की रोकथाम या इलाज नहीं है। डायबिटीज या किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति वाले लोग अपनी डाइट के अनुसार इसकी मात्रा तय करें।
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Saffron Purity: बाजार से लाई केसर असली है या नकली? इन आसान तरीकों से मिनटों में करें पहचान
Saffron Purity Test: केसर की कुछ लड़ियां खाने में डालते ही खुशबू, रंग और स्वाद बदल देती हैं। यही वजह है कि यह दुनिया के महंगे मसालों में शामिल है। लेकिन इसकी ऊंची कीमत के कारण बाजार में नकली या मिलावटी केसर मिलने की आशंका भी रहती है। कई बार देखने में बिल्कुल असली जैसी दिखने वाली केसर में रंगीन रेशे या दूसरे पदार्थ मिलाए जाते हैं। ऐसे में खरीदारी करते समय सिर्फ कीमत या पैकिंग देखकर भरोसा करना सही नहीं है।
अच्छी बात यह है कि घर पर कुछ आसान तरीकों से केसर की शुरुआती जांच की जा सकती है। पानी, दूध, खुशबू, बनावट और रंग छोड़ने के तरीके से काफी हद तक अंदाजा लगाया जा सकता है कि आपके पास मौजूद केसर असली है या उसमें मिलावट की आशंका है। हालांकि, घरेलू जांच केवल प्राथमिक पहचान के लिए है और पूरी तरह पक्की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला परीक्षण ही सबसे भरोसेमंद तरीका माना जाता है।
पानी में डालकर देखें
एक गिलास गुनगुने पानी में केसर की 2-3 लड़ियां डालें। असली केसर धीरे-धीरे अपना सुनहरा-पीला रंग छोड़ती है और पानी में रंग एकदम से नहीं फैलता। केसर की लड़ियां भी कुछ समय तक अपना लाल या गहरा लाल रंग बनाए रखती हैं। अगर रेशा डालते ही बहुत तेज रंग फैलने लगे और धागे का रंग तेजी से फीका पड़ जाए, तो मिलावट की आशंका हो सकती है।
दूध में करें पहचान
केसर की कुछ लड़ियां हल्के गर्म दूध में डालकर कुछ देर छोड़ें। असली केसर दूध को धीरे-धीरे हल्का सुनहरा रंग और अपनी खास खुशबू देती है। सिर्फ तेज पीला रंग मिलना ही असली होने का प्रमाण नहीं है। इसलिए रंग के साथ केसर की खुशबू और रेशों की स्थिति पर भी ध्यान दें।
खुशबू से पहचानें
असली केसर की खुशबू बेहद खास होती है। इसमें हल्की मीठी, मिट्टी जैसी और घास या शहद से मिलती-जुलती प्राकृतिक सुगंध महसूस हो सकती है। नकली केसर में कई बार तेज कृत्रिम या रंग जैसी गंध आ सकती है। हालांकि केवल खुशबू के आधार पर अंतिम फैसला नहीं करना चाहिए।
रेशों की बनावट पर दें ध्यान
असली केसर के रेशे सामान्यतः पतले, सूखे और एक सिरे पर थोड़े चौड़े या तुरही जैसे दिखाई दे सकते हैं। सभी रेशों का एकदम एक जैसा होना जरूरी नहीं है। बहुत ज्यादा चमकीले, असामान्य रूप से एकसमान या कागज जैसे दिखने वाले रेशों पर सावधानी बरतें।
रंग छोड़ने की रफ्तार जांचें
असली केसर अपना रंग धीरे-धीरे छोड़ती है। इसे पानी या दूध में डालने पर रंग धीरे-धीरे विकसित होता है। अगर कोई रेशा तुरंत बहुत गहरा कृत्रिम रंग छोड़ दे और खुद लगभग रंगहीन हो जाए, तो वह संदिग्ध हो सकता है। ध्यान रखें कि सिर्फ रंग की गति से भी 100 फीसदी पुष्टि नहीं की जा सकती।
खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
केसर हमेशा भरोसेमंद विक्रेता से खरीदें और पैकेट पर पैकिंग, बैच, गुणवत्ता संबंधी जानकारी और अन्य जरूरी विवरण जरूर देखें। बहुत कम कीमत में मिलने वाली केसर को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहें। पिसी हुई केसर की तुलना में पूरे रेशे वाली केसर को देखकर उसकी प्राथमिक जांच करना आसान होता है।
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लेखक: (कीर्ति)
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