NEET Result में स्कोर कम है तो न हों निराश, बिना MBBS भी डॉक्टर बनने के ये हैं बेस्ट ऑप्शन्स
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा NEET UG 2026 का Result जारी हो गया है. इसमें सफल स्टूडेंट्स के चेहरों पर खुशी देखी जा रही है, वहीं कुछ स्टूडेंट्स कम स्कोर आने की वजह से निराश हैं. देश भर में सरकारी MBBS सीटों की संख्या सीमित होने के कारण हर कैंडिडेट को डॉक्टर बनने का मौका नहीं मिल पाता. लेकिन क्या आप जानते हैं कि NEET में कम स्कोर आने के बावजूद आप मेडिकल क्षेत्र में करियर बना सकते हैं? इस आर्टिकल में हम यही बताने वाले हैं.
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Ayushman Bharat Scheme: अब आयुष्मान कार्ड से होगा 10 लाख तक का इलाज, क्या बढ़ेगी हेल्थ इंश्योरेंस लिमिट?
Ayushman Bharat Scheme: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत मिलने वाले 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा कवर को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव सामने आया है। हालांकि, अभी यह केवल संसद की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति की सिफारिश है। केंद्र सरकार ने इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
क्या है पूरा मामला?
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने सुझाव दिया है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाले स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष किया जाए। समिति का मानना है कि बढ़ती महंगाई और इलाज की लागत को देखते हुए मौजूदा बीमा राशि कई गंभीर बीमारियों के लिए पर्याप्त नहीं रह गई है।
हालांकि, यह सिर्फ एक सिफारिश है। जब तक केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देती, तब तक योजना के तहत मिलने वाला 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा ही लागू रहेगा।
अभी क्या-क्या लाभ मिलता है?
वर्तमान में आयुष्मान भारत योजना के पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा मिलता है। इस सुविधा का लाभ सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है।
योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने, सर्जरी, जांच, गंभीर बीमारियों के इलाज और अन्य कई स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च कवर किया जाता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलती है।
10 लाख रुपये की मांग क्यों उठी?
संसदीय समिति के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सेवाएं काफी महंगी हुई हैं। कैंसर, हृदय रोग, किडनी प्रत्यारोपण और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में कई बार 5 लाख रुपये की सीमा जल्दी समाप्त हो जाती है। ऐसे में मरीजों को अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है।
समिति का मानना है कि यदि बीमा कवर 10 लाख रुपये कर दिया जाए, तो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा और बेहतर इलाज मिल सकेगा।
किन लोगों को मिल सकता है अधिक कवरेज?
कुछ राज्यों में राज्य सरकारें केंद्र सरकार की सहायता के अलावा अतिरिक्त स्वास्थ्य कवर भी देती हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली में पात्र लाभार्थियों को केंद्र के 5 लाख रुपये के अलावा 5 लाख रुपये अतिरिक्त सहायता मिलने से कुल 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवरेज उपलब्ध हो सकता है। इसके अलावा, 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी योजना के तहत अतिरिक्त लाभ का प्रावधान है।
अभी लाभार्थियों को क्या करना चाहिए?
यदि आप आयुष्मान भारत योजना के पात्र हैं, तो फिलहाल आपको 5 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा ही मिलेगा। 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर अभी लागू नहीं हुआ है। यदि भविष्य में केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तभी नई बीमा सीमा लागू होगी।
आयुष्मान भारत योजना के स्वास्थ्य बीमा कवर को 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव बढ़ते इलाज के खर्च को देखते हुए दिया गया है। फिलहाल यह केवल संसदीय स्थायी समिति की सिफारिश है और सरकार की मंजूरी का इंतजार है। इसलिए अभी योजना के तहत मिलने वाला 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर ही प्रभावी है।
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