भारत हॉकी वर्ल्डकप के सेमीफाइनल की रेस से बाहर:अर्जेंटीना ने 5-3 से हराया; सुखजीत ने 2 गोल दागे
भारतीय पुरुष टीम हॉकी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई है। उसे एम्सटेलवीन के वेगनर स्टेडियम में सोमवार को अर्जेंटीना ने 5-3 से हराया। भारत को सेमीफाइनल की उम्मीद बनाए रखने के लिए अर्जेंटीना को कम से कम 2 गोल से हराना जरूरी था। लेकिन खराब डिफेंस के कारण अर्जेंटीना ने मैच पर कब्जा कर लिया। भारत ने 5 मैचों में 16 गोल खाए। अर्जेंटीना के खिलाफ मजबूत नतीजे की जरूरत वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय डिफेंस की कमजोरियां टीम पर भारी पड़ीं। भारत अब 7वें और 8वें स्थान के लिए होने वाले क्लासिफिकेशन मैच में बेल्जियम से खेलेगा। एक दिन पहले भारतीय महिला टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। अर्जेंटीना ने पहले मिनट में बढ़त बनाई अर्जेंटीना ने पहले ही मिनट में जोआक्विन टोस्कानी ने फील्ड गोल कर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। छठे मिनट में निकोलस डेला टोरे ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर बढ़त 2-0 कर दी। भारत की ओर से सुखजीत सिंह ने 10वें मिनट में फील्ड गोल किया। इससे भारत को वापसी की उम्मीद जगी और स्कोर 1-2 हो गया। हाफ टाइम तक इंडिया 1-2 से पिछड़ रहा था। अर्जेंटीना ने दूसरे हाफ में बढ़त बढ़ाई 33वें मिनट में टॉमस डोमेने ने गोल कर अर्जेंटीना की बढ़त फिर 2 गोल की कर दी। उन्होंने 45वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर स्कोर 4-1 कर दिया। 53वें मिनट में लुकास टोस्कानी ने अर्जेंटीना का पांचवां गोल किया। इसके बाद भारत के सामने वापसी के लिए 4 गोल करने की चुनौती थी। अंतिम मिनटों में भारत ने किए 2 गोल भारत ने आखिरी मिनटों में वापसी की कोशिश की। सुखजीत सिंह ने 58वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया, जबकि इसके एक मिनट बाद हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर स्कोर 3-5 कर दिया। फाइनल हूटर से ठीक पहले हरमनप्रीत सिंह के गेंद पैर पर लगने के बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। हालांकि, हरमनप्रीत का ड्रैग-फ्लिक बचा लिया गया और भारत का वर्ल्ड कप अभियान खत्म हो गया। 1975 के बाद मेडल नहीं जीत सका भारत भारत ने पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप सिर्फ एक बार जीता है। 1975 में कुआलालंपुर में खेले गए फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 2-1 से हराकर खिताब जीता था। भारत ने वर्ल्ड कप के शुरुआती 3 संस्करणों में लगातार पदक जीते थे। टीम ने 1971 में कांस्य, 1973 में सिल्वर और 1975 में गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद भारत मेडल नहीं जीत सका। दोनों टीमों का स्क्वॉड भारत: जरमनप्रीत सिंह, अभिषेक, मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, दिलप्रीत सिंह, मंदीप सिंह, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), सुमित, नीलकंठ शर्मा, लालगे आदित्य अर्जुन, शशिकुमार मोहिथ होन्नेनहल्ली, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, विवेक सागर प्रसाद, सुखजीत सिंह, यशदीप सिवाच, संजय, सूरज करकेरा (गोलकीपर), राजिंदर सिंह, शिलानंद लाकड़ा। अर्जेंटीना: मातियास रे (कप्तान) , टॉमस सैंटियागो, फाकुंडो जाराटे, निकोलस कीनन, माइको कासेला, निकोलस डेला टोरे, लुकास टोस्कानी, नेहुएन हर्नांडो, टॉमस रुइज, जोआक्विन टोस्कानी, मातियास आंद्रेओटी, टॉमस डोमेने, लुकास मार्टिनेज, निकोलस सिसिलियो, तादेओ मारकुची, इग्नासियो इबारा, थॉमस हबीफ, बाउतिस्ता कापुरो, मार्टिन फेरेइरो, लुसियो मेंडेज।
दलीप ट्रॉफी- वेस्ट जोन 187 पर ऑलआउट:ईस्ट जोन ने 171 रन की बढ़त बनाई; मुश्ताक को 5, अर्शदीप सिंह को 3 विकेट
दलीप ट्रॉफी में खेले जा रहे क्वार्टरफाइनल मुकाबले के दूसरे दिन नॉर्थ जोन ने वेस्ट जोन को 187 रन पर ऑलआउट कर दिया। जम्मू-कश्मीर के बाएं हाथ के स्पिनर अबिद मुश्ताक ने 5 और भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने 3 विकेट लिए। जवाब में नॉर्थ जोन ने दिन का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में 4 विकेट पर 107 रन बना लिए है। टीम ने पहली पारी में 251 रन बनाए थे। इसके आधार पर टीम की अब कुल बढ़त 171 रन हो गई है। आयुष बदोनी 39 रन बनाकर नाबाद हैं। वहीं टूर्नामेंट के एक और क्वार्टरफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन ने नॉर्थ-ईस्ट जोन को फॉलोऑन दिया है। दोनों मैचों की रिपोर्ट पढ़िए… नॉर्थ जोन Vs वेस्ट जोन मुश्ताक ने एक ही ओवर में 2 विकेट लिए दिन की शुरुआत वेस्ट जोन ने 31/2 से की। अबिद मुश्ताक ने शिवालिक को आउट कर वेस्ट जोन को तीसरा झटका दिया। फिर उन्होंने 28वें ओवर में तीन गेंद के अंदर कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और उर्विल पटेल का विकेट लेकर स्कोर 70/5 कर दिया। मुलानी ने फिफ्टी लगाकर स्कोर 150 रन के पार पहुंचाया नंबर-7 पर बल्लेबाजी करने आए शम्स मुलानी ने टीम के लिए सबसे ज्यादा 52 रन बनाए। उन्होंने मुशीर के साथ मिलकर छठे विकेट लिए 63 रन जोड़े। यह पारी में एकमात्र फिफ्टी रन की पार्टनरशिप थी। फिर उन्होंने सातवें विकेट के लिए तनुष कोटियन 21 रन की साझेदारी कर स्कोर 150 रन के पार पहुंचाया। उन्हें अंशुल कंबोज ने LBW आउट किया। आखिर में तुषार देशपांडे ने दो छक्के लगाए। हालांकि टीम 171 रन पर ऑलआउट हो गई। नॉर्थ जोन को पहली पारी के आधार पर 64 रन की बढ़त मिली। मुश्ताक ने 5, अर्शदीप ने 3 और अंशुल ने 2 विकेट लिए। नॉर्थ जोन ने दूसरी पारी में 4 विकेट गंवाए नॉर्थ जोन की शुरुआत भी खराब रही। टीम ने 13 रन पर पहला विकेट गंवाया। यश धुल बिना रन बनाए मुलानी की गेंद पर LBW आउट हुए। इसके बाद उन्होंने दूसरे ओपनर कामरान इकबाल को मुशीर के हाथों कैच आउट कराया। कोटियन ने भी आयुष डोसेजा और अब्दुल समद को आउट कर स्कोर 87/4 कर दिया। इसके बाद उतरे कप्तान कन्हैया वधावन 8 रन बनाकर बदोनी के साथ नाबाद लौटे। कोटियन और मुलानी को 2-2 विकेट मिले हैं। ईस्ट जोन Vs नॉर्थ-ईस्ट जोन ईस्ट जोन ने 467 रन बनाए, नॉर्थ ईस्ट जोन को फॉलोऑन नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में ईस्ट जोन के शाहबाज अहमद ने करियर की बेस्ट पारी खेली। उन्होंने 167 रन बनाए। उनके अलावा सुदीप कुमार घरामी ने 146 रन की पारी खेली। दोनों ने छठे विकेट के लिए 150 रन की साझेदारी की। इसके बाद ईस्ट जोन ने नॉर्थ ईस्ट जोन को 111 रन पर ऑलआउट कर दिया। ओपनर अर्पित भाटेवाड़ा ने सबसे ज्यादा 32 रन बनाए। पेसर अभिजीत सरकार ने 5 और शाहबाज अहमद ने 3 विकेट लिए। मुकेश कुमार और अनुकूल रॉय को 1-1 विकेट मिला। ईस्ट जोन ने फॉलोऑन दिया ईस्ट जोन को पहली पारी के आधार पर 356 रन की बढ़त मिली। वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग देखने के लिए दर्शकों तब मायूस हो गए, जब ईस्ट जोन ने फॉलोऑन दे दिया। दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए नॉर्थ ईस्ट जोन ने दिन का खेल खत्म होने तक बिना विकेट खोए 7 रन बना लिए हैं। -------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोलंबो में सिर टकराने पर जायसवाल-फर्नांडो की 25% फीस कटी:यशस्वी के बोल्ड होने पर दोनों भिड़ गए थे; दोनों ने गलती मानी भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच हुए विवाद पर ICC ने दोनों की 25-25% मैच फीस काटी है। दोनों खिलाड़ियों के खाते में 1-1 डिमेरिट पॉइंट जोड़ा गया है। पूरी खबर पढ़ें…
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