पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर,10 बड़ी खबरें:राखी से पहले भाई-बहन की चिता जली; प्रेमी जोड़े ने ₹1 करोड़ चुराए; हड़ताली मुलाजिमों पर एक्शन लेगी AAP सरकार
नमस्कार, पंजाब-चंडीगढ़ में आज की सबसे बड़ी खबर कर्मचारियों की महा-हड़ताल से जुड़ी रही। कर्मचारियों ने काम छोड़कर प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ झड़प हो गई। वहीं सीएम भगवंत मान ने भी उनके साथ मीटिंग नहीं की। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. महा-हड़ताल में कर्मचारियों की पुलिस से झड़प पंजाब में आज 7 लाख से अधिक सरकारी मुलाजिम और पेंशनर DA समेत 8 मांगों को लेकर महा हड़ताल पर हैं। इसके चलते सरकारी दफ्तर, अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में OPD सेवाएं बंद हैं। जालंधर में मुलाजिमों और पुलिस में धक्कामुक्की हुई। इसी बीच CM भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर मुलाजिमों को दोटूक कहा कि हड़ताल और बातचीत एक साथ नहीं चल सकती। सूत्रों के मुताबिक, जालंधर स्थित PAP में सीएम के साथ कर्मचारी संगठनों की मीटिंग होनी थी, लेकिन सीएम ने मुलाजिमों को बाहर बैठा रखा है। (पढ़ें पूरी खबर) 2. बिजली बिलों के लिए 2 हेल्पलाइन नंबर जारी पंजाब में गलत या ज्यादा बिजली बिल आने से परेशान उपभोक्ताओं की शिकायतों का अब जल्द समाधान होगा। सरकार ने बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के लिए दो स्पेशल हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराने के बाद 15 दिनों के भीतर उसका निपटारा किया जाएगा। बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने बताया कि सरकार का मकसद लोगों की बिजली से जुड़ी समस्याओं को दूर करना और उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है। बिजली संबंधी शिकायत के लिए उपभोक्ता 1613105055 या 1616650355 पर कॉल कर सकते हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 3. AAP ने SC कमीशन चेयरमैन को हलका इंचार्ज बनाया पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी ने चमकौर साहिब हलके में अपना संगठन मजबूत करने के लिए जसवीर सिंह गढ़ी को हलका इंचार्ज नियुक्त किया है। गढ़ी फिलहाल पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन हैं और बहुजन समाज पार्टी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। चमकौर साहिब में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या अधिक है और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी भी इसी हलके से चुनाव लड़ते रहे हैं। ऐसे में AAP ने दलित चेहरे को हलके की जिम्मेदारी देकर यहां अपना आधार मजबूत करने की रणनीति बनाई है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. रक्षाबंधन से पहले एक साथ जली भाई-बहन की चिता लुधियाना में रक्षाबंधन से एक दिन पहले भाई-बहन की चिता एक साथ जली। सांप के डसने से बहन पहले बहन की मौत हो गई, फिर 18 घंटे बाद भाई ने भी दम तोड़ दिया। मरने वाले भाई जोबनप्रीत सिंह की उम्र 8 साल और बहन जसप्रीत कौर की उम्र 6 साल थी। दोनों घर के आंगन में सो रहे थे। पहले परिवार को लगा कि उन्हें मच्छर ने काटा है। मगर, जब बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हुई और वह जोर-जोर से रोने लगे तो परिवार ने उनके हाथ में डंक देखा। तब खाट के नीचे सांप भी नजर आया। इसके बाद उन्हें अस्पताल लेकर गए लेकिन बचाया नहीं जा सका। (पढ़ें पूरी खबर) 5. सुखबीर बादल पर भड़कीं सांसद अमृतपाल की मां खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की माता बलविंदर कौर ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग 25 साल तक पंथक बनकर सत्ता में रहे, उन्होंने पंजाब के लिए क्या किया, यह जनता अच्छी तरह जानती है। बलविंदर कौर ने अमृतपाल सिंह पर नशे को लेकर की गई टिप्पणी पर कहा कि इसका फैसला संगत करेगी। जिन लोगों का नशा छुड़वाया गया है, उन्हें सामने लाकर इस मुद्दे पर जवाब दिया जा सकता है। दरअसल, सुखबीर बादल ने कहा था कि इनका मकसद पंजाब का भला करना नहीं है। (पढ़ें पूरी खबर) 6. लॉरेंस के भाई बोले- सलमान ने माफी को इश्यू बनाया लॉरेंस के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने कहा कि सलमान खान मुकाम धाम आकर माफी मांग ले तो बिश्नोई समाज और लॉरेंस उसे माफ कर देंगे, लेकिन न जाने उसके दिमाग में क्या बैठा है, माफी को इश्यू बना दिया। रमेश बिश्नोई ने कहा कि लॉरेंस हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है तो वहां से नेटवर्क कैसे चला रहा, अमेरिकी जांच एजेंसी का दावा हिंदुस्तान के खिलाफ साजिश है। लॉरेंस अभी गुजरात की साबरमती जेल में बंद हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 7. आतंकी की गोल्डी बराड़ को धमकी- गोली माथे पर लगेगी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने वाले गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को गुरपतवंत सिंह पन्नू ने बदला लेने की धमकी दी है। पन्नू ने वीडियो जारी कर कहा कि लॉरेंस और गोल्डी बराड़ ने खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि कनाडा या अमेरिका की अदालतों में केस बंद होने के बावजूद वे खालसाई इंसाफ और सजा से नहीं बच पाएंगे। खालसाई इंसाफ की गोली उनके माथे पर लगेगी। (पढ़ें पूरी खबर) 8. लेडी IAS कंवलप्रीत बराड़ जालंधर ED दफ्तर में पेश पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ 10 दिनों में दूसरी बार जालंधर के ईडी दफ्तर में पेश हुईं। वह गुरुवार सुबह करीब 10 बजे ईडी कार्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने रजिस्टर पर पेशी को लेकर हस्ताक्षर किए। किसी से बात किए बिना सीधे अंदर चली गईं। यह कार्रवाई मोहाली स्थित एक प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में की जा रही है। ईडी की जांच के मुताबिक, प्रोजेक्ट के लिए जमीन के लैंड यूज में बदलाव यानी CLU की मंजूरी देने में कथित तौर पर अनियमितताएं हुई थीं। इसी सिलसिले में कंवलप्रीत बराड़ से पूछताछ की जा रही है। (पढ़ें पूरी खबर) 9. एनालॉग पनीर की बिक्री पर एक साल तक बैन पंजाब में अब नॉन-डेयरी यानी एनालॉग पनीर की बिक्री नहीं हो सकेगी। सरकार ने इसके उत्पादन, भंडारण, ट्रांसपोर्ट, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है। फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। जिला स्तर पर डेयरी यूनिट्स, पनीर फैक्ट्रियों, होलसेलर्स, रिटेलर्स, कोल्ड स्टोर और गोदामों की जांच की जाएगी। पनीर का ट्रांसपोर्ट करने वाले वाहनों की भी चेकिंग होगी। होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले पनीर की खरीद का रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा। (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके… 10. गर्लफ्रेंड पहले रेकी करती, फिर बॉयफ्रेंड संग चोरी करती चंडीगढ़ में कार से 12.50 लाख रुपए कैश और सोने के सिक्के चोरी करने के मामले में पुलिस ने गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मनीमाजरा में घर के बाहर खड़ी कार को निशाना बनाया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से अब तक 5.50 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। पूछताछ में उनका कनेक्शन सेक्टर-17 की ज्वेलरी दुकान से करीब 1 करोड़ रुपए कैश चोरी के मामले से भी सामने आया है। गर्लफ्रेंड पहले टारगेट की रेकी करती थी और फिर बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर चोरी को अंजाम देती थी। (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)
आज का एक्सप्लेनर:‘चीन ने जानबूझकर नेपाल को तबाही का अलर्ट नहीं दिया’, इस दावे में कितनी सच्चाई; क्या वाकई बच सकती थीं सैकड़ों जिंदगियां
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर आई बाढ़ में 200 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। करीब 1,500 लोग अब भी लापता हैं। दावा किया जा रहा कि काफी जानें बचाई जा सकती थीं, अगर चीन ने समय पर चेता दिया होता। तो क्या वाकई नेपाल में हुई भीषण तबाही के पीछे चीन जिम्मेदार है; दोनों देशों के बीच आपदाओं की वार्निंग देने का क्या सिस्टम है, इसी पर आज का एक्सप्लेनर... सवाल-1: नेपाल में आई बाढ़ के पीछे चीन पर क्या आरोप लग रहे? जवाब: नेपाली पत्रकार परशुराम काफ्ले ने X पर लिखा, 'चीन ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। अगर बीजिंग के डिजास्टर डिटेक्शन सिस्टम से अर्ली वार्निंग मिल जाती, तो नेपाल में ज्यादा जानें बचाई जा सकती थीं। नेपाल हमेशा चीन की चिंताओं का ध्यान रखता है। इस एकतरफा प्यार की कीमत चुकानी पड़ रही है।' नेपाल के मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, नेपाल और चीन के बीच मौसम से जुड़ी जानकारियां शेयर करने की व्यवस्था है, लेकिन इस घटना के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई। नेपाल के मौसम विभाग की सीनियर साइंटिस्ट विभूति पोखरेल कहती हैं, 'हम चीनी अधिकारियों के संपर्क में हैं, लेकिन अभी तक वे नहीं बता पाए हैं कि बाढ़ की वजह क्या है।' 2016 में भी नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर रसुवागढ़ी इलाके में भीषण बाढ़ आई थी। तब भी एक्सपर्ट्स ने कहा था कि दोनों देशों के बीच समय रहते इन्फॉर्मेशन शेयर की गई होती, तो नुकसान कम किया जा सकता था। सवाल-2: दोनों देशों के बीच ऐसे हादसों की जानकारी देने का नियम है या नहीं? जवाब: नेपाल और चीन के बीच मौसम और आपदा से जुड़ी जानकारियां साझा करने की बात तय हुई थी, लेकिन इस पर कोई औपचारिक समझौता नहीं हो पाया है। दरअसल, 8 जुलाई 2025 को रसुवागढ़ी बॉर्डर पॉइंट से 35 किलोमीटर ऊपर चीन के इलाके में तिब्बत के पहाड़ों पर ‘पुरेपु’ नाम की ग्लेशियर झील फटी। इससे भोटेकोशी नदी के आसपास करीब 100 किमी तक के इलाके में बाढ़ का मलबा पहुंचा। एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद नेपाल और चीन ने तीन बातें तय की थीं… नेपाल की त्रिभुवन यूनिवर्सिटी में एनवायरनमेंट स्टडीज के प्रोफेसर सुदीप ठाकुर बताते हैं, ‘तिब्बत में मौसम से जुड़ी इन्फॉर्मेशन इकठ्ठा करने की व्यवस्था है, लेकिन उसे नेपाल के साथ साझा नहीं किया जाता है। चीन को वैज्ञानिक जानकारी देने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन शायद नेपाल सरकार ही मजबूती से अपनी मांग उनके सामने रख ही नहीं पाई है।’ नेपाल की डिजास्टर स्टडी सेंटर के डायरेक्टर वसंत अधिकारी भी कहते हैं कि अब तक जानकारी शेयर करने की कोई व्यवस्था नहीं है। सवाल-3: जानकारी शेयर न करने के आरोप पर चीन ने क्या कहा है? जवाब: चीन ने सीधे तौर पर इसका कोई जवाब नहीं दिया है, हालांकि चीनी दूतावास ने अपने बयान में कहा है कि भूकंप के चलते बाढ़ आई है और ये भूकंप नेपाल की तरफ आया था। बयान में कहा गया, ‘रसुवा-ग्यिरोंग बॉर्डर इलाके में आई बाढ़ से चीन बेहद दुखी है। नेपाल की तरफ आए भूकंप के चलते हिमस्खलन हुआ और फिर मलबा बहा। इससे सीमा के दोनों तरफ लोगों की मौत हुई।’ दरअसल, पहले कहा गया था कि रिक्टर स्केल पर करीब 5 की तीव्रता के भूकंप के चलते बर्फ का ग्लेशियर टूटा, हालांकि बाद में अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने साफ किया कि भूकंप जैसा झटका बर्फ और चट्टान के टूटने से पैदा हुआ था। हालांकि चीनी दूतावास ने ये जरूर कहा है, ‘भविष्य में सीमा पार मौसम और आपदाओं से जुड़ी जानकारियां साझा करने के लिए बेहतर तरीके से काम करेंगे।’ सवाल-4: बर्फ का पहाड़ चीन में गिरा या नेपाल में? जवाब: नेपाल की डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, NDRRMA के मुताबिक, ग्लेशियर टूटने की जगह नेपाल-चीन सीमा चौकी से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। अथॉरिटी के वैज्ञानिक प्रकाश पोखरेल के मुताबिक, ‘ये इलाका नेपाली हिस्से में आता है, न कि चीन की तरफ।’ हालांकि, नेपाली मौसम वैज्ञानिक विभूति पोखरेल कहती हैं, ‘हम चीनी अधिकारियों के संपर्क में हैं, लेकिन अब तक ये पता नहीं है कि घटना नेपाल में हुई या चीन की तरफ हुई है।’ दरअसल, मानसून सीजन के चलते उस इलाके में काफी बादल हैं। इसलिए सेटेलाइट तस्वीरों से ये साफ नहीं हो पा रहा है कि ग्लेशियर टूटने की सटीक लोकेशन क्या है। मोटे तौर पर जहां ग्लेशियर टूटा, वो इलाका सेंट्रल हिमालयन रेंज की क्रेस्टलाइन पर है। यानी अगर पहाड़ की एक तरफ की ढलान नेपाल में है, तो उसी पहाड़ की दूसरी तरफ की ढलान तिब्बत में है, जिस पर चीन का कंट्रोल है। करीब 8000 मीटर की ऊंचाई पर बर्फ और ग्लेशियर जमा रहते हैं, जो पिघलकर दोनों तरफ की नदियों के लिए पानी का सोर्स बनते हैं। तकनीकी तौर पर अगर ऊंचाई पर कोई ग्लेशियर टूटे, तो उसका असर नीचे दोनों देशों के तरफ की नदियों पर पड़ सकता है। पोइकू नदी तिब्बत के ग्लेशियर से निकलती है। फिर सीमा पार करके नेपाल में दाखिल होती है और वहां भोटेकोशी कही जाती है, इसी की सहायक नदी ल्हेंदे में बाढ़ आई। एक बात और है- चीन के मुताबिक, पहले भूकंप आया और फिर ग्लेशियर टूटा। जबकि नेपाल सहित दुनियाभर के मौसम वैज्ञानिक मानते हैं कि पहले ग्लेशियर टूटा, जिससे भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। सवाल-5: ग्लेशियर टूटने से नेपाल में इतनी भीषण तबाही कैसे आई? जवाबः पूरी घटना 3 स्टेप में समझिए…. 1. ग्लेशियर टूटा: 26 अगस्त की सुबह करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर करीब 2000 फीट का ग्लेशियर टूटा और 4 हजार फीट नीचे गिर गया। 2: नदी में पानी जमा हुआ: सुबह करीब 8:37 बजे पिघला ग्लेशियर अपने साथ चट्टानों और मलबे को लेकर ल्हेंदे नदी से टकराया। इससे ल्हेंदे नदी पर एक अस्थायी बांध बन गया और पीछे पानी जमा होने लगा। 3. नदी का बांध टूटने से सैलाब बह चला: सुबह करीब 9 बजे बढ़ते पानी के दबाव से नदी का बांध टूटा, तो एक विशाल सैलाब बनकर निचले इलाकों की तरफ बह चला। आगे भोटे कोशी और त्रिशुली नदी में मलबे वाली बाढ़ आ गई। नेपाल के रसुवा से नुवाकोट, धादिंग होते हुए चितवन तक भयावह बाढ़ का असर हुआ। रसुवा में करीब एक दर्जन बस्तियां प्रभावित हुईं। बाढ़ धादिंग जिले के गल्छी तक पहुंची और आगे मुग्लिन की ओर बढ़ने की चेतावनी दी गई। खतरा अभी टला नहीं है। वैज्ञानिकों का कहना है कि नेपाल-चीन बॉर्डर के पास नदी में अब भी एक मलबे का अवरोध जमा है, जो किसी भी वक्त टूटकर सैलाब की एक दूसरी लहर छोड़ सकता है। जिस त्रिशुली नदी में यह बाढ़ आई है वह आगे नारायणी नदी से मिलती है। यह भारत के बिहार तक आती है, जहां इसे गंडक नदी कहते हैं। इसे बिहार और यूपी के इलाके भी हाई अलर्ट पर रखे गए हैं। --------- ये वीडियो भी देखिए… 2000 फीट चौड़ा ग्लेशियर टूटा, बिना भूकंप कांपने लगी धरती:देखिए नेपाल की तबाही का शुरू से आखिर तक एक-एक सीन 26 अगस्त, सुबह 8:30 बजे। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर मौसम साफ था। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले 30 मिनट में क्या होने वाला है। शुरुआत से आखिर तक नेपाल की तबाही का एक-एक सीन, वीडियो देखिए…
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