कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने से भारत को तगड़ा झटका, WTC फाइनल की टूटी उम्मीद! जानें पॉइंट्स टेबल में अब कहां खड़ी है टीम इंडिया
IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ है. दो टेस्ट मैचों की सीरीज को टीम इंडिया ने पहला टेस्ट जीतकर 1-0 से जरूर अपने नाम किया, लेकिन कोलंबो टेस्ट भारत के लिए किसी हार से कम नहीं है. इस मैच में जहां लगातार चौथे दिन तक टीम इंडिया का दबदबा रहा और श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने पर मजबूर होना पड़ा, वहीं पांचवें दिन श्रीलंका ने भारत से जीत छीन ली और मैच को ड्रॉ कराया. श्रीलंका के सबसे बड़े हीरो उनके युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा रहे, जिन्होंने कोलंबो टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाकर श्रीलंका को हार से बचाया. टीम इंडिया भले ही सीरीज जीत गई हो, लेकिन उसकी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है. भारत को उम्मीद थी कि वह कोलंबो टेस्ट जीतकर 12 अंक हासिल करेगा और WTC में खुद को मजबूत करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.
सोनल दिनुषा ने भारत से छीनी जीत
कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने के सबसे बड़े हीरो श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा रहे. उन्होंने दोनों पारियों में शतक लगाकर टीम इंडिया से जीत छीन ली. दिनुषा ने पहली पारी में 162 गेंदों पर 103 रनों की पारी खेली, जबकि दूसरी पारी में 264 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 133 रन बनाए और मैच ड्रॉ कराकर लौटे.
Sonal Dinusha, take a bow ????
— Cricinfo (@cricinfo) August 27, 2026
The eighth Sri Lanka batter to score two hundreds in a Test match - it's his third in four innings this series ???? pic.twitter.com/lYbuZpEwFE
कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने के बाद WTC प्वाइंट्स टेबल में कहां खड़ा है भारत?
श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट मैच में यदि भारतीय टीम जीतने में कामयाब होती, तो उसे 12 अंक मिल जाते. इससे टीम इंडिया का WTC पॉइंट्स टेबल में PCT बढ़कर 63.33 हो जाता और भारत चौथे नंबर पर पहुंच जाता, लेकिन कोलंबो ड्रॉ होने के बाद भारत और श्रीलंका को 4-4 पॉइंट्स मिले. इस नतीजे के बाद टीम इंडिया का पॉइंट्स प्रतिशत यानी PCT 53.33% से घटकर अब 51.51% हो गया है.
हालांकि, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स टेबल में टीम इंडिया अभी भी पांचवें नंबर पर काबिज है, लेकिन टीम की मुश्किलें बढ़ गई हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय टीम को अपने बचे हुए टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीमों के साथ खेलने हैं, जिनमें टीम इंडिया सभी मैचों में जीत हासिल करेगी, इसकी उम्मीद थोड़ी कम है. वहीं दूसरी ओर, श्रीलंका का पॉइंट्स प्रतिशत 33.33% ही है और वह पॉइंट्स टेबल में छठे नंबर पर काबिज है.
Sri Lanka’s resilience with the bat ensures that only three wickets fall on the final day. The two teams shake hands after a hard-fought Test, which ends in a draw.#TeamIndia win the series 1-0.
— BCCI (@BCCI) August 27, 2026
Details - https://t.co/Uh4Xgn8rB5 pic.twitter.com/spxoqmBzct
टीम इंडिया के WTC फाइनल की उम्मीदों को लगा बड़ा झटका
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के पॉइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया टॉप पर काबिज है. बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट में मिली बड़ी जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया का PCT 80 हो गया है. वहीं मौजूदा चैंपियन साउथ अफ्रीका दूसरे नंबर पर है. साउथ अफ्रीका का PCT उस वक्त 75 है. जबकि न्यूजीलैंड की टीम पॉइंट्स टेबल में तीसरे और बांग्लादेश की टीम चौथे नंबर पर मौजूद है. इसके बाद भारत और श्रीलंका की टीमें क्रमशः पांचवें और छठे नंबर पर हैं. WTC का फाइनल टॉप की 2 टीमों के बीच खेला जाता है. ऐसे में टीम इंडिया को टॉप-2 में जगह बनानी है, तो उसे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को क्लीन स्वीप करना पड़ेगा, जो काफी मुश्किल काम है.
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नेपाल में आम के एक पेड़ ने कैसे बचाई बिवेक की जान? पढ़िए बाढ़ से बचे 24 साल के मजदूर की आपबीती
Nepal floods: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बाढ़ देश में काफी तबाही मचाई है. अभी तक करीब 350 से ज्यादा लोगों के शव बरामद हो चुके हैं. वहीं नेपाल, भारत समेत कई देशों के सैकड़ों नागरिक अभी तक गुम हैं. सरकार युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. इसी बीच एक मजदूर बिवेक के बचने की मार्मिक कहानी सामने आई है.
नेपाल में आई भीषण बाढ़ की भयावहता की एक और कहानी सामने आई है. 24 वर्षीय मजदूर बिबेक कुमाल बाढ़ के तेज बहाव में बह गए थे. पानी, कीचड़ और चट्टानों के बीच बहते हुए वह एक आम के पेड़ में फंस गए, जिसकी वजह से उनकी जान बच सकी.
द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, कुमाल बुधवार को बिदुर इलाके में एक नए बने घर के बाहर करीब 5 फीट गहरा शौचालय का गड्ढा खोद रहे थे. उनके चार साथी गड्ढे के ऊपर खड़े थे. इसी दौरान उन्हें अचानक तेज आवाज सुनाई दी. साथियों ने उन्हें तुरंत बाहर निकलकर भागने को कहा. कुमाल जैसे ही गड्ढे से बाहर निकले, तभी पानी, कीचड़ और चट्टानों का तेज बहाव उनकी तरफ आ गया। उनके साथी भाग चुके थे, लेकिन कुमाल इसकी चपेट में आ गए.
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दूर तक बहाया, फिर पेड़ में फंसे
कुमाल ने काठमांडू के राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर में बताया कि पानी की एक दीवार भूकंप जैसी आवाज के साथ मेरी तरफ आई और मुझे बहाकर ले गई. तेज बहाव उन्हें काफी दूर तक बहाकर ले गया. इसी दौरान वह एक आम के पेड़ में फंस गए. कुमाल ने कहा कि अगर वहां आम का पेड़ नहीं होता तो मैं बहकर मर जाता. बाद में पुलिस ने उन्हें पेड़ से सुरक्षित बाहर निकाला. पानी और एक बड़े पत्थर की चपेट में आने से उनके दाहिने पैर में चोट आई है.
New footage shows the ordeal of a 24-year-old worker during the devastating floods in Nepal. Bibek Kumal was swept away by the rushing water but survived after becoming trapped in a mango tree and was later rescued. pic.twitter.com/jkcPCzquTf
— The Moneta Post (@TheMonetaPost) August 26, 2026
देखते ही देखते गायब हो गया घर
कुमाल ने बताया कि पेड़ से चिपके रहने के दौरान उन्होंने उस घर को अपनी आंखों के सामने गायब होते देखा, जहां वह काम कर रहे थे. बाढ़ के तेज बहाव में मिट्टी और चट्टानों का बड़ा हिस्सा नदी में आ गया था, जिससे आसपास के इलाके में भारी तबाही मची.
अभी तक 350 लोगों की मौत
नेपाल में आई इस बाढ़ में कम से कम 350 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं. इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक 114 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है और उनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है.
11 साल की बच्ची भी बाल-बाल बची
कुमाल के साथ अस्पताल में 11 वर्षीय रिहाना लामिछाने का भी इलाज चल रहा है. रिहाना ने बताया कि वह स्कूल में थी, तभी बाढ़ के कारण स्कूल बंद कर दिया गया. घर लौटते समय जब वह नदी पार कर रही थी, तभी अचानक पानी का बहाव तेज हो गया. रिहाना के सीने और पैर में चोट आई है. उसने कहा कि वह सुरक्षित है, इससे उसे खुशी है, लेकिन उसे अपने दोस्तों के बारे में पता नहीं है. उसकी मां रीटा ने बताया कि बेटी के बाढ़ में फंसने की खबर मिलने के बाद वह तुरंत उसे ढूंढने के लिए निकल पड़ीं। बेटी को सुरक्षित देखकर उन्हें बड़ी राहत मिली.
नेपाल में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान होता है. पहाड़ी इलाकों में बसे होने के कारण देश भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील है.
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