Gen-Z के प्रदर्शन पर थरूर ने भारत की तारीफ की:कहा- देश का राजनीतिक सिस्टम दबाव में आया, लेकिन टूटा नहीं
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने देश में हाल ही में हुए Gen-Z विरोध प्रदर्शनों को लेकर देश की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत का राजनीतिक सिस्टम दबाव में आया, लेकिन टूटा नहीं। थरूर ने यह बात NDTV एक कार्यक्रम में दक्षिण एशिया की राजनीतिक व्यवस्थाओं और Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा के दौरान कही। उन्होंने भारत की स्थिति की तुलना उन दूसरे देशों से भी की, जहां हाल के सालों में युवाओं ने बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरकर विरोध किया। थरूर ने कहा कि पिछले करीब एक दशक में दक्षिण एशिया के छह प्रमुख देशों में युवाओं के बड़े प्रदर्शन देखने को मिले हैं। इनमें म्यांमार, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल और भारत शामिल हैं। इन सभी प्रदर्शनों के पीछे अलग-अलग मुद्दे रहे, लेकिन सभी में Gen-Z का गुस्सा था। इन देशों की सरकारों ने विरोध प्रदर्शनों का अलग-अलग तरीके से सामना किया। वहीं, भारत ने हालात के मुताबिक खुद को ढाल कर हालात संभाल लिए।
खड़गे ने परिसीमन को लेकर पीएम को चिट्ठी लिखी:चर्चा के पर्याप्त समय मांगा, कहा-लोकसभा सदस्यों की संख्या अगले 25 साल तक 543 ही रखें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर परिसीमन प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। उन्होंने सभी दलों और राज्य सरकारों को इन प्रस्तावों का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय देने को कहा। लेटर में खड़गे ने पीएम से कहा कि लोकसभा में राज्यवार मौजूदा संख्या बल को अगले 25 साल तक 543 बनाए बनाए रखने की मांग की है।। 2029 के लोकसभा चुनावों से महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करें। खड़गे की चिट्ठी
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