नेशनल लॉ स्कूल ने दीक्षांत समारोह किया रद्द:CJI सूर्यकांत चीफ गेस्ट थे, छात्रों ने हटाने की मांग की थी; पहले 3 इंस्टिट्यूट में विरोध हुआ
बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ने 12 सितंबर को होने वाला 34वां दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया है। ये फैसला CJI सूर्यकांत को चीफ गेस्ट बनाने पर छात्रों के विरोध के बाद लिया गया। अब छात्र अपना सर्टिफिकेट कूरियर से या विश्वविद्यालय में आकर ले सकते हैं। हर साल नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में देश के CJI छात्रों को डिग्री देते हैं। लेकिन इस साल छात्रों ने चीफ गेस्ट के तौर पर CJI सूर्यकांत के हाथ से डिग्री लेने से मना कर दिया। इससे पहले TISS, NALSAR और OP Jindal Global University में भी CJI सूर्यकांत को लेकर छात्रों ने आपत्ति जताई। 700 से ज्यादा छात्रों ने किया था विरोध NLSIU में 700 से ज्यादा छात्रों और पूर्व छात्रों ने CJI सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के दीक्षांत समारोह में शामिल होने का विरोध किया था। जिसे लेकर छात्रों ने बार काउंसिल को लेटर भी लिखा था।
खड़गे ने पीएम को चिट्ठी लिखी:परिसीमन पर चर्चा के लिए सभी दलों और राज्य सरकारों को पर्याप्त समय देने की मांग
खड़गे ने प्रधानमंत्री से परिसीमन प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। उन्होंने सभी दलों और राज्य सरकारों को इन प्रस्तावों का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय देने को कहा। लोकसभा में राज्यवार मौजूदा संख्या बल को अगले 25 वर्षों तक बनाए रखें, 2029 के लोकसभा चुनावों से महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करें: खड़गे ने पीएम से कहा। कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने परिसीमन के मुद्दे पर पीएम मोदी को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अगले 25 वर्षों तक लोकसभा की मौजूदा संख्या 543 बनाए रखने की मांग की है।
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