RSS प्रमुख के कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिशों की आशंका, HAF ने न्यूयॉर्क मेयर से मांगी सुरक्षा
अमेरिका स्थित हिंदू-अमेरिकी समुदाय के एक संगठन ने न्यूयॉर्क में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों से शनिवार को होने वाले कार्यक्रम का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं के साथ किसी भी तरह के टकराव से बचने की अपील की है। अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संगठन ‘हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन’ (एचएएफ) ने चेतावनी दी है कि मैडिसन स्क्वायर गार्डन स्थित इन्फोसिस थिएटर में शनिवार को होने वाले ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन्स’ कार्यक्रम को बाधित करने और इसे रद्द कराने की कोशिशें की जा सकती हैं। इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शामिल होंगे।
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‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ और समान विचारधारा वाले अन्य संगठनों ने शनिवार को मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर प्रदर्शन करने की योजना बनायी है। यह प्रदर्शन आरएसएस प्रमुख के कार्यक्रम के दौरान ही होगा। ‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ की उप कार्यकारी निदेशक श्रव्या ताडेपल्ली ने कहा, ‘‘मोहन भागवत हिंदुओं का प्रतिनिधित्व नहीं करते।
वह एक कट्टरपंथी हिंदू राष्ट्रवादी आंदोलन का नेतृत्व करते हैं, जिसने अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा, बहिष्कार और भय को बढ़ावा दिया है।’’ एचएएफ ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से भी अपील की है कि वे सभी न्यूयॉर्कवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने शपथबद्ध दायित्व का पालन करें, जिसमें मैडिसन स्क्वायर गार्डन में कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोग भी शामिल हैं। संगठन ने सभी की सुरक्षा और नागरिक अधिकारों की गारंटी देने की मांग की है। एचएएफ ने कहा, ‘‘अगर आप कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं: सभ्य व्यवहार करें और सभी के शांतिपूर्वक एकत्र होने, प्रदर्शन करने और अपने विचार व्यक्त करने के अधिकार का सम्मान करें।’’ संगठन ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों से अपने आसपास के माहौल के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना कानून प्रवर्तन अधिकारियों को देने को कहा है।
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उसने कहा, ‘‘अगर आपको खतरा महसूस हो तो उस क्षेत्र से निकल जाएं और कार्यक्रम की सुरक्षा टीम या कानून प्रवर्तन अधिकारियों से संपर्क करें। आपात स्थिति में 911 पर फोन करें। भड़काऊ या धमकी भरे बयान देने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ टकराव या झगड़े से बचें।’’ संगठन ने लोगों से नफरत से जुड़ी घटनाओं, धमकियों, तोड़फोड़, संदिग्ध गतिविधियों या किसी अन्य अपराध की सूचना सुरक्षा कर्मियों या कानून प्रवर्तन अधिकारियों को देने की भी अपील की है।
Pakistan में नेहा फकीर के जबरन धर्म परिवर्तन मामले में US Lawmakers ने लिखा पत्र
अमेरिका के 11 सांसदों के एक समूह ने पाकिस्तान से उस ईसाई महिला के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया है, जिसका कथित तौर पर अपहरण कर उसे इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। कांग्रेस सदस्य क्रिस स्मिथ ने पाकिस्तान सरकार से 18 वर्षीय ईसाई महिला नेहा फकीर की सुरक्षा और मौलिक अधिकारों की रक्षा करने की अपील की। आरोप है कि मार्च में उसका अपहरण किया गया और बाद में उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसे इस्लाम कबूल कराया गया।
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नेहा के परिवार की ओर से उसे वापस लाने की मांग को लेकर दायर याचिका को पाकिस्तान की एक अदालत ने खारिज कर दिया है। स्मिथ ने कहा, ‘‘नेहा फकीर के लापता होने और उसके बाद धर्म परिवर्तन की परिस्थितियां उसकी सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और बिना किसी दबाव या डर के अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने की उसकी क्षमता को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े करती हैं।’’ स्मिथ और कांग्रेस के 10 अन्य सदस्यों ने पाकिस्तान के संघीय कानून एवं न्याय मंत्री आजम नजीर तरार को पत्र भेजकर फकीर के मामले पर चिंता जताई और ‘‘पाकिस्तान सरकार से इस मामले का उचित समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने’’ की अपील की। पत्र में दोनों दलों के सांसदों ने पाकिस्तानी अधिकारियों से अपनी न्यायिक व्यवस्था के तहत आवश्यक कदम उठाने की मांग की, ताकि फकीर की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके तथा उसे स्वतंत्र कानूनी सलाहकार से गोपनीय रूप से संपर्क करने की सुविधा मिले।
उन्होंने पाकिस्तान से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि फकीर को अपने परिवार से स्वतंत्र रूप से और निजी तौर पर बातचीत करने का अवसर मिले। स्मिथ ने कहा, “पाकिस्तान का संविधान धार्मिक स्वतंत्रता और कानून के समक्ष समानता की रक्षा करता है, लेकिन अगर कोई युवा महिला सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से अपने विचार व्यक्त नहीं कर सकती, तो इन अधिकारों का कोई खास मतलब नहीं रह जाता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मामला पाकिस्तान के धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिन्हें अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और जबरन विवाह जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा है।’’ ‘क्रिश्चियन सॉलिडैरिटी इंटरनेशनल’ ने 10 जून को फकीर के मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया था। संगठन ने बताया था कि 24 मार्च को वह सिलाई सीखने गयी थी और उसके बाद से लापता है।
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बाद में फकीर लाहौर के एक मदरसे में मिली, जहां उसका कथित तौर पर इस्लाम में धर्म परिवर्तन करा दिया गया था।
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