शामली में मारे गए YouTuber अंकित बालियान के पोस्टमार्टम में बड़ा खुलासा, शरीर से निकलीं 8 गोलियां
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में ताबड़तोड़ गोलियां लगने से जान गंवाने वाले हरियाणवी गायक एवं यूट्यूबर अंकित बालियान कुछ महीने पहले हरियाणा छोड़कर अपने गांव में रहते थे और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। बालियान के परिजन को शक है कि उनकी हत्या का असल कारण हरियाणा से ही जुड़ा कोई विवाद है और हत्या हरियाणा के सोनीपत के लोगों ने ही की है। उनके एक परिजन ने पीटीआई—को बताया कि पूर्व में कबड्डी के खिलाड़ी रहे बालियान ने बाद में पैरों में परेशानी की वजह से खेल छोड़कर वर्ष 2022 में यूट्यूब पर अपना चैनल खोला था।
उन्होंने बताया कि बालियान ने अपने यूट्यूब चैनल पर भरी कोर्ट में गोली मारेंगे जैसे कई गीत डाले जो खासे लोकप्रिय हुए। उसके बाद वह हरियाणा के सोनीपत में रहने लगे, मगर पिछले करीब आठ महीने से वह शामली के अपने पैतृक गांव बंतीखेड़ा में रह रहे थे और रोजाना जिम में कसरत करने जाते थे। परिजन ने बताया कि बालियान जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे और इलाके में उनके होर्डिंग, बैनर और पोस्टर भी लगे थे।
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उनका ऐसा कोई राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नहीं था जिससे उन्हें जान का खतरा हो। उन्होंने बताया कि बालियान की हत्या हरियाणा में ही हुए किसी मामले को लेकर हुई है और हत्या को भी वहीं के हमलावरों ने अंजाम दिया है। परिजन के मुताबिक, बालियान का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।
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उन्होंने बताया कि बालियान शारीरिक शिक्षा में स्नातक थे और सरकारी नौकरी के लिये प्रयास भी किये थे। उन्होंने बताया कि बालियान की पत्नी दिल्ली में सरकारी शिक्षिका है और उनका भाई राजीव कोटा में रहता है जबकि उसके पिता सतवीर सिंह सेवानिवृत्त सैनिक हैं। परिजन ने बताया कि हरियाणा के गोगी गैंग के एक गुर्गे ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट कर बालियान की हत्या की जिम्मेदारी ली है।
हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। परिजन के मुताबिक, पोस्टमार्टम के दौरान उनके शव से आठ गोलियां निकाली गयीं जिनमें से तीन सिर से, इतनी ही हाथ में, एक पेट में और एक पैर में लगी है। उन्होंने बताया कि बालियान का अंतिम संस्कार बंतीखेड़ा गांव में ही होगा।
Nepal बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की मदद के लिए CMO ने शुरू किया कंट्रोल रूम
नेपाल में बाढ़ के बीच महाराष्ट्र के करीब 80 पर्यटकों के फंसे होने का अनुमान है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि जानकारी जुटाने का काम जारी है और यह संख्या बदल सकती है। राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) की बृहस्पतिवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 57 लोग एक टूर एजेंसी के माध्यम से गए थे, जबकि बाकी लोग स्वतंत्र रूप से यात्रा कर रहे थे।
अब तक चार नागरिकों के सुरक्षित होने की सूचना मिली है। बुधवार को नेपाल के तीन जिलों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इसमें 165 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत कई लोग लापता हैं।
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यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे भीषण आपदाओं में से एक है। एसईओसी ने बताया कि वह 57 लोगों की यात्रा आयोजित करने वाली ऋचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड के संपर्क में है। वह आगे की जानकारी के लिए नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय के एकीकृत नियंत्रण कक्ष-आपात प्रतिक्रिया केंद्र के साथ भी समन्वय कर रहा है।
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राज्य के अधिकारी यात्रा आयोजित करने वाली संबंधित ट्रैवल एजेंसी के साथ भी समन्वय कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि एसईओसी और जिला प्रशासन वहां फंसे लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। कुछ मामलों में नाम दोहराए जाने की बात सामने आई है और अंतिम संख्या तय करने के लिए उनका सत्यापन किया जा रहा है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से नेपाल में फंसे अपने रिश्तेदारों या अन्य लोगों की जानकारी साझा करने की अपील की है। विभाग ने एक हेल्पलाइन डेस्क भी स्थापित किया है और समन्वय एवं सहायता के लिए लोगों से विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। एसईओसी ने लोगों की जानकारी जुटाने के लिए एक वेब आधारित लिंक तैयार किया है और इसे मीडिया के माध्यम से साझा किया है।
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जिला कलेक्टरों को भी जानकारी जुटाने और उसका सत्यापन करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बुधवार को बताया कि मंत्रालय में 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। महाराष्ट्र के जिन लोगों को सहायता की आवश्यकता है, उनसे आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की गई है।
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