Nepal बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की मदद के लिए CMO ने शुरू किया कंट्रोल रूम
नेपाल में बाढ़ के बीच महाराष्ट्र के करीब 80 पर्यटकों के फंसे होने का अनुमान है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि जानकारी जुटाने का काम जारी है और यह संख्या बदल सकती है। राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) की बृहस्पतिवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 57 लोग एक टूर एजेंसी के माध्यम से गए थे, जबकि बाकी लोग स्वतंत्र रूप से यात्रा कर रहे थे।
अब तक चार नागरिकों के सुरक्षित होने की सूचना मिली है। बुधवार को नेपाल के तीन जिलों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इसमें 165 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत कई लोग लापता हैं।
इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ
यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे भीषण आपदाओं में से एक है। एसईओसी ने बताया कि वह 57 लोगों की यात्रा आयोजित करने वाली ऋचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड के संपर्क में है। वह आगे की जानकारी के लिए नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय के एकीकृत नियंत्रण कक्ष-आपात प्रतिक्रिया केंद्र के साथ भी समन्वय कर रहा है।
इसे भी पढ़ें: Nepal Floods में 165 लोगों की मौत, 300 से अधिक भारतीय पर्यटक लापता
राज्य के अधिकारी यात्रा आयोजित करने वाली संबंधित ट्रैवल एजेंसी के साथ भी समन्वय कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि एसईओसी और जिला प्रशासन वहां फंसे लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। कुछ मामलों में नाम दोहराए जाने की बात सामने आई है और अंतिम संख्या तय करने के लिए उनका सत्यापन किया जा रहा है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से नेपाल में फंसे अपने रिश्तेदारों या अन्य लोगों की जानकारी साझा करने की अपील की है। विभाग ने एक हेल्पलाइन डेस्क भी स्थापित किया है और समन्वय एवं सहायता के लिए लोगों से विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। एसईओसी ने लोगों की जानकारी जुटाने के लिए एक वेब आधारित लिंक तैयार किया है और इसे मीडिया के माध्यम से साझा किया है।
इसे भी पढ़ें: भीषण बाढ़ पर दलाई लामा ने जताया दुख, आपदा के पीछे Climate Change का जताया अंदेशा
जिला कलेक्टरों को भी जानकारी जुटाने और उसका सत्यापन करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बुधवार को बताया कि मंत्रालय में 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। महाराष्ट्र के जिन लोगों को सहायता की आवश्यकता है, उनसे आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की गई है।
Nepal Floods में फंसे भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित लाएं, Congress ने PM Narendra Modi से की मांग
कांग्रेस ने नेपाल में विनाशकारी भीषण बाढ़ पर चिंता जताते हुए बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया कि वहां फंसे भारतीय पर्यटकों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी की ओर से इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भी लिखा गया है। उनका कहना है कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही ने सभी को स्तब्ध कर दिया है और नुकसान भी व्यापक स्तर पर हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी संभावित राहत प्रयासों को अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने पर केंद्रित किया जाना चाहिए।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि नेपाल में सैकड़ों भारतीय पर्यटक फंसे हुए हैं और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने सड़क और हवाई मार्ग से निकासी के साथ-साथ आपातकालीन राहत शिविर स्थापित किए जाने की मांग की, ताकि इस त्रासदी के बीच फंसे भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता मिल सके। नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 से अधिक हो गई है और 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।
इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ
बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि अचानक आई बाढ़ में लापता हजारों लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








