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अब लंदन में गूंजेंगे काशी के मंत्र, थेम्स नदी के तट पर सजेगा गंगा आरती का दरबार!

लंदन में इस बार टेम्स नदी का किनारा भारतीय संस्कृति के एक खास रंग से रोशन होने वाला है। गंगा आरती अभी तक सिर्फ भारत के पवित्र घाटों से की जाती है, वहीं अब यही परंपरा एक बिल्कुल अलग माहौल में देखने को मिलेगी। यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि भारत और ब्रिटेन की संस्कृति को जोड़ने वाला अनोखा अनुभव होगा, जहां रोशनी, भक्ति और नदी का खूबसूरत संगम देखने को मिलेगा।

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US के नेशनल इमरजेंसी ऐलान से चमके ये 4 Power Equipment Stocks, चीन पर एक्शन से मिलेगा फायदा?

Power Equipment Stocks: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार 27 अगस्त को GE Vernova T&D India Ltd., CG Power and Industrial Solutions Ltd., TD Power Systems Ltd. और Hitachi Energy India Ltd. के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिली. इन कंपनियों के शेयर में यह तेजी अमेरिका की ओर से बल्क-पावर सिस्टम की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा के बाद आई है. 

आखिर क्या है अमेरिका का नया आदेश?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश में बने कुछ पावर-ग्रिड इक्विपमेंट की खरीद और आयात पर रोक लगाने वाले एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया है. यह आदेश विदेश में बने उन उपकरणों और उनसे जुड़े सॉफ्टवेयर पर लागू होता है, जो अमेरिकी पावर-ग्रिड की राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा या कामकाज में रिस्क पैदा कर सकते हैं. 

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किन इक्विपमेंट्स पर होगा असर?

इस ऑर्डर के दायरे में कई तरह के इक्विपमेंट्स आते हैं. जैसे सबस्टेशन ट्रांसफॉर्मर, ग्रिड-कनेक्टेड इनवर्टर, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, जनरेटर, टर्बाइन, हाई वोल्टेज सर्किट ब्रेकर और इंडस्ट्रियल कंट्रोल सिस्टम. हालांकि ऐसे इक्विपमेंट्स और वेंडरों की सटीक सूची को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुआ है. क्योंकि अमेरिकी उर्जा मंत्री को उन खास चीजों और सप्लायर की पहचान करने का काम सौपा गया है जिनसे सिक्योरिटी रिस्क हो सकात है. 

क्या है इस फैसले के पीछे का उद्देश्य?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम खासतौर पर अमेरिका के पावर-ग्रिड इक्विपमेंट सप्लाई चेन में चीन की मौजूदगी को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है. इस फैसले से उन भारतीय कंपनियों को फायदा मिल सकता है, जो अमेरिका को अपना एक्सपोर्ट बढ़ाने की कोशिश में लगे हैं. जानकारों के मुताबिक, इन पाबंदियों का दायरा ट्रांसफॉर्मर, जनरेटर, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, ग्रिड-कनेक्टेड इन्वर्टर और टर्बाइन के साथ-साथ इनसे जुड़े सॉफ्टवेयर और डिजिटल क्षमताओं तक भी बढ़ सकता है.

भारतीय कंपनियों के लिए यह खबर अच्छी क्यों है?

इस घटनाक्रम को उन भारतीय पावर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चर्स के लिए पॉजिटिव माना जा रहा है जिनकी पहले से ही अमेरिका में मौजूदगी है या जो वहां अपना कारोबार बढ़ाना चाहते हैं. चीनी सप्लायर्स पर लगी पाबंदियों से भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए कॉम्पिटिशन कम होने की उम्मीद है, जिससे इन कंपनियों की सीधे तौर पर फायदा हो सकता है. 

किन कंपनियों को मिल सकता है सबसे ज्यादा फायदा?

मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो GE Vernova T&D India, हिताची एनर्जी इंडिया (Hitachi Energy India), सीजी पावर (CG Power), TD पावर सिस्टम्स (TD Power Systems) और APAR Industries जैसी कंपनियां इस डेवलपमेंट से खासतौर पर फायदा उठा सकती हैं. ये सभी कंपनियां अमेरिकी बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रही हैं. 

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डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए दी गई है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश फैसले से पहले कृपया अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.

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  Sports

Rishabh Pant के 50 Test के बाद Ravichandran Ashwin की दो टूक सलाह: अब टीम की जरूरत के हिसाब से खेलें

रिषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 168 रन बनाकर दो अर्धशतक जरूर लगाए, लेकिन उनके प्रदर्शन को लेकर रविचंद्रन अश्विन पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर का मानना है कि पंत को अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ मैच की स्थिति को समझने और टीम की जरूरत के मुताबिक फैसले लेने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

मौजूद जानकारी के अनुसार, अश्विन ने अपने कार्यक्रम ‘अश की बात’ में पंत की बल्लेबाजी पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि केवल आंकड़ों के आधार पर पंत के प्रदर्शन का आकलन करना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक, पंत जिस तरह के जोखिम लेते हैं, उसमें यह समझना जरूरी है कि कब आक्रमण करना है और कब विकेट बचाकर खेलना है।

पंत की आक्रामक शैली पिछले कुछ महीनों से चर्चा का विषय रही है। उनके प्रशंसक अक्सर उनकी इसी बेखौफ बल्लेबाजी को उनकी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं, क्योंकि वह मुश्किल परिस्थितियों में भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, अश्विन का कहना है कि टेस्ट क्रिकेट में हर परिस्थिति में एक ही अंदाज से बल्लेबाजी करना टीम के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

उन्होंने पिछले साल गुवाहाटी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पंत के आउट होने का उदाहरण भी दिया। उस मुकाबले में शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में पंत भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे थे। उन्होंने मार्को यानसन की गेंद पर आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर के हाथों में चली गई।

अश्विन ने साफ किया कि उन्हें पंत के आक्रामक खेल से समस्या नहीं है। उनकी आपत्ति उन मौकों को लेकर है जब मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण स्थिति में हो और बल्लेबाज अनावश्यक जोखिम उठा ले। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र सहवाग और एडम गिलक्रिस्ट जैसे बल्लेबाज भी आक्रामक क्रिकेट खेलते थे, लेकिन मैच की स्थिति को नजरअंदाज करके इस तरह के जोखिम नहीं लेते थे।

गौरतलब है कि पंत अब तक 50 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। अश्विन के अनुसार, इतने अनुभव के बाद उनसे ज्यादा जिम्मेदारी की उम्मीद की जानी चाहिए। उन्होंने पंत को किसी विशेष प्रतिभा के नाम पर अतिरिक्त छूट देने के विचार पर भी सवाल उठाया। अश्विन का कहना है कि यशस्वी जायसवाल जैसे युवा खिलाड़ियों में भी असाधारण क्षमता है, इसलिए सिर्फ विशेष प्रतिभा होने के आधार पर किसी खिलाड़ी को आलोचना से बचाना उचित नहीं है।

अश्विन ने सिडनी और ब्रिस्बेन में पंत की शानदार पारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंत ने वहां बेहतरीन पारियां खेलीं, लेकिन टेस्ट जीतने के लिए केवल एक खिलाड़ी का प्रदर्शन पर्याप्त नहीं होता। वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ियों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण रहा था। उनके मुताबिक, टेस्ट मैच को जीत तक पहुंचाने के लिए 11 खिलाड़ियों का योगदान चाहिए, जबकि एक गलत फैसला पूरे मैच को हाथ से निकाल सकता है।

बता दें कि पंत फिलहाल भारत की एकदिवसीय और टी20 टीम से बाहर हैं और मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट में ही भारतीय टीम का हिस्सा हैं। अश्विन मानते हैं कि अगर पंत अपनी बल्लेबाजी में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव लाते हैं तो उनके लिए सीमित ओवरों की टीम में वापसी का रास्ता भी खुल सकता है।

अश्विन ने यहां तक कहा कि जिस दिन पंत को उनकी कमियों के बारे में साफ और ईमानदार प्रतिक्रिया मिलने लगेगी, वह तीनों प्रारूपों में दोबारा भारत के लिए खेलने की स्थिति में पहुंच सकते हैं। उनके मुताबिक, पंत की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन अब उनके खेल में जिम्मेदारी और बेहतर निर्णय लेने की जरूरत है। यही बदलाव उन्हें एक शानदार टेस्ट बल्लेबाज से फिर से भारत के तीनों प्रारूपों के भरोसेमंद खिलाड़ी में बदल सकता है।
Fri, 28 Aug 2026 18:54:00 +0530

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