Responsive Scrollable Menu

चैटजीपीटी भारत में फ्री और गो टियर यूजर्स के लिए शुरू करेगा विज्ञापन

नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनी ओपनएआई ने भारत में ‘चैटजीपीटी ऐड’ का विस्तार करने की घोषणा की है। भारत कंपनी के सबसे बड़े बाजारों में से एक है और यह कदम प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले अपने लोकप्रिय चैटबॉट से कमाई बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है।

इसकी शुरुआत फ्री और गो टियर पर लॉग-इन करने वाले वयस्क यूजर्स के लिए की जाएगी। भारत में चैटजीपीटी के गो टियर प्लान की कीमत 399 रुपए प्रति माह है। विज्ञापनों में दिखाए जाने वाले प्रायोजित उत्पाद या सेवाएं चैटजीपीटी के जवाबों के नीचे दिखाई देंगी।

कंपनी ने कहा कि इन विज्ञापनों पर स्पष्ट रूप से लेबल लगा होगा और उन्हें चैटजीपीटी के जवाबों से अलग तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।

प्लस, प्रो, बिजनेस, एंटरप्राइस और एजुकेशन टियर के पेड सब्सक्राइबर्स को पहले की तरह विज्ञापन-मुक्त सेवा मिलती रहेगी।

ओपनएआई ने कहा कि यूजर्स की चैट, चैट हिस्ट्री, मेमोरी या व्यक्तिगत जानकारी विज्ञापनदाताओं के लिए उपलब्ध नहीं होगी, क्योंकि कंपनी यूजर्स का डेटा विज्ञापनदाताओं को नहीं बेचती है। इसके बजाय विज्ञापनदाताओं को कैंपेन के प्रदर्शन से जुड़ी समेकित जानकारी, जैसे विज्ञापन कितनी बार दिखा और कितने क्लिक मिले, उपलब्ध कराई जाएगी।

ओपनएआई ने यह भी कहा कि जिन अकाउंट्स में यूजर ने खुद को 18 साल से कम उम्र का बताया है, या जहां कंपनी यह निर्धारित करती है कि यूजर नाबालिग है, वहां विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य या राजनीति जैसे संवेदनशील अथवा विनियमित विषयों से जुड़े जवाबों के साथ भी विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे।

ओपनएआई ने बताया कि इस सप्ताह 50 से अधिक ब्रांडों के विज्ञापन लाइव होने की उम्मीद है। कंपनी भारत में 4 सितंबर से चैटजीपीटी ऐड मैनेजर की सेल्फ-सर्विस सुविधा भी शुरू करने की योजना बना रही है। ब्रांड 725 रुपए प्रतिदिन से शुरू होने वाले बजट के साथ विज्ञापन अभियान चला सकेंगे।

इस महीने की शुरुआत में चैटजीपीटी के वैश्विक साप्ताहिक यूजर्स की संख्या 1 अरब के पार पहुंच गई थी। फरवरी 2026 तक भारत इसके लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार बना हुआ था, जहां छात्रों, डेवलपर्स, शिक्षकों और उद्यमों सहित 10 करोड़ से अधिक साप्ताहिक यूजर्स थे।

ओपन एआई ने पहली बार जनवरी 2026 में चैटजीपीटी के भीतर विज्ञापनों का परीक्षण शुरू करने की योजना की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य आय के स्रोतों में विविधता लाना और विस्तार को गति देना था।

विज्ञापन का पायलट प्रोग्राम फरवरी में अमेरिका में शुरू हुआ था। लॉन्च के छह सप्ताह के भीतर यह 10 करोड़ डॉलर के वार्षिकीकृत राजस्व के आंकड़े को पार कर गया। इसके बाद इसे कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, मैक्सिको, ब्राजील, जापान और दक्षिण कोरिया तक विस्तार दिया गया।

पिछले सप्ताह ओपनएआई ने 31 यूरोपीय देशों में चैटजीपीटी ऐड लॉन्च किए, जिनमें जर्मनी, फ्रांस, स्पेन और इटली भी शामिल हैं।

--आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

Nepal के आरोपों पर बुरी तरह भड़का China, तिलमिलाते हुए ड्रैगन बोला, ''हमारी वजह से नहीं आई बाढ़''

अचानक आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर नेपाल की ओर से लगाये गये आरोपों पर चीन बुरी तरह भड़क उठा है। बीजिंग ने आज काठमांडू के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि चीन की ओर बने एक कथित ‘जियोलॉजिकल डिजास्टर डैम’ के ढहने से नेपाल में तबाही मची। नेपाल स्थित चीनी दूतावास ने इस दावे को सीधे-सीधे ‘फेक न्यूज’ करार देते हुए यह भी नकार दिया कि चीन ने नेपाल को समय रहते कोई चेतावनी नहीं दी, जिसके कारण भारी जनहानि हुई।

चीनी दूतावास ने फेसबुक पर अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि 26 अगस्त की सुबह नेपाल की ओर भूकंप या भूकंप जैसी स्थिति के कारण ग्लेशियर धंसने की घटना हुई। इसके बाद भारी मात्रा में मलबा और कीचड़ नीचे की ओर बहा और नेपाल-चीन सीमा के ग्यिरोंग-रसुवागढ़ी क्षेत्र में व्यापक तबाही मच गई। चीन ने अपने बयान के अंत में कड़ा संदेश देते हुए कहा, “आरोपों से कुछ हासिल नहीं होगा, सहयोग से जानें बचेंगी।”

इसे भी पढ़ें: भारत है संकट का सबसे बड़ा साथी... बालेन शाह ने जानलेवा बाढ़ के दौरान मदद के लिए PM मोदी का शुक्रिया अदा किया

हालांकि, इस त्रासदी की असली वजह को लेकर दोनों देशों के दावों के बीच सवाल बने हुए हैं। नेपाल की ओर से सामने आई जानकारी में कहा गया कि भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे का बहाव हिमस्खलन के कारण बाधित हुआ, जिसके बाद अचानक पानी और मलबे का भीषण सैलाब नीचे की ओर आया। इसने सबसे पहले चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी के तिमुरे इलाके को अपनी चपेट में लिया और देखते ही देखते कई बस्तियों, सड़कों और इमारतों को बहा ले गया।

देखा जाये तो नेपाल और तिब्बत के हिमालयी सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा का पैमाना बेहद भयावह है। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, गुरुवार सुबह तक नेपाल में कम से कम 165 शव बरामद किए जा चुके थे और 826 लोग लापता थे। वहीं, चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के मुताबिक तिब्बत में भी सैकड़ों लोग लापता हुए हैं। दोनों तरफ मिलाकर लापता लोगों की संख्या 1,300 से अधिक बताई जा रही है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में 579 यात्री, जिनमें 466 विदेशी और 113 नेपाली शामिल हैं, वह लापता हैं।

भारतीय नागरिकों को लेकर भी चिंता गहरा गई है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के अनुसार, लापता लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक शामिल हो सकते हैं। अन्य शुरुआती आंकड़ों में लगभग 133 भारतीय और 37 एनआरआई के लापता होने की बात कही गई है। इनमें कम से कम 50 लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े तीर्थयात्री बताए जा रहे हैं। कई परिवार अब अपने प्रियजनों की तलाश में नेपाल प्रशासन और भारतीय अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं।

इस बीच, भारत ने राहत अभियान में तेजी दिखाते हुए नेपाल के लिए मानवीय सहायता की दूसरी खेप भी रवाना कर दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि दूसरी उड़ान से 37.5 टन राहत सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट नेपाल भेजे गए हैं।

वहीं, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह भी हालात का जायजा लेने के लिए नुवाकोट के प्रभावित इलाकों की ओर रवाना हुए। वहां वे बाढ़ से हुए भौतिक नुकसान का आकलन करने के साथ स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और जनप्रतिनिधियों से राहत, पुनर्बहाली और बाधित बुनियादी ढांचे को चालू करने पर चर्चा करेंगे।

उधर, इस तबाही का असर भारत की सीमाओं तक भी पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में यूपी-बिहार सीमा से लगे गांवों में नेपाल से पानी छोड़े जाने की खबरों के बाद दहशत का माहौल है। हालांकि रातभर बाढ़ का पानी गांवों में नहीं घुसने से लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन शिवपुर, बसंतपुर और मरछहवा को जोड़ने वाली सड़कों पर भारी जलभराव ने आवागमन लगभग ठप कर दिया है। छोटे वाहनों की आवाजाही रुक गई है और ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के सहारे सफर करने को मजबूर हैं।

वहीं, उत्तराखंड के चंपावत जिले में भी नेपाल की बाढ़ के बाद एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है। टनकपुर पोस्ट की टीम शारदा घाट, शारदा बैराज और नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही है। लोगों, यात्रियों और मछुआरों को नदी किनारे न जाने की चेतावनी दी गई है।

देखा जाये तो नेपाल की इस भयावह त्रासदी के बीच अब एक बड़ा सवाल सामने है कि तबाही के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? चीन और नेपाल एक-दूसरे के दावों को खारिज कर रहे हैं, लेकिन मलबे के नीचे दबे गांव, लापता हजारों लोग और अपनों की तलाश में भटकते परिवार इस राजनीतिक और भूवैज्ञानिक बहस से कहीं अधिक बड़ी मानवीय त्रासदी की गवाही दे रहे हैं।

Continue reading on the app

  Sports

Video: अनाया बांगड़ ने बताया कैसे 2027 में ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम के लिए बनाएगी अपना रास्ता

2027 में एक ट्रांसजेंडर क्रिकेटर ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट में लौटेंगी। मेडिकल इतिहास, हार्मोन स्तर और वैज्ञानिक जांच के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वापसी की अनुमति दी है। मार्च 2027 में टेस्टोस्टेरोन स्तर की पुष्टि के बाद चयन संभव होगा। #TransgenderAthlete #CricketAustralia #WomensCricket #खेलसमाचार #ऑस्ट्रेलिया Thu, 27 Aug 2026 17:40:19 +0530

  Videos
See all

Sugar Price Hike Update: अभी-अभी चीनी की कीमत पर बड़ी खबर | Sugar Price News | Breaking News | N18V #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-27T12:45:53+00:00

Nepal Flood News: नेपाल की त्रास्दी का आंखों देखा हाल, ग्राउंड जीरो पर पहुंचा B. भारत | Rescue #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-27T12:38:38+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers