Chandrababu Naidu ने Nepal में फंसे राज्य के लोगों को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे राज्य के लोगों की पहचान की जाए और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। सरकार प्रभावित लोगों का पता लगा रही है और केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। नायडू ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बाढ़ के कारण नेपाल में फंसे आंध्र प्रदेश के निवासियों की पहचान करें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं।’’ मुख्यमंत्री ने जमीन पर स्थिति की लगातार निगरानी करने और बाढ़ से प्रभावित श्रद्धालुओं को सहायता उपलब्ध कराने का जिम्मा तकनीक आधारित निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था ‘रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम’ (आरटीजीएस) को सौंपा है।
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इस बीच, नेपाल की स्थिति से प्रभावित आंध्र प्रदेश के लोगों से जुड़ी जानकारी जुटाने और सहायता के समन्वय के लिए दिल्ली स्थित आंध्र प्रदेश भवन में एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। सरकार ने बताया कि लोग 011-23384016 और 011-23387089 नंबर पर आंध्र प्रदेश भवन के नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सऐप नंबर 9059824101 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
FCI ने Jammu Kashmir में महिला कर्मी के विवादित वीडियो की जांच के आदेश दिए
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने बुधवार को उस वीडियो की जांच के आदेश दिए जिसमें कथित तौर पर निगम की एक महिला कर्मचारी भारत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करती नजर आ रही है। निगम ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो के संबंध में वह बृहस्पतिवार को कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। माना जाता है कि महिला एफसीआई की प्रबंधक या गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी है।
वीडियो में महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘‘कश्मीर पर भारत का कब्जा अन्यायपूर्ण है और यह अन्यायपूर्ण ही रहेगा।’’ एफसीआई के महाप्रबंधक आई.के. चौधरी ने कहा कि निगम ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वीडियो में दिख रही महिला, निगम कर्मचारी है और क्या वीडियो क्लिप में सुनाई दे रही आवाज उसी की है। चौधरी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं उसका जवाब जानने के लिए कल उसे कारण बताओ नोटिस जारी करूंगा।
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उसके बाद मामले की पूरी जांच की जाएगी। अगर महिला मान लेती है कि वीडियो उसी का है, या जांच में यह साबित हो जाता है कि वीडियो में वही थी, तो हम उक्त कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।’’ चौधरी ने बताया कि निगम अपने सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन करवाता है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि महिला एफसीआई की कर्मचारी है और उसी ने ये बातें कही हैं, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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हालांकि, चौधरी ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले यह नतीजा निकालना जल्दबाजी होगी कि वीडियो या उसमें सुनाई दे रही आवाज उसी कर्मचारी की है। वीडियो में कही गई बातों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है खासकर इसलिए क्योंकि माना जा रहा है कि आरोपी महिला केंद्र सरकार की कर्मचारी है। वीडियो में महिला यह भी कहती हुई सुनाई देती है कि सरकारी नौकरी करने का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति मुख्यधारा का हिस्सा बन गया है।
वह कहती है, ‘‘अगर हम किसी प्रतिरोध आंदोलन का हिस्सा हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि हम इंसान नहीं हैं। हमारी भी जरूरतें होती हैं और उन जरूरतों को पूरा करने के लिए नौकरी की जरूरत पड़ सकती है। अगर अच्छी नौकरी मिलती है, तो हम वो नौकरी करते हैं।’’ महिला ने यह भी कहा कि नौकरी मिलने से ‘‘भारत को लेकर उसके रुख’’ में कोई बदलाव नहीं आएगा।
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उसने कहा, ‘‘कश्मीर पर भारत का कब्जा अन्यायपूर्ण है और यह अन्यायपूर्ण ही रहेगा।’’ महिला ने पिछले तीन दशकों में कश्मीर में हुई मौत का भी जिक्र किया और कहा, ‘‘हम नौकरी के बदले उनका सौदा नहीं कर सकते।’’ वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिख रही महिला की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।
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