FCI ने Jammu Kashmir में महिला कर्मी के विवादित वीडियो की जांच के आदेश दिए
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने बुधवार को उस वीडियो की जांच के आदेश दिए जिसमें कथित तौर पर निगम की एक महिला कर्मचारी भारत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करती नजर आ रही है। निगम ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो के संबंध में वह बृहस्पतिवार को कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। माना जाता है कि महिला एफसीआई की प्रबंधक या गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी है।
वीडियो में महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘‘कश्मीर पर भारत का कब्जा अन्यायपूर्ण है और यह अन्यायपूर्ण ही रहेगा।’’ एफसीआई के महाप्रबंधक आई.के. चौधरी ने कहा कि निगम ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वीडियो में दिख रही महिला, निगम कर्मचारी है और क्या वीडियो क्लिप में सुनाई दे रही आवाज उसी की है। चौधरी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं उसका जवाब जानने के लिए कल उसे कारण बताओ नोटिस जारी करूंगा।
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उसके बाद मामले की पूरी जांच की जाएगी। अगर महिला मान लेती है कि वीडियो उसी का है, या जांच में यह साबित हो जाता है कि वीडियो में वही थी, तो हम उक्त कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।’’ चौधरी ने बताया कि निगम अपने सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन करवाता है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि महिला एफसीआई की कर्मचारी है और उसी ने ये बातें कही हैं, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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हालांकि, चौधरी ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले यह नतीजा निकालना जल्दबाजी होगी कि वीडियो या उसमें सुनाई दे रही आवाज उसी कर्मचारी की है। वीडियो में कही गई बातों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है खासकर इसलिए क्योंकि माना जा रहा है कि आरोपी महिला केंद्र सरकार की कर्मचारी है। वीडियो में महिला यह भी कहती हुई सुनाई देती है कि सरकारी नौकरी करने का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति मुख्यधारा का हिस्सा बन गया है।
वह कहती है, ‘‘अगर हम किसी प्रतिरोध आंदोलन का हिस्सा हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि हम इंसान नहीं हैं। हमारी भी जरूरतें होती हैं और उन जरूरतों को पूरा करने के लिए नौकरी की जरूरत पड़ सकती है। अगर अच्छी नौकरी मिलती है, तो हम वो नौकरी करते हैं।’’ महिला ने यह भी कहा कि नौकरी मिलने से ‘‘भारत को लेकर उसके रुख’’ में कोई बदलाव नहीं आएगा।
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उसने कहा, ‘‘कश्मीर पर भारत का कब्जा अन्यायपूर्ण है और यह अन्यायपूर्ण ही रहेगा।’’ महिला ने पिछले तीन दशकों में कश्मीर में हुई मौत का भी जिक्र किया और कहा, ‘‘हम नौकरी के बदले उनका सौदा नहीं कर सकते।’’ वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिख रही महिला की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दफ्तरों के नहीं काटने होंगे चक्कर, NDMC सीधे खाते में भेजेगी Pension
कर्मचारियों की ओर से पेंशन संबंधी कागजात के निपटारे में देरी की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने बुधवार को कहा कि वह सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से पेंशन संबंधी दस्तावेज सौंपेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उनकी पेंशन बिना किसी देरी के खाते में जमा हो। एनडीएमसी के अध्यक्ष ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि यह फैसला कई कर्मचारियों और संगठनों के उनसे संपर्क करने और यह बताने के बाद लिया गया कि पेंशन के कागजात पूरे होने में अक्सर महीनों लग जाते हैं जिससे सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को नौकरी खत्म होने के बाद भी बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। द्विवेदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘महीने के आखिरी दिन मैं खुद पेंशन के कागजात दूंगा और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के खाते में पेंशन जरूर जमा हो जाएगी।
इसके लिए अब और भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी।’’ उन्होंने यह भी कहा कि वह इसकी तस्वीरें पोस्ट करेंगे। अधिकारी ने कहा कि इस कदम का मकसद उन कर्मचारियों के योगदान को सम्मान देना है जिन्होंने कई साल एनडीएमसी की सेवा की। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त होने वालों में से कई कम वेतन वाले कर्मचारी हैं, जिनमें सफाई कर्मचारी भी शामिल हैं।
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अगस्त में एनडीएमसी के 42 कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वह 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों से मिलेंगे और उन्हें पेंशन के कागजात सौंपेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘उनके योगदान को सम्मान देने के लिए हम कम से कम इतना तो कर ही सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इस कदम से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पेंशन की प्रक्रिया से जुड़ी अनिश्चितता और बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा और यह सुनिश्चित हो सकेगा कि वे नौकरी से सेवानिवृत्त होते समय अपने पेंशन से जुड़े कागजात साथ लेकर जाएं।
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