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32 मंजिला इमारत की दीवारों पर इंसानी चेहरा, दूर से देख फटी रह जाएंगी आंखें, जानिए 85 मीटर ऊंची कलाकारी का सच

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में बनी 32 मंजिला इमारत की बालकनियों पर एक ऐसा डिजाइन उकेरा गया है जो दूर से देखने पर एक विशालकाय चेहरे जैसा दिखता है. जानिए इस अनूठी 85 मीटर ऊंची वास्तुकला के पीछे का सच.

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मरे हुए पति को अस्पताल लेकर भागी, खुद करवाया पोस्टमार्टम, एक्ट्रेस हिमानी शिवपुरी ने सुनाया दर्दनाक किस्सा

Himani Shivpuri Recalls Husband Death: हिंदी सिनेमा और टेलीविजन की दिग्गज एक्ट्रेस हिमानी शिवपुरी ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक यादगार किरदार निभाए हैं. जी हां, कभी मां, कभी सास तो कभी कॉमेडी किरदारों में अपनी खास पहचान बनाने वाली हिमानी शिवपुरी आज भी दर्शकों के बीच काफी पॉपुलर हैं. फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में उनके छोटे लेकिन यादगार किरदार को आज भी लोग याद करते हैं. वहीं टीवी शो ‘हप्पू की उलटन पलटन’ में कटोरी के किरदार से भी वो दर्शकों का मनोरंजन कर रही हैं.

हालांकि, पर्दे पर हमेशा हंसते-मुस्कुराते नजर आने वाली हिमानी शिवपुरी की निजी जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया था, जिसने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था. ये समय उनकी जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर था. एक तरफ उनका फिल्मी करियर चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ अचानक पति ज्ञान शिवपुरी की मौत ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया. हाल ही में एक इंटरव्यू में हिमानी ने पति की मौत से जुड़ी उस घटना को याद किया और बताया कि उस वक्त उनके साथ क्या-क्या हुआ था.

अचानक बेहोश होकर गिर पड़े थे पति

हिमानी शिवपुरी ने एक्टर ज्ञान शिवपुरी से शादी की थी. दोनों का एक बेटा भी है. ज्ञान भी एक्टिंग की दुनिया से जुड़े हुए थे. हिमानी के मुताबिक, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ की शूटिंग के दौरान उनके पति अचानक वॉशरूम में बेहोश होकर गिर पड़े थे. हालात इतने गंभीर थे कि उन्हें बचाने के लिए डॉक्टर को बुलाया गया. हिमानी ने बताया कि उसी बिल्डिंग में एक डॉक्टर रहते थे, जिन्हें बुलाकर उन्होंने पति को दिखाया. डॉक्टर ने जांच के बाद ज्ञान शिवपुरी को मृत घोषित कर दिया. लेकिन हिमानी उस समय इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थीं कि उनके पति अब इस दुनिया में नहीं रहे. अचानक हुई इस घटना ने उन्हें इतना हिला दिया था कि वो डॉक्टर की बात पर विश्वास नहीं कर पा रही थीं. उन्होंने खुद पति को अस्पताल ले जाने का फैसला किया.

अस्पताल ले जाना पड़ गया भारी

हिमानी शिवपुरी ने बताया कि बाद में उन्हें महसूस हुआ कि पति को अस्पताल ले जाना शायद उनकी एक बड़ी गलती थी, क्योंकि इसके बाद पोस्टमार्टम और पुलिस की फॉर्मलिटीज का पूरा सिलसिला शुरू हो गया. उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि जब किसी व्यक्ति को अस्पताल ले जाया जाता है और वहां उसे मृत घोषित किया जाता है, तो कई तरह की कानूनी प्रक्रियाएं शुरू हो जाती हैं. पति की अचानक मौत के बाद हिमानी को अकेले ही इन सारी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. उस समय उनके लिए सबसे मुश्किल बात ये थी कि एक तरफ उन्हें पति की मौत का सदमा था और दूसरी तरफ अंतिम संस्कार से लेकर पुलिस और पोस्टमार्टम तक की तमाम जिम्मेदारियां उनके सामने थीं.

छोटा भाई मुंबई आया और संभाली जिम्मेदारियां

हिमानी ने बताया कि उस मुश्किल समय में उनका भाई उनके पास आ गया था. हालांकि, भाई उनसे छोटा था और उसे मुंबई की ज्यादा जानकारी नहीं थी. ऐसे में पति के अंतिम संस्कार और बाकी जरूरी व्यवस्थाओं की बड़ी जिम्मेदारी हिमानी के कंधों पर आ गई. एक्ट्रेस के मुताबिक, वो इन सारी जिम्मेदारियों में इस कदर उलझ गई थीं कि उन्हें ठीक से समझ ही नहीं आ रहा था कि उनके साथ रियल में क्या हो गया है. पति की मौत उनके लिए सिर्फ भावनात्मक सदमा नहीं थी, बल्कि अचानक सामने आई ऐसी जिम्मेदारी भी थी जिसके लिए वो बिल्कुल तैयार नहीं थीं. उन्होंने बताया कि उस वक्त वो लगातार कामों में लगी रहीं और इसी वजह से उन्हें शायद अपने दर्द को महसूस करने का भी मौका नहीं मिला.

पोस्टमार्टम के दौरान पुलिसवाले ने की तारीफ

हिमानी शिवपुरी ने इस दौरान हुई एक ऐसी घटना भी साझा की, जिसे याद करना आज भी उनके लिए भावुक कर देने वाला है. पति के पोस्टमार्टम से जुड़ी फॉर्मलिटीज के लिए उन्हें अपने भाई के साथ पुलिस स्टेशन जाना पड़ा था. वहां उनकी मुलाकात एक पुलिस अधिकारी से हुई. वो पुलिसवाला हिमानी को पहचानता था और उनकी एक्टिंग का फैन था. उस अधिकारी ने हिमानी से कहा कि उसे उनका पुराना टीवी किरदार ‘देवकी भौजाई’ काफी पसंद था. ये किरदार उन्होंने मनोहर श्याम जोशी के मशहूर शो ‘हमराही’ में निभाया था. ऐसे में जब पुलिसवाले ने उनके किरदार की तारीफ की, तो हिमानी को बेहद गुस्सा आ गया.

भाई ने संभाला

हिमानी ने बताया कि उस समय उन्हें इतना गुस्सा आया कि वो पुलिस अधिकारी पर बरस पड़ीं. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि ऐसे वक्त में कोई उनके अभिनय या किरदार की बात कैसे कर सकता है. हालांकि, उनके भाई ने उन्हें शांत कराया. हिमानी के लिए उस वक्त उनके पति की मौत का दर्द इतना बड़ा था कि उन्हें आसपास की किसी दूसरी चीज में कोई दिलचस्पी नहीं थी.

पति की मौत की वजह से ‘DDLJ’ के क्लाइमैक्स से हुईं अलग

ज्ञान शिवपुरी की मौत का असर हिमानी के प्रोफेशनल करियर पर भी पड़ा. उस समय वो शाहरुख खान और काजोल स्टारर फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का हिस्सा थीं. हिमानी फिल्म के क्लाइमैक्स का भी हिस्सा बनने वाली थीं. लेकिन पति की मौत के बाद उनकी मानसिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वो शूटिंग जारी रख सकें. उन्हें फिल्म के क्लाइमैक्स से हटना पड़ा. वहीं पति की मौत के बाद हिमानी इस कदर टूट गई थीं कि उन्होंने एक्टिंग छोड़ने तक के बारे में सोचना शुरू कर दिया था. हिमानी शिवपुरी ने बताया कि पति की मौत के बाद वो डिप्रेशन में चली गई थीं. उनके लिए उस सदमे से बाहर निकलना आसान नहीं था. अचानक जीवनसाथी को खो देना और उसके बाद घर-परिवार की जिम्मेदारियां संभालना उनके लिए बेहद मुश्किल था.

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  Sports

Rishabh Pant के 50 Test के बाद Ravichandran Ashwin की दो टूक सलाह: अब टीम की जरूरत के हिसाब से खेलें

रिषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 168 रन बनाकर दो अर्धशतक जरूर लगाए, लेकिन उनके प्रदर्शन को लेकर रविचंद्रन अश्विन पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर का मानना है कि पंत को अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ मैच की स्थिति को समझने और टीम की जरूरत के मुताबिक फैसले लेने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

मौजूद जानकारी के अनुसार, अश्विन ने अपने कार्यक्रम ‘अश की बात’ में पंत की बल्लेबाजी पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि केवल आंकड़ों के आधार पर पंत के प्रदर्शन का आकलन करना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक, पंत जिस तरह के जोखिम लेते हैं, उसमें यह समझना जरूरी है कि कब आक्रमण करना है और कब विकेट बचाकर खेलना है।

पंत की आक्रामक शैली पिछले कुछ महीनों से चर्चा का विषय रही है। उनके प्रशंसक अक्सर उनकी इसी बेखौफ बल्लेबाजी को उनकी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं, क्योंकि वह मुश्किल परिस्थितियों में भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, अश्विन का कहना है कि टेस्ट क्रिकेट में हर परिस्थिति में एक ही अंदाज से बल्लेबाजी करना टीम के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

उन्होंने पिछले साल गुवाहाटी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पंत के आउट होने का उदाहरण भी दिया। उस मुकाबले में शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में पंत भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे थे। उन्होंने मार्को यानसन की गेंद पर आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर के हाथों में चली गई।

अश्विन ने साफ किया कि उन्हें पंत के आक्रामक खेल से समस्या नहीं है। उनकी आपत्ति उन मौकों को लेकर है जब मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण स्थिति में हो और बल्लेबाज अनावश्यक जोखिम उठा ले। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र सहवाग और एडम गिलक्रिस्ट जैसे बल्लेबाज भी आक्रामक क्रिकेट खेलते थे, लेकिन मैच की स्थिति को नजरअंदाज करके इस तरह के जोखिम नहीं लेते थे।

गौरतलब है कि पंत अब तक 50 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। अश्विन के अनुसार, इतने अनुभव के बाद उनसे ज्यादा जिम्मेदारी की उम्मीद की जानी चाहिए। उन्होंने पंत को किसी विशेष प्रतिभा के नाम पर अतिरिक्त छूट देने के विचार पर भी सवाल उठाया। अश्विन का कहना है कि यशस्वी जायसवाल जैसे युवा खिलाड़ियों में भी असाधारण क्षमता है, इसलिए सिर्फ विशेष प्रतिभा होने के आधार पर किसी खिलाड़ी को आलोचना से बचाना उचित नहीं है।

अश्विन ने सिडनी और ब्रिस्बेन में पंत की शानदार पारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंत ने वहां बेहतरीन पारियां खेलीं, लेकिन टेस्ट जीतने के लिए केवल एक खिलाड़ी का प्रदर्शन पर्याप्त नहीं होता। वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ियों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण रहा था। उनके मुताबिक, टेस्ट मैच को जीत तक पहुंचाने के लिए 11 खिलाड़ियों का योगदान चाहिए, जबकि एक गलत फैसला पूरे मैच को हाथ से निकाल सकता है।

बता दें कि पंत फिलहाल भारत की एकदिवसीय और टी20 टीम से बाहर हैं और मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट में ही भारतीय टीम का हिस्सा हैं। अश्विन मानते हैं कि अगर पंत अपनी बल्लेबाजी में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव लाते हैं तो उनके लिए सीमित ओवरों की टीम में वापसी का रास्ता भी खुल सकता है।

अश्विन ने यहां तक कहा कि जिस दिन पंत को उनकी कमियों के बारे में साफ और ईमानदार प्रतिक्रिया मिलने लगेगी, वह तीनों प्रारूपों में दोबारा भारत के लिए खेलने की स्थिति में पहुंच सकते हैं। उनके मुताबिक, पंत की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन अब उनके खेल में जिम्मेदारी और बेहतर निर्णय लेने की जरूरत है। यही बदलाव उन्हें एक शानदार टेस्ट बल्लेबाज से फिर से भारत के तीनों प्रारूपों के भरोसेमंद खिलाड़ी में बदल सकता है।
Fri, 28 Aug 2026 18:54:00 +0530

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