अमेरिका में भारतीय मूल के कारोबारी की हत्या:19 साल की बेटी के सामने लुटेरे ने पिता को गोली मारी
अमेरिका में भारतीय मूल के कारोबारी सुरेश पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना 20 अगस्त को टेनेसी राज्य के जैक्सनविले शहर में हुई। फायरिंग के समय सुरेश पटेल की 19 साल की बेटी भी दुकान में मौजूद थी। उसने अपनी आंखों के सामने यह वारदात देखी। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक, एक नकाबपोश बदमाश पैसे लूटने के इरादे से दुकान में घुसा था। कैश लेने के बाद उसने सुरेश पटेल पर फायरिंग कर दी। गोलीबारी के दौरान दुकान का एक कर्मचारी भी घायल हुआ था। गुजरात के मेहसाणा के रहने वाले थे सुरेश पटेल सुरेश पटेल गुजरात के मेहसाणा जिले के आखज गांव के रहने वाले थे। वे लगभग 30 साल से अमेरिका में रह रहे थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, सुरेश पटेल ने घटना से सिर्फ 3 दिन पहले ही यह दुकान खरीदी थी। गोलीबारी के बाद मौके से फरार हो गया आरोपी वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, एक नकाबपोश व्यक्ति दुकान में घुसा और कर्मचारियों से कैश की मांग की। पैसे मिलने के बाद उसने कई राउंड फायरिंग की। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ग्रे रंग की हुडी, जींस और काले बूट पहन रखे थे। उसके चेहरे पर मास्क था। वारदात के बाद वह सफेद रंग की कार में बैठकर फरार हो गया। पुलिस को इस घटना से जुड़ा CCTV फुटेज मिला है। पुलिस ने लोगों से आरोपी के बारे में जानकारी देने की अपील भी की है। भारतीय मूल के लोंगों पर हुए हमले के चर्चित केस मई 2025 - टेनेसी में परेश प्रिंस पटेल की गैस स्टेशन पर लूट के दौरान गोली मारकर हत्या। सितंबर 2025 - साउथ कैरोलिना में किरण पटेल की लूट के दौरान हत्या। मई 2026 - वर्जीनिया में मेघना पटेल की दुकान के अंदर गोली मारकर हत्या। 2025 में अमेरिका में 14 भारतीयों पर जानलेवा हमले भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय नागरिकों पर सबसे ज्यादा हमले और हिंसा के मामले अमेरिका में दर्ज किए गए हैं। अमेरिका में भारतीयों पर हुए जानलेवा हमलों और हिंसक घटनाओं की संख्या साल 2024 में 11 दर्ज की गई थी। साल 2025 में यह बढ़कर 14 हो गई। इस तरह किसी भी देश में भारतीय नागरिकों पर हुए हमलों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। ------------------------------ यह भी पढ़ें…. अमेरिका में भारतीय इंजीनियर ने पत्नी की हत्या की: भारत में रह रही गर्लफ्रेंड को शव की फोटो भेजी; जमानत के लिए ₹47 करोड़ देने होंगे अमेरिका में एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उसने पत्नी का गला घोंटकर हत्या की। पूरी खबर पढ़ें…
ईरान बोला- होर्मुज तभी खुलेगा, जब अमेरिका अपना रवैया सुधारेगा:उसने बातचीत में धोखा दिया; ट्रम्प ने एक बार फिर होर्मुज को अमेरिकी इलाका बताया
ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट तभी खोला जाएगा, जब अमेरिका अपना रवैया सुधारेगा और किए गए वादे पूरे करेगा। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहसिन रेजाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने बातचीत में धोखा दिया है। रेजाई ने कहा कि अमेरिका पहले अपनी जिम्मेदारियां पूरी करे, उसके बाद ही होर्मुज खोलने पर बात होगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अमेरिकी आर्थिक दबाव के आगे नहीं झुकेगा। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को ‘न्यू यूएस टेरिटरी’ यानी नया अमेरिकी इलाका बताया गया है। ट्रम्प इससे पहले 18 अगस्त को भी होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की बात कह चुके हैं। ईरान ने ट्रम्प के इस दावे को खारिज किया है। रेजाई बोले- ट्रम्प के हमले से परमाणु हथियारों की होड़ बढ़ सकती है रेजाई ने कहा कि ट्रम्प के ईरान पर हमले से दुनिया में परमाणु हथियारों को लेकर डर और बढ़ गया है। उनका कहना है कि अब दूसरे देशों को भी लग सकता है कि बिना परमाणु हथियार के वे सुरक्षित नहीं हैं। रेजाई ने कहा कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का सदस्य है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक अपने परमाणु कार्यक्रम की जांच भी कराता रहा है। इसके बावजूद अमेरिका ने उस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इससे दुनिया के दूसरे देशों में परमाणु हथियार हासिल करने की इच्छा बढ़ सकती है। रेजाई के मुताबिक, अमेरिका की कार्रवाई ने परमाणु सुरक्षा मजबूत करने के बजाय उल्टा खतरा बढ़ा दिया है। होर्मुज स्ट्रेट पर किसका अधिकार है? होर्मुज स्ट्रेट का उत्तरी हिस्सा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी हिस्सा ओमान के मुसंदम क्षेत्र से लगता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले जहाज इसी रास्ते से अरब सागर और फिर हिंद महासागर की ओर जाते हैं। इसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि कई देशों के लिए अहम समुद्री मार्ग है। अमेरिका यहां अपने युद्धपोत और नौसैनिक बल तैनात रखता है ताकि समुद्री व्यापार और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। खाड़ी देशों से दुनिया को भेजे जाने वाले करीब 20% कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से होती है। फरवरी में अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने से पहले हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल इस रास्ते से होकर गुजरता था। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की एनर्जी सप्लाई काफी हद तक इसी रास्ते पर निर्भर है। ईरानी राष्ट्रपति बोले- युद्ध नहीं बातचीत से समाधान चाहते हैं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता। वह बातचीत के जरिए समस्या का हल निकालना चाहता है। पजशकियान ने कहा कि ईरान किसी के दबाव में नहीं आएगा, लेकिन ताकत और समझदारी से बातचीत कर समाधान निकाला जा सकता है। अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव के बीच हुए समझौते में ईरान ने एक भी शर्त नहीं छोड़ी है। उनके मुताबिक, ईरान की सुरक्षा परिषद में सभी पक्षों ने इस समझौते को सही रास्ता माना था। ------------------------------- होर्मुज से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- होर्मुज पर जल्द अमेरिका का फुल कंट्रोल होगा:ईरान की नेवी और एयरफोर्स खत्म, उसके पास सिर्फ कुछ मिसाइल और ड्रोन बचे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नेवी, एयरफोर्स और मिलिट्री लीडरशिप को बहुत नुकसान हुआ है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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