Raksha Bandhan Special: मिठाई छोड़िए, इस बार बनाएं कुरकुरी पालक भुजिया; स्वाद ऐसा कि हाथ रुकेंगे नहीं
Raksha Bandhan Special: रक्षाबंधन पर मिठाई के साथ अगर कुछ कुरकुरा, नमकीन मिल जाए तो त्योहार का स्वाद और भी खास हो जाता है। इस बार बाजार की नमकीन छोड़कर घर पर ही पालक की स्वादिष्ट भुजिया बनाकर देखें। बेसन और ताजे पालक से तैयार यह स्नैक खाने में बेहद कुरकुरा और स्वाद में चटपटा लगता है।
इसे आप शाम की चाय के साथ भी सर्व कर सकते हैं। कम मेहनत में बनने वाली यह होममेड भुजिया रक्षाबंधन के स्नैक मेन्यू में जरूर जगह बना सकती है।
पालक भुजिया बनाने की सामग्री
- 2 कप बेसन
- ½ कप पालक की प्यूरी
- स्वादानुसार नमक
- ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- ¼ छोटा चम्मच हल्दी
- ½ छोटा चम्मच अजवाइन
- 1 चुटकी हींग
- तलने के लिए तेल
पालक भुजिया बनाने की आसान विधि
स्टेप 1: सबसे पहले पालक को अच्छी तरह धोकर हल्का उबाल लें। ठंडा होने के बाद पालक की बारीक प्यूरी तैयार कर लें।
स्टेप 2: एक बड़े बर्तन में बेसन, पालक की प्यूरी, नमक, लाल मिर्च, हल्दी, अजवाइन और एक चुटकी हींग डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
स्टेप 3: अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा और चिकना आटा तैयार करें। ध्यान रखें कि मिश्रण ज्यादा पतला न हो, वरना भुजिया कुरकुरी नहीं बनेगी।
स्टेप 4: कड़ाही में तेल गर्म करें। तैयार मिश्रण को भुजिया बनाने वाली मशीन या सेव मेकर में भरकर गर्म तेल में सीधे दबाते हुए डालें।
स्टेप 5: पालक भुजिया को मध्यम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। तेज आंच पर तलने से यह बाहर से जल्दी रंग पकड़ सकती है, इसलिए आंच का ध्यान रखें।
स्टेप 6: तैयार भुजिया को टिश्यू पेपर पर निकाल लें, ताकि अतिरिक्त तेल सोख जाए। पूरी तरह ठंडा होने के बाद इसे एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें।
बनाते समय इन बातों का रखें खास ध्यान
- पालक को ज्यादा देर तक न उबालें।
- भुजिया का मिश्रण न बहुत पतला रखें और न ही बहुत ज्यादा सख्त।
- तेल अच्छी तरह गर्म होने के बाद ही भुजिया डालें।
- भुजिया को हमेशा मध्यम आंच पर तलें, इससे यह अंदर तक अच्छी तरह कुरकुरी बनेगी।
- भुजिया को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही एयरटाइट डिब्बे में भरें।
रक्षाबंधन पर अगर घर में रसगुल्ला, कलाकंद, लड्डू या दूसरी मिठाइयां बन रही हैं, तो उनके साथ यह कुरकुरी पालक भुजिया एक बढ़िया नमकीन विकल्प बन सकती है। शाम की चाय के साथ भी इसे सर्व किया जा सकता है।
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Morning Alarm: सुबह उठने के लिए लगाते हैं 4-5 अलार्म? ये आदत नींद भगाने के बजाय बढ़ा सकती है सुस्ती
Morning Alarm Snooze Button: अलार्म बजने के बाद 'बस 5 मिनट और' सोचकर दोबारा सो जाना काफी आम आदत है। कई लोग तो समय पर उठने के लिए 3-4 अलार्म तक लगा देते हैं। समस्या यह है कि हर बार अलार्म से नींद टूटने पर शरीर को दोबारा सोने और जागने के बीच झूलना पड़ता है।
इस वजह से उठने के बाद कुछ समय तक दिमाग सुस्त महसूस कर सकता है। इसे स्लीप इनर्शिया कहा जाता है, जिसमें नींद खुलने के बाद भी शरीर और दिमाग पूरी तरह एक्टिव होने में समय लेते हैं।
सुबह फ्रेश उठना है तो ये आदत बदलें
अगर रोज अलार्म बंद करके फिर सोने की आदत है, तो फोन को तकिए के पास रखने के बजाय थोड़ी दूरी पर रखें। इससे अलार्म बंद करने के लिए आपको बिस्तर से उठना पड़ेगा।
इसके अलावा रोज लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें। सबसे जरूरी बात है कि रात में शरीर को पर्याप्त नींद मिले, ताकि सुबह उठने के लिए बार-बार अलार्म की जरूरत न पड़े।
सुबह की सुस्ती कम करने के आसान तरीके
सुबह उठने के बाद कमरे में रोशनी आने दें या कुछ देर प्राकृतिक रोशनी में रहें। पानी पिएं और हल्की गतिविधि या स्ट्रेचिंग करें। नियमित स्लीप शेड्यूल रखने से भी सुबह उठने की आदत बेहतर हो सकती है।
हालांकि, कभी-कभार स्नूज करने का मतलब यह नहीं कि इससे हर व्यक्ति को नुकसान ही होगा। इसका असर आपकी नींद की अवधि, स्लीप शेड्यूल और शरीर की आदतों पर निर्भर कर सकता है।
रोज सुबह उठना बन गया है मुश्किल?
अगर आप पर्याप्त घंटे सोने के बाद भी रोज सुबह उठ नहीं पाते, दिनभर नींद आती रहती है या लगातार थकान महसूस होती है, तो इसे सिर्फ अलार्म की आदत समझकर नजरअंदाज न करें।
(Disclaimer): यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य और नींद से जुड़ी जागरूकता के लिए है। अगर पर्याप्त नींद के बावजूद लगातार अत्यधिक थकान, नींद या सुबह उठने में परेशानी रहती है, तो डॉक्टर या Sleep Specialist से सलाह लें।
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