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बाजार की राखियों से कहीं ज्यादा खास है Homemade Rakhi! बटन और मोतियों से लाएं चमक, जानें step-by-step बनाने का तरीका

रक्षाबंधन का त्योहार आने वाला है। अभी से बाजारों में राखी की दुकानें सज गई हैं। लोग पहले से ही इस त्योहार की तैयारी में लग जाते है। रक्षाबंधन पर्व भाई-बहन के स्नेह और प्रेम का प्रतीक है। अपने भाई के लिए बहनें बाजार जाकर एक से एक सुंदर राखी खरीदती हैं, हालांकि आप इस बार कुछ अलग ट्राई करना चाहती हैं तो घर पर भी राखी बना सकती है। इसे बनाना भी बेहद आसान और आपको कोई बहुत ज्यादा सामान इक्ट्ठा करने की कोई जरुरत नहीं है। घर पर रखें पुराने कपड़ों के डिजाइनर बटन, स्टार्स यानी के सीक्विन और मोती से शानदार राखी बना सकते हैं। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कैसे आप घर पर आसानी से राखी बना सकते हैं। 

घर पर बटन और मोती की राखी बनाने का सबसे आसान तरीका
रक्षाबंधन का पर्व बेहद नजदीक आ चुका है। जानें भाई के लिए राखी बनाने के स्टेप-बाय-स्टेप गाइड-

 सामान को इक्ट्ठा करें
इसके लिए आप घर में पड़े पुराने कपड़ों के सुंदर डिजाइनर बटन, कुछ मोती, चमक के लिए सितारे (सीक्विन) और एक मजबूत धागा ( रेशमी डोरी) ले लें।

मेन डिजाइन (सेंटर) देखें
आप पहले यह डिसाइड करें कि बीच में क्या लगाना है। यदि बटन बहुत ही प्यारा है, तो उसे राखी के बीचों-बीच लगा सकते हैं। यदि आपके पास सुंदर मोती है, तो इन्हें सेंटर में लगा लें।

मोतियों से सजाएं
धागे में आप दोनों तरफ अपनी पंसद के मुताबिक छोटे-मोटे मोतियों के बीच-बीच में या बटन के किनारों पर सितारों लगा सकती हैं।

सितारों (सीक्विन) से लाएं स्पार्कल
राखी में चमक देने के लिए मोतियों के बीच-बीच में या बटन के किनारों पर सितारे लगा सकते हैं।

धागा फिनिश करें
इसके बाद राखी के दोनों सिरों पर एक-एक गांठ लगा दें ताकि मोती बाहर न निकलें। तैयार है आपकी हैंडमेड डिजाइनर राखी।

होममेड राखी बनाने के फायदे
वैसे तो बाजार में कई राखियां मिल जाएगी, लेकिन घर की बनीं राखियों का एक अलग प्यार और अपनापन नजर आता है। आइए आपको बताते हैं घर पर राखी बनाने के फायदे-

 - बाजार के रेडीमेड राखी के मुकाबले आप अपने हाथों से बनी राखी में भाई के लिए प्यार और फिलिंग साफ देखने को मिलता है। 

 - घर पर पड़ी पुरानी बेकार चीजों और बटनों का री-यूज हो जाता है।

 -  अपने अनुसार राखी को हैवी और सिंपल लुक दे सकते हैं। 

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यशवीर सिंह ने जीता ब्रॉन्ज मेडल, पीएम मोदी ने दी बधाई

Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में भारत ने डबल पोडियम फिनिश हासिल किया है। ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि यशवीर सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता है। भारत के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर देश भर में खुशी का माहौल है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने की एथलीटों की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीरज चोपड़ा और यशवीर सिंह की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनकी जमकर तारीफ की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए कहा कि इन युवा एथलीटों की उपलब्धि देश के तमाम युवाओं को प्रेरित करेगी।

यशवीर सिंह को ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि उन्होंने शानदार थ्रो के साथ अपनी कड़ी मेहनत और लगन का परिचय दिया है। वहीं, सिल्वर मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा की निरंतरता, संयम और जुझारू भावना की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सफलता हर भारतीय को गौरवान्वित करती है।

नीरज चोपड़ा का शानदार थ्रो
ग्लासगो खेलों में ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने अपने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए सीजन का बेस्ट थ्रो फेंका। उन्होंने 85.83 मीटर के शानदार प्रयास के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। हालांकि, इस प्रदर्शन के बावजूद वह अपना कॉमनवेल्थ खिताब बचाने से चूक गए।

नीरज ने अपनी शुरुआत 80.97 मीटर के थ्रो के साथ की थी और अपने दूसरे प्रयास में सुधार करते हुए 85.83 मीटर की दूरी तय की, जो इस प्रतियोगिता में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास रहा। इसके अलावा उनके अन्य वैध थ्रो 81.29 मीटर और 80.73 मीटर के रहे, जबकि उनके अंतिम दो प्रयास फाउल हो गए।

यशवीर सिंह का बेहतरीन निजी प्रदर्शन
भारत के लिए यह इवेंट इसलिए भी खास रहा क्योंकि यशवीर सिंह ने भी पोडियम पर अपनी जगह बनाई। उन्होंने अपने करियर का पर्सनल बेस्ट थ्रो 85.41 मीटर दर्ज करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। एक बेहद कड़े मुकाबले में वह अपने देश के सीनियर खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से महज 42 सेंटीमीटर पीछे रहे।

श्रीलंका के पाथिराज ने जीता गोल्ड
इस रोमांचक प्रतियोगिता में श्रीलंका के आर.टी. पाथिराज ने एक बड़ा उलटफेर करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पाथिराज ने गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए 89.75 मीटर का करिश्माई थ्रो फेंका, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उन्होंने मजबूत खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए कॉमनवेल्थ का ताज अपने नाम किया।

अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन
शीर्ष खिलाड़ियों की इस रेस में ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स 83.88 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहे। उनके बाद दक्षिण अफ्रीका के डौव स्मिट (82.88 मीटर) और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के केशव वॉल्कॉट (82.55 मीटर) का स्थान रहा।

भले ही नीरज चोपड़ा अपना पिछला खिताब डिफेंड करने में सफल नहीं रहे, लेकिन भारत का यह डबल पोडियम फिनिश कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सबसे सफल पलों में दर्ज हो गया है।

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  Sports

Zurich Diamond league: बिना इवेंट में उतरे फाइनल में पहुंचे नीरज चोपड़ा, ज्यूरिख डायमंड लीग में रुमेश पथिरागे ने फेंका 92.07 मीटर का थ्रो

श्रीलंका के स्टार भालाफेंक खिलाड़ी रुमेश पथिरागे अपने हर इवेंट में कमाल कर रहे हैं. पाथिरागे ने लुसाने के बाद अब ज्यूरिख में अपने दमदार खेल से छा गए. इस इवेंट में रुमेश ने 92.07 मीटर का लंबा थ्रो फेंका. वहीं, भारत के स्टार भालाफेंक नीरज चोपड़ा की बात करें तो उन्होंने ज्यूरिख डायमंड लीग में हिस्सा नहीं लिया. Fri, 28 Aug 2026 12:56:13 +0530

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