Gold Silver Price Today: 19 अगस्त को सोने-चांदी के दाम धड़ाम, 24K गोल्ड ₹1,278 और सिल्वर ₹6,330 हुई सस्ती
Gold Silver Price Today (19 August 2026): आज, 19 अगस्त को सोने और चांदी के भाव में गिरावट देखने को मिली है। IBJA के मुताबिक, आज 24 कैरेट सोने का भाव 1,52,884 रुपए है, जबकि एक दिन पहले (18 अगस्त) यह 1,54,162 रुपए था। यानी एक दिन में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,278 रुपए की बड़ी गिरावट देखी गई है। वहीं, 22 कैरेट सोने (Gold 916) का आज का भाव 1,40,042 रुपए है। अगर आप सोना-चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यहां लेटेस्ट प्राइज जान लीजिए।
चांदी के दाम में ₹6,330 की बड़ी गिरावट
बुधवार को सोने के साथ चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। आज सिल्वर का भाव 2,27,392 रुपए प्रति किलोग्राम है। जबकि, कल 18 अगस्त को चांदी 2,33,722 रुपए प्रति किलोग्राम पर थी। इस तरह चांदी की कीमत में 6,330 रुपए की तेज गिरावट दर्ज की गई है।
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प्रमुख शहरों में प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत (सोर्स- Goodreturns)
| शहर | कीमत |
| दिल्ली | 1,42,200 |
| मुंबई | 1,42,050 |
| कोलकाता | 1,42,050 |
| चेन्नई | 1,42,050 |
| अहमदाबाद | 1,42,100 |
| भोपाल | 1,42,100 |
| जयपुर | 1,42,200 |
| लखनऊ | 1,42,200 |
| रायपुर | 1,42,050 |
ध्यान दें: IBJA के रेट 24K शुद्ध सोने (बुलियन) के मानक भाव होते हैं, जबकि शहरवार 22 कैरेट ज्वेलरी रेट स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और बाजार की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास ध्यान
1. सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है, जैसे अल्फान्यूमेरिक कोड (AZ4524)।
2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें
खरीदने से पहले सोने का भाव अलग-अलग स्रोतों जैसे IBJA (India Bullion and Jewellers Association) से जरूर जांचें। सोने की कीमत 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती है।
असली चांदी की पहचान कैसे करें? जानें 4 आसान तरीके
1. मैग्नेट से जांच करें: शुद्ध चांदी चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होती। अगर कोई चांदी की वस्तु तेज़ी से चुंबक से चिपकती है, तो उसमें दूसरी धातु होने की संभावना हो सकती है। हालांकि, केवल इस टेस्ट से चांदी की शुद्धता तय नहीं की जा सकती।
2. बर्फ से करें जांच: चांदी गर्मी को तेजी से ट्रांसफर करती है। इसलिए चांदी की सतह पर रखी बर्फ सामान्य धातुओं की तुलना में तेजी से पिघल सकती है। यह एक आसान घरेलू संकेत है, लेकिन इसे अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
3. गंध पर ध्यान दें: शुद्ध चांदी में आमतौर पर कोई खास धातु जैसी गंध नहीं होती। अगर वस्तु से तेज या असामान्य धातु की गंध आती है, तो उसमें दूसरी धातु मिली होने की संभावना हो सकती है।
4. सफेद कपड़े से रगड़कर देखें: चांदी को साफ सफेद कपड़े से रगड़ने पर कभी-कभी कपड़े पर काला या गहरा निशान दिखाई दे सकता है। ऐसा चांदी की सतह पर होने वाली ऑक्सीकरण प्रक्रिया के कारण हो सकता है। हालांकि, यह टेस्ट भी अकेले चांदी के असली या नकली होने की पक्की पुष्टि नहीं करता।
ध्यान रखें: घरेलू टेस्ट केवल शुरुआती अंदाजा लगाने में मदद करते हैं। चांदी की शुद्धता की सही पुष्टि के लिए हॉलमार्क, 925 स्टैम्प या प्रोफेशनल प्योरिटी टेस्ट कराना ज्यादा भरोसेमंद तरीका है।
MP Board Exam Pattern 2026-27: मध्य प्रदेश बोर्ड ने बदला 9वीं से 12वीं का परीक्षा पैटर्न, अब सीबीएसई की तर्ज पर होंगे सवाल
MP Board exam pattern 2026-27: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपनी परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए सीबीएसई (CBSE) की तर्ज पर नया प्रश्न पत्र प्रारूप पेश किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में रटने की प्रवृत्ति को कम करके तार्किक तर्क (लॉजिकल रीजनिंग) और विषय की समझ पर अधिक जोर देना है।
एमपीबीएसई के सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य ने स्पष्ट किया कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक की परीक्षाएं अब सीबीएसई मानकों पर आधारित होंगी और इनमें तार्किक व विश्लेषणात्मक प्रश्न शामिल किए जाएंगे। हालांकि, बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि एमपी बोर्ड ने सीबीएसई के सिलेबस को पूरी तरह अपना लिया है, बल्कि राज्य बोर्ड अपने स्वयं के पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली के साथ ही आगे बढ़ेगा। बोर्ड ने अपनी आधिकारिक एकेडमिक्स पोर्टल पर सत्र 2026-27 का नया पाठ्यक्रम और विषयवार मार्किंग स्कीम भी अपलोड कर दी है।
कक्षा 10वीं के पैटर्न में क्या हुआ बदलाव?
नया संशोधित पैटर्न आने के बाद छात्रों को चुनिंदा तैयारी करने और रटकर परीक्षा पास करने का मौका कम मिलेगा, जिससे पूरे पाठ्यक्रम को गहराई से पढ़ना अनिवार्य हो गया है।
कक्षा 10वीं के लिए संशोधित पैटर्न के तहत लिखित परीक्षा 75 अंकों की होगी, जिसमें 30 अंक वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रकार के प्रश्नों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस पेपर में 2-2 अंकों के 12 अति लघु उत्तरीय प्रश्न भी पूछे जाएंगे। इसके अलावा, दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या को चार से घटाकर तीन कर दिया गया है, जबकि बिना किसी पूर्व विकल्प व्यवस्था के तीन लघु उत्तरीय प्रश्न भी पूछे जाएंगे।
कक्षा 12वीं की परीक्षा का नया स्वरूप
गैर-प्रायोगिक (नॉन-प्रैक्टिकल) विषयों के लिए कक्षा 12वीं की लिखित परीक्षा 80 अंकों की होगी। इस प्रश्न पत्र में 10 अति लघु उत्तरीय, चार लघु उत्तरीय और चार दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल होंगे। वहीं, जिन विषयों में प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल असेसमेंट) का प्रावधान है, उनमें यह प्रक्रिया पहले की तरह ही जारी रहेगी।
छात्रों और शिक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
परीक्षा पैटर्न में हुए इस बदलाव को लेकर विद्यार्थियों और शिक्षकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कक्षा 11 की छात्रा सुनिधि मंडोली ने रटने की संस्कृति से दूर ले जाने वाले इस कदम का स्वागत किया है। हालांकि, कक्षा 10 की छात्रा जिनिशा जैन ने आशंका जताई है कि इससे प्रश्न पत्र कठिन हो सकते हैं, जबकि कक्षा 9 के छात्र अमन के. ने कहा कि वह अभी इस बदलाव के परिणामों को लेकर असमंजस में हैं।
दूसरी ओर, स्कूल की प्रधानाचार्य सुनंदा यादव ने इस बदलाव को एक सकारात्मक कदम बताया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के मिले-जुले और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता होगी।
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