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Midcap IT vs Large Caps: IT स्टॉक्स पर UBS का यू-टर्न, इन 3 शेयरों को अपग्रेड, HCLTech-Persistent को झटका

Midcap IT vs Large Caps: भारतीय IT सर्विस पर अपनी हालिया रिपोर्ट में, ब्रोकरेज फर्म USB ने टेक महिंद्रा (Tech Mahindra), कोफोर्ज (Coforge) और Mphasis की रेटिंग को अपग्रेड करके 'Buy' कर दिया है. जबकि HCL Tech और परसिस्टेंट की रेटिंग को घटाकर न्यूट्रल कर दिया है. USB द्वारा रिव्यू किए गए 5 स्टॉक्स में से Coforge में सबसे ज्यादा बढ़त की संभावना (लगभग 27%) दिख रही है. इसके बाद Mphasis (लगभग 23%) और Tech Mahindra (लगभग 18%) का नंबर आता है. 

क्यों बदली UBS ने अपनी रेटिंग?

ब्रोकरेज ने सेक्टर में ग्रोथ की संभावना, कंपनी की काम करने की क्षमता और इससे जुड़े जोखिमों का आकलन करने के बाद ये बदलाव किए हैं. USB का कहा है कि IT शेयरों में हालिया तेजी AI, रोजगार और GCC से जुड़ी चिंताओं के कम होने की वजह से आई है. हालांकि, इन वजहों से अभी तक लार्ज कैप कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ में कोई बड़ी तेजी नहीं आई है. ब्रोकरेज ने Tier 1 कंपनियों के मुकाबले Tier 2 IT कंपनियों को प्राथमिकता दी है और इस बात पर जोर दिया है कि सही शेयरों का चुनाव करना बहुत जरूरी है. 

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Tech Mahindra: टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹1,865 किया

USB ने टेक महिंद्रा की रेटिंग को न्यूट्रल से बढ़ाकर बाय कर दिया है और इसके टारगेट प्राइस को ₹1,460 से बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया है. इस नए टारगेट का मतलब है कि इसमें लगभग 17.8% की बढ़ोतरी हो सकती है. ब्रोकरेज ने कंपी के वैल्यूएशन मल्टीपल को भी FY28-29 की अनुमानित कमाई के 16 गुना से बढ़ाकर 19 गुना कर दिया है. 

UBS का कहना है कि टेक महिंद्रा का कामकाज उम्मीद से बेहतर रहा है. कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ इंडस्ट्री के औसत से ज्यादा है और मार्जिन में लगातार सुधार हो रहा है. ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी FY27 में 5% से ज्यादा रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज कर सकती है, जबकि पूरी इंडस्ट्री के लिए यह अनुमान लगभग 2% है. इसकी वजह बड़े ऑर्डर मिलना और हाल ही में मिली बड़ी डील्स पर काम तेजी से आगे बढ़ना है. पिछले लगातार 3 क्वार्टर में, कंपनी की तिमाही TCV (टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू) $1 बिलियन से ज्यादा रही है. ब्रोकरेज को FY27 में करीब 15% EBIT मार्जिन की उम्मीद है, जो FY24 में सिर्फ 6.1% था. Q4FY27 में एग्जिट मार्जिन 15.6% तक पहुंचने का अनुमान है.

Coforge: सबसे ज्यादा अपसाइड, टारगेट ₹2,400

UBS ने Coforge की रेटिंग को 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'बाय' (खरीदने की सलाह) कर दिया है और इसके टारगेट प्राइस को ₹1,505 से बढ़ाकर ₹2,400 कर दिया है. अपग्रेड की गई 5 कंपनियों में से इसमें सबसे ज्यादा 27.1% की बढ़त की संभावना दिख रही है. ब्रोकरेज ने इसके वैल्यूएशन मल्टीपल को 21x से बढ़ाकर 30x कर दिया है. UBS ने बताया कि पहले इसकी 'न्यूट्रल' रेटिंग Encora के अधिग्रहण को लेकर चिंताओं की वजह से थी. खासकर इंटीग्रेशन (एक साथ मिलाने की प्रक्रिया), संभावित अर्निंग्स डाइल्यूशन (कमाई में कमी) और सिनर्जी (तालमेल से होने वाले फायदे) मिलने में देरी जैसे मुद्दों के कारण. 

हालांकि, Coforge के Q1 FY27 के नतीजों ने यह भरोसा दिलाया है कि Encora का इंटीग्रेशन सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, और साथ ही कंपनी की ग्रोथ और मार्जिन भी मजबूत बने हुए हैं. मैनेजमेंट के मुताबिक Encora के SG&A कॉस्ट में भी करीब 40% की कमी आई है. Q1FY27 के आखिर तक Coforge की एक्जीक्यूटेबल ऑर्डर बुक रिकॉर्ड 2.2 अरब डॉलर तक पहुंच गई है. 

Mphasis: टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹2,980 किया

Mphasis को भी UBS ने Neutral से अपग्रेड कर 'Buy' कर दिया है और टारगेट प्राइस ₹2,440 से बढ़ाकर ₹2,980 कर दिया है, जो करीब 22.6% के अपसाइड को दिखाता है. ब्रोकरेज ने वैल्यूएशन मल्टीपल 19 गुना से बढ़ाकर 22 गुना कर दिया है. UBS ने बताया कि पहले की गई डाउनग्रेड मुख्य रूप से उम्मीद से धीमी रिकवरी की वजह से थी, न कि कंपनी के बिजनेस को लेकर किसी चिंता की वजह से. 

Mphasis ने Q1FY27 में सालाना आधार पर 7.7% रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है. ब्रोकरेज को FY27 में 9.4% रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है, जो कंसेंसस अनुमान 8.6% से ज्यादा है और मैनेजमेंट के हाई-सिंगल-डिजिट से लो-डबल-डिजिट ग्रोथ गाइडेंस के ऊपरी छोर के करीब है. UBS का कहना है कि हाल के डील विन्स से कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी बेहतर हुई है, वहीं बुकिंग-टू-रेवेन्यू कन्वर्जन भी हेल्दी बना हुआ है.

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HCLTech: डाउनग्रेड होकर 'Neutral' हुआ

UBS ने HCL Technologies को 'Buy' से डाउनग्रेड कर 'Neutral' कर दिया है. हालांकि टारगेट प्राइस ₹1,390 से बढ़ाकर ₹1,415 कर दिया है, जो करीब 8.5% अपसाइड दिखाता है. ब्रोकरेज ने अपना वैल्यूएशन मल्टीपल 18 गुना पर बरकरार रखा है. UBS का कहना है कि HCLTech का मीडियम-टर्म आउटलुक अभी भी कई प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर है, जिसमें हाल ही में मिली 1.1 अरब डॉलर की मेगा डील की भी अहम भूमिका है, जो FY28 से रैंप-अप होनी शुरू होगी. 

हालांकि ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि कंपनी की Q1 में सीक्वेंशियल कॉन्स्टेंट-करेंसी रेवेन्यू में 0.5% की गिरावट आई है. कमजोर मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल के बीच कंपनी को अपने FY27 गाइडेंस के मिडपॉइंट तक पहुंचने के लिए हर तिमाही करीब 2.5-2.6% की ग्रोथ दिखानी होगी.

Persistent Systems: एक्विजिशन की वजह से डाउनग्रेड

UBS ने Persistent Systems को भी 'Buy' से घटाकर 'Neutral' कर दिया है. हालांकि टारगेट प्राइस ₹6,250 पर बरकरार रखा है, जो करीब 10.6% अपसाइड दिखाता है. यह डाउनग्रेड कंपनी के Nagarro को खरीदने के प्रस्तावित सौदे से जुड़ा है. UBS का कहना है कि इस डील से कंपनी को स्केल, कैपेबिलिटीज और क्लाइंट रिलेशनशिप्स में फायदा मिल सकता है.

लेकिन इससे कंपनी का रिस्क प्रोफाइल भी बदल जाता है क्योंकि इससे कर्ज बढ़ेगा और इंटीग्रेशन से जुड़ी अनिश्चितताएं भी सामने आएंगी. ब्रोकरेज का कहना है कि Persistent की मजबूत ग्रोथ, मार्जिन परफॉर्मेंस और AI को लेकर पोजिशनिंग इसके प्रीमियम वैल्यूएशन को सपोर्ट करती है. लेकिन प्रस्तावित एक्विजिशन और स्टॉक में हाल की तेजी को देखते हुए ब्रोकरेज ने अपनी 'Buy' कॉल बंद कर 'Neutral' रेटिंग दे दी है.

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डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए दी गई है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश फैसले से पहले कृपया अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.

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Explainer: 50 की उम्र में बना ICC नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज... जानें कौन हैं 5 सबसे उम्रदराज बॉलर्स, जिन्होंने दुनिया को झुकाकर रचा इतिहास

ICC Test Bowling Raikings: क्रिकेट में बढ़ती उम्र के साथ खिलाड़ियों के प्रदर्शन में गिरावट आना स्वाभाविक माना जाता है, लेकिन क्रिकेट को कुछ ऐसे दिग्गज मिले जिन्होंने ढलती उम्र में भी अपनी फिरकी और रफ्तार से दुनिया पर राज किया. टेस्ट फॉर्मेट से ही साल 1877 में इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत हुई थी. तब से लेकर अब तक 149 साल के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कई महारथी खिलाड़ियों ने ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं जो आज भी कायम हैं. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के स्टार तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क आईसीसी नंबर-1 टेस्ट बॉलर बने हैं. स्टार्क ने 36 साल की उम्र में यह कारनामा किया है, लेकिन आपको बता दें कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे उम्रदराज आईसीसी नंबर-1 टेस्ट बॉलर्स की टॉप-5 लिस्ट में स्टार्क शामिल नहीं हैं. ऐसे में अब फैंस के मन में यह सवाल जरूर होगा कि आखिर इस टॉप-5 की लिस्ट में कौन-कौन है और सबसे उम्रदराज होने का रिकॉर्ड किसके नाम है. तो चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं.

बर्ट आयरनमोंगर - ऑस्ट्रेलिया, नंबर-1 बनते समय उम्र: 50 साल

ICC के ऐतिहासिक रेटिंग बैक-डेटा देखने पर टेस्ट इतिहास के कई हैरान करने वाले रिकॉर्ड्स सामने आए हैं. बता दें कि आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में सबसे उम्रदराज नंबर-1 गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर बर्ट आयरनमोंगर के नाम है, जो फरवरी 1933 में 'बॉडीलाइन सीरीज' के दौरान 50 साल और 10 महीने की उम्र में आईसीसी नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज बने थे. बता दें कि बर्ट आयरनमोंगर के टेस्ट करियर की शुरुआत ही 46 साल की उम्र में हुई थी. वह बचपन में एक हादसे के कारण अपने बाएं हाथ की उंगली का अगला हिस्सा गंवा चुके थे, इसके बावजूद वह एक शानदार स्पिनर बने. उन्होंने अपने करियर में सिर्फ 14 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान उन्होंने 17.97 की जादुई औसत से कुल 74 विकेट अपने नाम किए.

क्लैरी ग्रिमेट - ऑस्ट्रेलिया, नंबर-1 बनते समय उम्र: 44 साल

टेस्ट क्रिकेट में सबसे उम्रदराज आईसीसी टेस्ट बॉलर बनने के मामले में ऑस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर क्लैरी ग्रिमेट दूसरे नंबर पर मौजूद हैं. उन्होंने फरवरी 1936 में 44 साल और 2 महीने की उम्र में ICC नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज बनने का कारनामा किया था. न्यूजीलैंड में जन्मे लेकिन ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले क्लैरी ग्रिमेट को टेस्ट क्रिकेट में 'फ्लिपर' गेंद का आविष्कारक माना जाता है. उन्होंने अपने करियर में 37 टेस्ट मैच खेले, जिसमें कुल 216 विकेट चटकाए. वह क्रिकेट इतिहास के पहले ऐसे गेंदबाज थे जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 200 विकेट का आंकड़ा छुआ था. साल 1936 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ बेहतरीन गेंदबाजी कर क्लैरी ग्रिमेट 44 साल की उम्र में आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 बने थे.

'टिच' फ्रीमेन - इंग्लैंड, नंबर-1 बनते समय उम्र: 41 साल

इंग्लैंड के महान लेग स्पिनर रहे टिच फ्रीमेन इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर आते हैं. टिच फ्रीमेन 41 साल और 2 महीने की उम्र में ICC नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज बने थे. अल्फ्रेड 'टिच' फ्रीमेन की लंबाई महज 5 फीट 2 इंच थी, इसलिए उन्हें 'टिच' कहा जाता था. उन्होंने इंग्लैंड के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में सिर्फ 12 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान कुल 66 विकेट अपने नाम किए थे, लेकिन उनका फर्स्ट-क्लास क्रिकेट रिकॉर्ड अविश्वसनीय रहा है. उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर की बात करें तो उन्होंने कुल 592 मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने 18.42 की औसत से कुल रिकॉर्ड 3776 विकेट अपने नाम किए.

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनसे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा सिर्फ विल्फ्रेड रोड्स ही कर पाए हैं, जिन्होंने कुल 4204 विकेट चटकाए हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि टिच फ्रीमेन ने साल 1928 में अकेले एक सीजन में 304 विकेट चटकाए थे, और आज भी यह रिकॉर्ड कायम है. उन्हें साल 1929 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दमदार प्रदर्शन के दम पर ICC रैंकिंग में नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज आंका गया था. 

सिडनी बार्न्स - इंग्लैंड, नंबर-1 बनते समय उम्र: 40 साल

इंग्लैंड के महान गेंदबाज सिडनी बार्न्स आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में सबसे उम्रदराज नंबर-1 टेस्ट बॉलर बनने के मामले में चौथे नंबर पर काबिज हैं. सिडनी बार्न्स 40 साल और 9 महीने की उम्र में आईसीसी नंबर-1 टेस्ट बॉलर बने थे. सिडनी बार्न्स को क्रिकेट इतिहास के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में गिना जाता है. उनके पास मध्यम-तेज गति से गेंद को दोनों तरफ स्विंग और स्पिन कराने की अद्भुत कला थी. उन्होंने सिर्फ 27 टेस्ट मैचों में 16.43 के शानदार औसत से कुल 189 विकेट अपने नाम किए थे. उन्होंने साल 1913-14 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज में सिर्फ 4 मैचों में 49 विकेट लेकर दुनिया को हैरान कर दिया था, जिसके दम पर सिडनी बार्न्स साल 1914 में 40 साल की उम्र में आईसीसी नंबर-1 बॉलर बने थे.

जेम्स एंडरसन - इंग्लैंड, नंबर-1 बनते समय उम्र: 40 साल

इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन आधुनिक क्रिकेट के इकलौते खिलाड़ी हैं, जो टॉप-5 की इस लिस्ट में शामिल हैं. बर्ट आयरनमोंगर और सिडनी बार्न्स के दौर के 87 साल बाद फरवरी 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर जेम्स एंडरसन आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 बॉलर बने थे. इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस को पीछे छोड़ा था. जेम्स एंडरसन ने 40 साल और 207 दिन की उम्र में ICC नंबर-1 टेस्ट बॉलर बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी. टेस्ट क्रिकेट में बतौर तेज गेंदबाज 700 से अधिक विकेट (704 विकेट) लेने वाले जेम्स एंडरसन दुनिया के एकमात्र तेज गेंदबाज हैं.

मिचेल स्टार्क बने 8वें गेंदबाज

भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन इस लिस्ट में छठे नंबर पर काबिज हैं, जो मार्च 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने 100वें टेस्ट के बाद 37 साल और 172 दिन की उम्र में आईसीसी नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज बने थे. वहीं श्रीलंका के महान मुथैया मुरलीधरन साल 2008 में 36 साल और 221 दिन की उम्र में लंबे समय तक दुनिया के नंबर-1 टेस्ट बॉलर बने रहे थे. अब ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के स्टार तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने भी अपनी धारदार गेंदबाजी के दम पर 36 साल की उम्र में नंबर-1 टेस्ट बॉलर बनने का यह गौरव हासिल किया है.

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एक्शन मोड में BCCI, श्रीलंका दौरे से लौटते ही टीम इंडिया के खिलाड़ियों को बुलाया, क्या हुआ?

bcci conducted pre season fitness test: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी नए सीजन के लिए पूरी तरह तैयार होने में जुट गए हैं. श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल और रवींद्र जडेजा समेत बीसीसीआई के कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों ने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्री-सीजन फिटनेस टेस्ट पूरा कर लिया है. यह फिटनेस असेसमेंट 2026-27 के व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर से पहले खिलाड़ियों की तैयारी का अहम हिस्सा है. Sat, 29 Aug 2026 20:59:56 +0530

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