नेपाल की बाढ़ से तबाही के बीच CM योगी ने सीमावर्ती जिलों को किया अलर्ट; गंडक-नारायणी के बढ़ते जलस्तर पर नजर
Floods in Nepal: नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारत की चिंता बढ़ा दी है. बाढ़ के बीच करीब 400 पर्यटकों के लापता होने की खबर है, जिनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं. इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने नेपाल से सटे जिलों में किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को पहले से तैयारियां पूरी रखने को कहा है.
105 भारतीयों के लापता होने पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर हुई समीक्षा बैठक में नेपाल में आई बाढ़ की स्थिति पर जानकारी ली. उन्होंने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की और वहां के हालात की समीक्षा की.
नेपाल में बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है. लापता लोगों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने सभी लोगों की सकुशल वापसी की कामना करते हुए भगवान पशुपतिनाथ से उनकी कुशलता के लिए प्रार्थना की.
नेपाल में मची तबाही पर सीएम योगी का बयान
— News Nation (@NewsNationTV) August 26, 2026
➡️ भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से क्षति अत्यंत चिंताजनक -सीएम योगी
➡️ भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना -सीएम योगी#NepalFlood #CMYogi #NewsNation pic.twitter.com/cXqerQXpTk
महाराजगंज और कुशीनगर में विशेष सतर्कता
नेपाल की बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों पर पड़ने की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने महाराजगंज और कुशीनगर प्रशासन को खास तौर पर अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के चलते गंडक तथा नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका है.
ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों पर प्रशासन की नजर है. अधिकारियों को लगातार जलस्तर की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की व्यवस्था करने को कहा गया है.
कुशीनगर में गांवों का दौरा
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कुशीनगर प्रशासन सक्रिय हो गया है. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने नारायणी नदी के आसपास के इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए उन्हें घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की.
नदी किनारे रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत करने में जुटा है.
महाराजगंज में सायरन से ग्रामीणों को चेतावनी
नेपाल से सटे महाराजगंज जिले में भी प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के बीच SDRF और पुलिस की टीमों ने सायरन बजाकर नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान किया.
सोहगीबरवा क्षेत्र के शिकारपुर समेत संवेदनशील इलाकों में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बाढ़ की स्थिति बनने पर सुरक्षित और पक्के स्थानों पर शरण लें तथा नदी के आसपास जाने से बचें.
बारिश से हुए नुकसान का 24 घंटे में आकलन
मुख्यमंत्री ने नेपाल की स्थिति के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से हुए नुकसान की भी समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं.
सीएम ने स्पष्ट किया कि अतिवृष्टि या आकाशीय बिजली से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए. अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर पात्र प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्य केवल कागजी स्तर तक सीमित नहीं रहने चाहिए. अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधे संवाद करें और उनकी वास्तविक जरूरतों की जानकारी लें.
जलभराव वाले इलाकों में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए स्थानीय प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है. साथ ही जरूरत के अनुसार राहत सामग्री, सुरक्षित स्थान और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है.
बिजली गिरने और नदियों से सावधानी की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली गिरने के दौरान लोग अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें.
अतिवृष्टि के समय नदियों, तालाबों और जलाशयों के आसपास जाने से भी बचने की सलाह दी गई है. खासकर नदी किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने और जलस्तर में बदलाव की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है.
नेपाल में जारी आपदा के बीच उत्तर प्रदेश सरकार का फोकस फिलहाल दो मोर्चों पर है एक तरफ लापता भारतीय नागरिकों की स्थिति को लेकर चिंता और दूसरी तरफ सीमावर्ती जिलों को संभावित बाढ़ के लिए तैयार रखना. आने वाले समय में गंडक और नारायणी के जलस्तर पर प्रशासन की निगरानी सबसे अहम होगी.
यह भी पढ़ें - नेपाल में भोटेकोशी की बाढ़ से हाहाकार, 105 भारतीयों की तलाश तेज, जानें कुल कितने विदेशी यात्री लापता
एआई के इस्तेमाल से रियल एस्टेट की बदलेगी तस्वीर, बेहतर गुणवत्ता और समय पर प्रोजेक्ट पूरे करने में मिलेगी मदद: विशेषज्ञ
कोलकाता, 26 अगस्त (आईएएनएस)। रियल एस्टेट क्षेत्र में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को कोलकाता में क्रेडएआई टेककॉन के दूसरे संस्करण का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर की अग्रणी तकनीकी कंपनियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया तथा रियल एस्टेट उद्योग में एआई और नई तकनीकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य निर्माण क्षेत्र को अधिक आधुनिक, कुशल और उपभोक्ता केंद्रित बनाना है।
इस दौरान, क्रेडएआई टेककॉन के सह-अध्यक्ष सुहेल सराफ ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह कार्यक्रम क्रेडएआई की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से देश की सर्वश्रेष्ठ तकनीकी कंपनियों को कोलकाता के रियल एस्टेट उद्योग से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में शामिल कंपनियां और उनकी तकनीकें बिक्री, मार्केटिंग, निर्माण और मैनेजमेंट जैसे विभिन्न व्यावसायिक कार्यों को बेहतर बनाने में मदद कर रही हैं।
उन्होंने कहा, समय के साथ रियल एस्टेट उद्योग का स्वरूप तेजी से बदला है। पहले जहां 25 से 50 फ्लैट वाले छोटे प्रोजेक्ट बनाए जाते थे, वहीं अब डेवलपर्स हजारों फ्लैट वाले बड़े आवासीय प्रोजेक्ट विकसित कर रहे हैं। ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए तकनीक को अपनाना बेहद आवश्यक हो गया है।
सुहेल सराफ ने आगे आईएएनएस को बताया कि आज हजारों फ्लैट वाले बड़े आवासीय और मिश्रित उपयोग वाले प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है। ऐसे में निर्माण प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण और समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी समाधानों का उपयोग अनिवार्य हो गया है।
उन्होंने कहा कि तकनीक अपनाने से डेवलपर्स परियोजनाओं को समय पर पूरा कर सकते हैं और खरीदारों को बेहतर गुणवत्ता वाला घर उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए घर खरीदना जीवन की सबसे बड़ी निवेश प्रक्रिया होती है, इसलिए यह जरूरी है कि उसे समय पर और बेहतर गुणवत्ता वाला उत्पाद मिले।
सराफ ने जोर देते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी एडॉप्शन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे निर्माण की गुणवत्ता बेहतर होगी, परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी और उपभोक्ताओं को बेहतर आवासीय अनुभव मिलेगा।
कार्यक्रम में शामिल बिल्डट्रैक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बलबीर सिंह खेरा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि इस सम्मेलन का प्रमुख विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) है और इसका उद्देश्य यह समझना है कि एआई का भवन निर्माण और भवन प्रबंधन में किस प्रकार प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग केवल निर्माण चरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भवनों के संचालन और रखरखाव में भी इसकी बड़ी भूमिका हो सकती है। जब किसी भवन में लोग रहने लगते हैं, तब सुरक्षा, ऊर्जा प्रबंधन, जल प्रबंधन और अन्य सुविधाओं की निगरानी एआई की मदद से अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकती है।
खेरा ने आगे कहा, एआई के उपयोग की प्रक्रिया कई चरणों में होती है। पहला चरण डेटा कलेक्शन का है, जिसमें भवनों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्र की जाती हैं। दूसरा चरण उस डेटा का एनालिसिस और बेसलाइन तैयार करने का होता है, जिससे यह समझा जा सके कि कौन-से मानक सामान्य हैं और कहां सुधार की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि जब इस डेटा को एआई प्लेटफॉर्म पर डाला जाता है, तो सिस्टम स्वतः यह पहचान सकता है कि भवन में सुरक्षा, ऊर्जा खपत, पानी की खपत या अन्य परिचालन क्षेत्रों में कोई समस्या है या नहीं। इससे हर समय किसी व्यक्ति को निगरानी करने की जरूरत नहीं पड़ती और सिस्टम स्वयं संभावित समस्याओं की जानकारी देता है।
खेरा ने बताया कि एआई की मदद से समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं, जिससे परिचालन लागत कम होगी और भवनों की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
उन्होंने आगे कहा कि यह अपने प्रकार का एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जहां बड़ी संख्या में डेवलपर्स एक मंच पर एकत्र होकर इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि एआई को उनके प्रोजेक्ट्स में कैसे शामिल किया जा सकता है।
उन्होंने क्रेडएआई की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल के जरिए पूरे देश के रियल एस्टेट क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत के अन्य शहर भी इसी दिशा में आगे बढ़ेंगे और एआई आधारित समाधानों को अपनाएंगे।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










