दिल्ली में H1N1 के 2000 से ज्यादा केस, क्या नए म्यूटेशन से बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा? जानें डॉक्टर की राय
Swine Flu Alert: दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामले लगातार बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग और सरकार अलर्ट मोड पर हैं. 26 अगस्त 2026 तक दिल्ली में H1N1 के 2,300 से ज्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है. बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों की ओपीडी में खांसी, जुकाम, बुखार और शरीर में दर्द जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है. हालांकि, इस बढ़ते संक्रमण के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या H1N1 वायरस ने अपना रूप बदल लिया है और कोई नया म्यूटेशन सामने आया है?
मौसम है बीमारी की बड़ी वजह- डॉक्टर
दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के हेड ऑफ डिपार्टमेंट ऑफ रेस्पिरेट्री मेडिसिन डॉक्टर देश दीपक ने न्यूज नेशन से बात करते हुए बताया कि यह बात बिल्कुल सही है कि इस बार स्वाइन फ्लू का प्रभाव बीते कुछ सालों में ज्यादा देखने को मिल रहा है. आमतौर पर हर वर्ष ही फ्लू लोगों को होता है लेकिन इस बार मरीजों की संख्या ज्यादा है. उन्होंने बताया कि इस बार फ्लू एक कॉमबिनेशन स्थितियों से ज्यादा फैल रहा है. इस वर्ष देश का मौसम बहुत ज्यादा लंबे समय तक गर्म रहा और अब बरसात हो रही है. हालांकि, ICMR ने जैसे बताया है कि स्वाइन फ्लू या फिर H1n1 का यह कोई नया स्ट्रेन नहीं है. इसे आप सीजनल ही मान सकते हैं. ये सभी प्रकार की बीमारियां इंफ्लूएंजा के कारण होता है.
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क्या H1N1 का नया स्ट्रेन सामने आया है?
डॉक्टर देश दीपक के अनुसार, H1N1 के बढ़ते मामलों को लेकर सोशल मीडिया पर कई प्रकार के दावे किए जा रहे हैं. मगर कुछ दावों में कहा जा रहा है कि वायरस म्यूटेट होकर नया और ज्यादा खतरनाक रूप ले चुका है लेकिन ICMR ने इन आशंकाओं को खारिज चुका है. डॉक्टरों के मुताबिक, भारत में फिलहाल जो H1N1 वायरस फैल रहा है, वह कोई नया स्ट्रेन नहीं है. यह एक जाना-पहचाना मौसमी स्ट्रेन है, जो 2025 से ही देश में सर्कुलेट हो रहा है.
लोगों को घबराने की जरूरत नहीं
ICMR के मुताबिक, मौजूदा संक्रमण को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. वैज्ञानिकों ने यह भी बताया है कि फिलहाल सर्कुलेशन में मौजूद इन्फ्लुएंजा वायरस वैक्सीन में शामिल स्ट्रेन से अच्छी तरह मेल खाते हैं. यानी बढ़ते मामलों की वजह किसी नए वायरस का सामने आना नहीं बल्कि मौसमी इन्फ्लुएंजा की बढ़ी हुई गतिविधि है.
क्यों बढ़ रहे हैं H1N1 के मामले?
मानसून और मौसम में लगातार बदलाव के कारण इन्फ्लुएंजा समेत कई वायरल संक्रमणों के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं. दिल्ली में इस बार H1N1 संक्रमण ज्यादा एक्टिव दिख रहा है. राजधानी दिल्ली में कुछ हफ्तों तक H1N1 संक्रमण तेजी से बढ़ा है लेकिन अब मामलों में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत भी मिलने लगे हैं.
क्या है H1N1?
H1N1 या फिर स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन वायरस है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकलने वाली सांस की बूंदों के जरिए फैल सकता है. भीड़भाड़ वाली जगहों और संक्रमित व्यक्तियों के करीब रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?
आमतौर पर मौसमी इन्फ्लुएंजा के ज्यादातर मरीज पर्याप्त आराम और देखभाल से ठीक हो जाते हैं. लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर होने का खतरा अधिक हो सकता है.
कैसे होते हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण?
डॉक्टर के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान बहुत ज्यादा लगती है. अगर बुखार लगातार बना रहे, सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द हो, ऑक्सीजन का स्तर गिरने लगे या ठीक होने के बाद अचानक तबीयत फिर बिगड़ जाए तो अस्पताल आना चाहिए. कुछ लोगों को दस्त और उल्टी भी होती है. जिन लोगों को दिल की बीमारी, फेफड़ों आदि जैसी बीमारियां पहले से है, उन्हें इसको लेकर थोड़ा ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.
वैक्सीन लेना सही है या नहीं?
वैक्सीन को लेकर भी देश के लोगों के बीच उत्सुकता है. डॉक्टर ने कहा जब भी कोई इंफ्लूएंजा फैलता है तो लोगों को बीच हर्ड इम्युनिटी बढ़ जाती है. इसमें जब एक साथ पर्याप्त इम्युनिटी लोगों में आ जाती है तो बीमारी के फैलने के चांस कम से कम रह जाते हैं. अब इस स्थिति को नॉर्मलाइज करने के लिए ही वैकसीन ली जाती है. हालांकि, डॉक्टर कहते हैं कि वैक्सीन उन लोगों के लिए जरूरी बताई जाती है, जो बुजुर्ग, बच्चे या फिर जिन्हें पहले से कोई गंभीर बीमारी है. बुजुर्गों में भी 65 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए वैक्सीन लाभदायक रहेगी. उन्होंने बताया कि इस साल बुजुर्गों में ऐसे कई मरीज थे, जिन्होंने पहले से वैक्सीन लिया था, इस कारण उन्हें बहुत हल्के लक्षण दिखे और जल्दी रिकवर भी हुए.
सरकार ने बढ़ाई निगरानी
दिल्ली में बढ़ते मामलों के बीच हेल्थ डिपार्टमेंट ने स्थिति की समीक्षा की है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों और संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की. अधिकारियों का जोर निगरानी, समय पर पहचान, इलाज और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर है. डॉक्टरों की सलाह है कि लोग बिना घबराए सावधानी बरतें. भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल, हाथों की नियमित सफाई, संक्रमित व्यक्ति से दूरी और फ्लू जैसे लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकती है.
Himachal में सिलेंडर से वार कर युवक की बेरहमी से हत्या, पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा शव
Himachal Supervisor Murder: हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में उत्तर प्रदेश के एक होनहार युवक की दर्दनाक हत्या का मामला सामने आया है. किराए के कमरे में रहने वाले 25 वर्षीय युवक के सिर पर छोटे गैस सिलेंडर से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया. बुधवार सुबह जब पोस्टमार्टम के बाद युवक का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया. परिजनों के विलाप से हर आंख नम हो गई. गमगीन माहौल में अनूपशहर स्थित गंगा घाट पर मृतक का अंतिम संस्कार संपन्न किया गया. इस घटना के बाद से गांव में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है.
बद्दी में सुपरवाइजर के पद पर तैनात था दीपक
उत्तर प्रदेश के रहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव दौरारा निवासी लल्लू सिंह जाटव का 25 वर्षीय बेटा दीपक कुमार पिछले करीब चार वर्षों से हिमाचल प्रदेश के बद्दी नालागढ़ स्थित एक कंपनी में बतौर सुपरवाइजर कार्यरत था. दीपक बीए पास था और अपनी मेहनत के दम पर परिवार का सहारा बना हुआ था. वह बद्दी के मनपुरा थाना क्षेत्र के जट्टी माजरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक बहुमंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर किराए का कमरा लेकर रहता था. दीपक छह भाई बहनों में दूसरे नंबर पर था और घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए लगातार बाहर रहकर काम कर रहा था.
कमरे के भीतर सिलेंडर से किया गया जानलेवा हमला
मनपुरा थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की शाम दीपक अपने कमरे पर मौजूद था. इसी दौरान कमरे में मौजूद हमलावरों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ. इसके बाद छोटे गैस सिलेंडर से दीपक के सिर पर ताबड़तोड़ कई प्रहार किए गए. सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही अत्यधिक खून बह गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की. पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए और मामले की पड़ताल शुरू की.
बरेली निवासी भाई बहन समेत कई पर केस दर्ज
वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच आगे बढ़ाई. शुरुआती पड़ताल के आधार पर पुलिस ने बरेली निवासी एक भाई बहन और उनके साथी समेत कई लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि हत्या की असल वजह का पता आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरी तरह से चल सकेगा. फिलहाल पुलिस सभी कड़ियों को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.
10 दिन पहले ही गांव से ड्यूटी पर लौटा था
परिजनों ने रोते बिलखते बताया कि दीपक बेहद शांत और मिलनसार स्वभाव का युवक था. वह करीब दस दिन पहले ही छुट्टी बिताकर गांव से अपनी ड्यूटी पर लौटा था. किसी को इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था कि जिस बेटे को उन्होंने अभी कुछ दिन पहले विदा किया था, वह अब कभी जिंदा लौटकर नहीं आएगा. दीपक की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. बदहवास परिजन तुरंत हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हो गए थे, जहां से पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर वे बुधवार सुबह गांव पहुंचे.
मासूम बच्चे और पत्नी का रो रोकर बुरा हाल
दीपक की शादी करीब दो वर्ष पहले शीतल नाम की युवती से हुई थी. दीपक का एक 11 माह का छोटा बेटा भी है. पत्नी और बेटा गांव में ही परिवार के साथ रहते थे. दीपक की असामयिक और दर्दनाक मौत से परिवार का सबसे मजबूत सहारा छिन गया है. मासूम बेटे के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है. घर के आंगन में शव पहुंचते ही पत्नी शीतल बेसुध होकर गिर पड़ी, जबकि मां और अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया. ग्रामीणों ने ढांढस बंधाते हुए पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की.
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