डायरेक्टर कुकू कोहली का अंतिम संस्कार आज:77 साल की उम्र में कल निधन हुआ, अजय देवगन को 'फूल और कांटे' से लॉन्च किया था
अजय देवगन को फिल्म ‘फूल और कांटे’ से लॉन्च करने वाले वेटरन फिल्ममेकर कुकू कोहली का मंगलवार को 77 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में आखिरी सांस ली। उन्हें हार्ट अटैक आया था। आज कुकू कोहली का अंतिम संस्कार ओशिवारा श्मशान घाट में किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए एक्टर गजेंद्र चौहान, फिल्ममेकर अशोक पंडित समेत कई सेलेब्स पहुंच रहे हैं। इस दौरान कुकू कोहली की पत्नी अरुणा ईरानी को गजेंद्र चौहान ने संभालते दिखे। राज कपूर के साथ काम करके करियर शुरू किया कुकू कोहली ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत राज कपूर की फिल्म बॉबी में असिस्टेंट के तौर पर काम करके की थी। उन्होंने कई साल उनके साथ रहकर फिल्म बनाने की बारीकियां सीखीं। बाद में वह फिल्म बेताब में सेकेंड यूनिट डायरेक्टर रहे। सनी देओल और अमृता सिंह स्टारर यह फिल्म हिट थी। इसके बाद उन्होंने अर्जुन में भी काम किया। 1991 में कुकू कोहली ने फूल और कांटे से बतौर डायरेक्टर शुरुआत की। फिल्म हिट रही और अजय देवगन को बॉलीवुड में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने कोहराम और सुहाग जैसी फिल्में बनाईं। सुहाग में अजय देवगन और अक्षय कुमार पहली बार साथ नजर आए थे। 1995 में उनकी फिल्म हकीकत रिलीज हुई। इसमें अजय देवगन और तब्बू थे। फिल्म को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में सात कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला। कुकू को बेस्ट डायरेक्टर के लिए भी नॉमिनेशन मिला। इसके बाद उन्होंने जुल्मी, अनाड़ी नंबर 1 और ये दिल आशिकाना जैसी फिल्में बनाईं। उनकी आखिरी फिल्म वो तेरा नाम था 2004 में रिलीज हुई थी। कुकू कोहली और अरुणा ईरानी ने गुपचुप शादी की थी कुकू कोहली की दो शादियां हुई थीं। कुकू कोहली की पहली पत्नी का नाम रीता कोहली था। रीता कोहली और कुकू कोहली की दो बेटियां पूजा और करिश्मा थीं। वहीं, कुकू कोहली की दूसरी शादी एक्ट्रेस अरुणा ईरानी से हुई। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म कोहराम के सेट पर हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच बिल्कुल नहीं बनती थी। हालांकि, काम के दौरान कुकू कोहली अरुणा का काफी ख्याल रखते थे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती बढ़ी और यही दोस्ती प्यार में बदल गई। जब अरुणा को कुकू से प्यार हुआ, तब उन्हें पता चला कि कुकू पहले से शादीशुदा हैं। उनकी पहली पत्नी रीता कोहली से दो बेटियां भी थीं। इसके बावजूद अरुणा ने कुकू के साथ रिश्ता आगे बढ़ाया। दोनों ने 1990 में शादी कर ली। हालांकि, उन्होंने कई साल तक अपनी शादी को सार्वजनिक नहीं किया। अरुणा ने बताया था कि वह कुकू की पहली पत्नी और उनके परिवार की परेशानियां नहीं बढ़ाना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने अपने रिश्ते को निजी रखा। शादी के बाद अरुणा और कुकू ने बच्चे नहीं करने का फैसला लिया। अरुणा ने कहा था कि उस समय उनकी उम्र और कुकू के पहले से बच्चों को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… लगान-गजनी फेम एक्टर प्रदीप रावत का निधन:74 साल के थे, दोबारा कैंसर हुआ था; महाभारत में अश्वत्थामा बने थे लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में 4 अगस्त को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी लगान में उनके साथ काम करने वाले अभिनेता यशपाल शर्मा ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए शेयर की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Black Raisins: आयरन से भरपर है काली किशमिश, हड्डियों में लाएगी नई जान! कमाल के हैं 5 फायदे
Black Raisins: काली किशमिश स्वाद में मीठी होने के साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर मानी जाती है। अंगूर को सुखाकर तैयार की जाने वाली यह ड्राई फ्रूट्स की श्रेणी में आने वाली चीज कई घरों में रोजाना के खानपान का हिस्सा है। इसे सीधे खाने के अलावा दूध, दलिया, खीर या दूसरे व्यंजनों में भी शामिल किया जा सकता है। काली किशमिश में प्राकृतिक शर्करा, फाइबर और कई तरह के माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, इसलिए संतुलित मात्रा में इसका सेवन डाइट में विविधता ला सकता है।
खासकर भीगी हुई काली किशमिश खाने का चलन काफी पुराना है। रात में कुछ किशमिश पानी में भिगोकर सुबह खाने से इसे नरम बनाना आसान होता है और इसका सेवन भी सुविधाजनक रहता है। हालांकि, किसी भी ड्राई फ्रूट की तरह इसे भी सीमित मात्रा में खाना बेहतर है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक शुगर और कैलोरी होती है। आइए जानते हैं काली किशमिश को डाइट में शामिल करने से कौन-कौन से संभावित फायदे मिल सकते हैं।
काली किशमिश खाने के बड़े फायदे
पाचन के लिए फायदेमंद
काली किशमिश में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को सामान्य रखने में मदद कर सकता है। नियमित डाइट में पर्याप्त फाइबर लेने से मल त्याग बेहतर रहता है और कब्ज जैसी परेशानी से बचाव में मदद मिल सकती है। सुबह भिगोई हुई किशमिश खाने का चलन इसी वजह से भी लोकप्रिय है। हालांकि कब्ज लंबे समय से बनी हुई है तो केवल किशमिश पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
आयरन का स्रोत
किशमिश में आयरन सहित कई खनिज पाए जाते हैं। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी पोषक तत्व है। संतुलित डाइट के हिस्से के रूप में किशमिश का सेवन आयरन के सेवन में योगदान दे सकता है। लेकिन आयरन की कमी या एनीमिया होने पर केवल किशमिश को उपचार नहीं माना जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह और उचित जांच जरूरी होती है।
हड्डियों के लिए उपयोगी पोषक तत्व
काली किशमिश में कैल्शियम और बोरॉन जैसे कुछ खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं। इसे दूध, दही, नट्स और बीजों जैसी अन्य पौष्टिक चीजों के साथ डाइट में शामिल किया जा सकता है। अच्छी हड्डियों के लिए केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय पर्याप्त प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
शरीर को एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं
किशमिश में पॉलीफेनोल जैसे पौधों से मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से निपटने वाली प्राकृतिक प्रक्रियाओं में योगदान कर सकते हैं। रोजाना की डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, नट्स और बीजों के साथ थोड़ी मात्रा में किशमिश शामिल करना संतुलित खानपान का हिस्सा हो सकता है।
तुरंत ऊर्जा देने में मदद
काली किशमिश में प्राकृतिक रूप से मौजूद कार्बोहाइड्रेट और शुगर शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। इसलिए इसे व्यस्त दिनचर्या में छोटे स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है। हालांकि, इसकी मिठास को देखते हुए मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। खासकर डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या वाले लोगों को किशमिश खाने की मात्रा अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिए।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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