पूजा में क्यों बजाई जाती है मंजीरा और करताल? जानें भजन-कीर्तन में इनका धार्मिक महत्व
Manjira kartal bajane ka mahatva: हिंदू धर्म में भजन-कीर्तन और सामूहिक पूजा के दौरान मंजीरा और करताल जैसे छोटे धातु के वाद्ययंत्र बजाने की परंपरा अत्यंत प्राचीन काल से चली आ रही है। मान्यता है कि इनकी मधुर ध्वनि से वातावरण भक्तिमय बनता है और भगवान का ध्यान भक्तों की भक्ति की ओर आकर्षित होता है। यही कारण है कि मंदिरों और सत्संगों में आज भी भजन गाते समय मंजीरा बजाना एक अनिवार्य परंपरा मानी जाती है।
मंजीरा से जुड़ी धार्मिक मान्यता
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, मंजीरे की ध्वनि को दिव्य ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि जब भक्त श्रद्धापूर्वक मंजीरा बजाते हुए भजन गाते हैं, तो इससे उत्पन्न होने वाली लयबद्ध ध्वनि तरंगें वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला और भक्ति संगीत में मंजीरे जैसे वाद्ययंत्रों का विशेष स्थान रहा है, जिससे इसे भक्ति और आनंद दोनों का प्रतीक माना जाता है।
इसके अलावा संत-महात्माओं की भक्ति परंपरा में भी मंजीरे और करताल को भक्ति मार्ग का एक अभिन्न हिस्सा माना गया है, विशेष रूप से भजन-कीर्तन और नामजप की परंपरा में इसका महत्व अत्यधिक बताया जाता है।
मंजीरा बजाने का धार्मिक महत्व
मान्यता है कि सामूहिक कीर्तन के दौरान मंजीरा बजाने से भक्तों के बीच एकजुटता और भक्ति भाव और गहरा होता है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि मंजीरे की ध्वनि नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक मानी जाती है, जिससे कीर्तन स्थल का वातावरण पूरी तरह पवित्र बना रहता है। यही वजह है कि जन्माष्टमी, रामनवमी जैसे बड़े पर्वों पर आयोजित होने वाले भजन-कीर्तन में मंजीरे का इस्तेमाल विशेष रूप से देखने को मिलता है।
मंजीरा और करताल बजाने की परंपरा
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, मंजीरा और करताल को हमेशा लयबद्ध तरीके से भजन के बोल और ताल के अनुसार बजाना चाहिए। मान्यता है कि इसे बजाते समय मन में भगवान का ध्यान करना और श्रद्धा भाव बनाए रखना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। कई भक्ति संप्रदायों में मंजीरा बजाने को नामजप और ध्यान की एक सहायक विधि के रूप में भी अपनाया जाता है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी है इसका महत्व
धार्मिक महत्व के साथ-साथ मंजीरा बजाने को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि मंजीरे की लयबद्ध ध्वनि तरंगें मस्तिष्क को शांत करने और तनाव कम करने में सहायक होती हैं। इसके अलावा सामूहिक रूप से मंजीरा बजाते हुए भजन गाने से मानसिक एकाग्रता बढ़ने के साथ-साथ सामूहिक भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत होता है, ऐसा माना जाता है।
आज भी हर भजन-कीर्तन में गूंजती है मंजीरे की ध्वनि
समय के साथ भले ही भक्ति संगीत में कई आधुनिक वाद्ययंत्र शामिल हो गए हों, लेकिन मंजीरा और करताल का महत्व आज भी पहले जैसा ही बरकरार है। आज भी मंदिरों, सत्संगों और धार्मिक आयोजनों में भजन गाते समय मंजीरे की मधुर ध्वनि गूंजती हुई सुनाई देती है, जो भक्ति के माहौल को और भी जीवंत बना देती है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक ग्रंथों और लोक-परंपराओं पर आधारित है। Haribhoomi.com इनकी किसी भी तरह की सटीकता या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है।
Bank holiday: क्या 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद के कारण बैंक बंद हैं? जानिए आपके शहर में बैंक खुले हैं या नहीं
Bank holidays august 26: बैंक जाने से पहले जरूर पढ़ लें यह खबर! आज 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद और ओणम (थिरुवोनम) के पावन अवसर पर देश के कई राज्यों में बैंक शाखाएं बंद हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छुट्टियों की सूची के मुताबिक, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के तमाम बैंक आज कामकाज के लिए नहीं खुले हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि बैंक बंद होने के बावजूद शेयर बाजार (NSE और BSE) सामान्य दिनों की तरह खुला है और ट्रेडिंग भी नियमित रूप से हो रही है।
आज किन राज्यों में बैंक बंद हैं?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की हॉलिडे लिस्ट के अनुसार, आज 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद (बारावफात) और केरल में ओणम का पर्व (थिरुवोनम) मनाया जा रहा है। इस वजह से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, मणिपुर और जम्मू-कश्मीर में बैंक शाखाएं आज बंद हैं। एसबीआई, PNB, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई जैसे सभी सरकारी और निजी बैंक इन इलाकों में बंद हैं।
इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में पहले 25 अगस्त को छुट्टी तय थी, लेकिन चांद दिखने के आधार पर वक्फ बोर्ड और सरकार ने तारीख बदलकर अब बुधवार यानी आज अवकाश घोषित किया है। जिन राज्यों में यह त्योहार नहीं है, वहां बैंक खुले हुए हैं।
शेयर बाजार खुला है या नहीं?
बैंकों में छुट्टी के बावजूद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) आज सामान्य रूप से खुले हुए हैं और नियमित ट्रेडिंग चल रही है। हालांकि, आज के दिन क्लीयरिंग और सेटलमेंट की प्रक्रिया स्थगित रहेगी। इसका मतलब यह है कि निवेशक आज शेयर खरीद और बेच तो सकते हैं, लेकिन उसका फाइनल सेटलमेंट अगले कारोबारी दिन यानी गुरुवार को होगा।
रक्षाबंधन और श्री नारायण गुरु जयंती पर आगामी छुट्टियां
आरबीआई की आधिकारिक हॉलिडे लिस्ट के अनुसार, आने वाले शुक्रवार, 28 अगस्त को रक्षाबंधन और श्री नारायण गुरु जयंती के पावन पर्व पर भी कई राज्यों में बैंकों का अवकाश रहेगा। इस दिन गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, सिक्किम, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, केरल और हिमाचल प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।
क्या 29 अगस्त को बैंक खुले रहेंगे?
शनिवार, 29 अगस्त 2026 को देश भर के बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे। इसकी मुख्य वजह यह है कि इस दिन महीने का पांचवां शनिवार है। आरबीआई के नियमों के अनुसार, बैंक शाखाएं केवल महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को ही बंद रहती हैं। इसके अगले दिन यानी रविवार, 30 अगस्त को साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंक बंद रहेंगे।
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