कोलंबो टेस्ट में टीम इंडिया को लगा झटका! LIVE मैच में चोटिल हुए मोहम्मद सिराज, तुरंत छोड़ा मैदान
Mohammed Siraj Injured: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो टेस्ट मैच के चौथे दिन का खेल खेला जा रहा है. भारतीय टीम ने मेजबानों को 290 के स्कोर पर ऑलआउट करके फॉलोऑन खेलने के लिए बुलाया. जहां, भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज एक कैच लेने के चक्कर में खुद को चोटिल करा बैठे. जी हां, कोलंबो टेस्ट की दूसरी पारी में एक कैच लपकने की कोशिश में सिराज को चोट लग गई और उन्होंने फिजियो के साथ तुरंत ही मैदान छोड़ दिया.
कैच लेने के चक्कर में इंजर्ड हुए मोहम्मद सिराज
After Physio, Team Doctor is in Field to evaluate Siraj, who is lying down after sustaining injury during Fielding, Dropped the catch as well! pic.twitter.com/ediMPb4udb
— Ankan Kar (@AnkanKar) August 26, 2026
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज कोलंबो टेस्ट मैच में चोटिल हो गए. मानव सुथार की गेंद पर पासिंदु सूरियाबंदारा ने 3 रन लिए. एक मौका बना था लेकिन सिराज कैच नहीं लपक पाए. वह डीप मिड-विकेट से दौड़कर आए और डाइव लगाकर आगे की ओर हाथ बढ़ाया, गेंद उनके हाथों में आई भी, लेकिन छूट गई. मगर, यहां ये कैच भारत की चिंता का विषय नहीं है बल्कि मोहम्मद सिराज की फिटनेस ने चिंता बढ़ा दी.
दरअसल, कैच लेने के लिए जब सिराज ने डाइव लगाई और गिरने के बाद अपनी पसलियों को पकड़ रखा है. गिरते समय उन्हें चोट लगी है और फिजियो उन्हें देखने आए. मैदान पर दिए उपचार से सिराज को आराम नहीं मिला और फिर वह फिजियो के साथ ही मैदान से बाहर चले गए. हालांकि, अभी सिराज की चोट पर कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आई है. देखने वाली बात होगी कि सिराज इस मैच में अब गेंदबाजी के लिए आ पाएंगे या नहीं.
सिराज ने ही दिलाई थी पहली सफलता
DSP makes the first arrest! ????
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) August 26, 2026
Lahiru Udara goes after the pull, but Mohammed Siraj has the last laugh! ????
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कोलंबो टेस्ट मैच में फॉलोऑन खेलने उतरी श्रीलंका क्रिकेट टीम को पहला झटका मोहम्मद सिराज ने ही दिया. सिराज ने चौथे ओवर में सलामी बल्लेबाज लहिरु उडाना को 3 रन पर आउट किया और टीम इंडिया को जीत की ओर एक कदम आगे पहुंचाया. वहीं, दूसरा विकेट रवींद्र जडेजा ने लिया. उन्होंने कामिल मिसारा को आउट किया, जो 39 गेंदों पर 32 रन बनाकर आउट हुए. उन्होंने अपनी पारी में 3 चौके और 1 छक्का लगाया.
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Kesar tilak: पूजा में केसर का तिलक लगाना क्यों माना जाता है विशेष शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व और फायदे
Kesar tilak ka mahatva: हिंदू धर्म में केसर को अत्यंत पवित्र और शुभ पदार्थ माना जाता है, और इसी वजह से पूजा-पाठ के दौरान माथे पर केसर का तिलक लगाने की परंपरा विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि केसर का तिलक सामान्य चंदन या रोली के तिलक से भी अधिक शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी-देवताओं का अत्यंत प्रिय पदार्थ बताया गया है। यही कारण है कि बड़े धार्मिक अनुष्ठानों और विशेष अवसरों पर केसर तिलक लगाने की परंपरा निभाई जाती है।
केसर को क्यों माना जाता है पवित्र?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, केसर के पीले-नारंगी रंग को सूर्य की ऊर्जा और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि केसर भगवान विष्णु और सूर्य देव, दोनों को अत्यंत प्रिय है, इसी वजह से इनकी पूजा में केसर का इस्तेमाल विशेष रूप से शुभ माना जाता है। कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि केसर को दुर्लभ और बहुमूल्य होने के कारण देवताओं को अर्पित करने योग्य सबसे उत्तम वस्तुओं में गिना जाता है।
इसके अलावा देवी लक्ष्मी की पूजा में भी केसर का इस्तेमाल करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है, क्योंकि इसे सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य से जोड़कर देखा जाता है।
केसर तिलक लगाने की सही विधि
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, केसर तिलक लगाने के लिए केसर को चंदन या दूध में घोलकर तैयार किया जाता है। मान्यता है कि इसे अनामिका उंगली से माथे के बीचोंबीच लगाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इसके अलावा पूजा में भगवान की मूर्ति पर भी केसर का तिलक लगाने की परंपरा प्रचलित है, जिसे भगवान के शृंगार का एक अहम हिस्सा माना जाता है।
यह भी मान्यता है कि किसी बड़े धार्मिक अनुष्ठान, विवाह या नामकरण संस्कार से पहले परिवार के सदस्यों को केसर तिलक लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
केसर के स्वास्थ्य लाभ भी हैं खास
धार्मिक महत्व के साथ-साथ केसर को आयुर्वेद में भी एक अत्यंत गुणकारी औषधि माना जाता है। मान्यता है कि केसर का तिलक लगाने से मानसिक तनाव कम होता है और मन शांत रहता है। इसके अलावा केसर को त्वचा के लिए भी लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से त्वचा को निखारने वाले गुण पाए जाते हैं।
किन अवसरों पर होता है केसर तिलक का इस्तेमाल?
हिंदू परंपरा में जन्माष्टमी, दिवाली, विवाह समारोह और किसी भी बड़े धार्मिक अनुष्ठान के दौरान केसर तिलक लगाने की परंपरा विशेष रूप से प्रचलित है। इसके अलावा गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा में भी केसर के तिलक और भोग का इस्तेमाल करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
आज भी विशेष अवसरों पर लगाया जाता है केसर तिलक
समय के साथ भले ही पूजा-पाठ के तौर-तरीकों में कुछ बदलाव आया हो, लेकिन केसर तिलक लगाने की यह परंपरा आज भी उतनी ही श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। आज भी बड़े धार्मिक आयोजनों और शुभ अवसरों पर लोग केसर के तिलक को विशेष सम्मान और आस्था के साथ धारण करते हैं।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक ग्रंथों और लोक-परंपराओं पर आधारित है। Haribhoomi.com इनकी किसी भी तरह की सटीकता या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है।
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