Responsive Scrollable Menu

Prabhasakshi NewsRoom: Kiren Rijiju की एक डुबकी से आई सियासी सुनामी! Pawan Khera को Half Naked वाले तंज पर मिला करारा जवाब

कभी-कभी भारतीय राजनीति में मुद्दे इतने गंभीर होते हैं कि उन पर बहस करते-करते नेताओं को पसीना आ जाता है। और कभी मामला ऐसा होता है कि पसीना बहाने की जरूरत ही नहीं पड़ती, सीधे नदी में उतर जाइए। अरुणाचल प्रदेश की एक नदी में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की तैराकी ने कुछ ऐसा ही राजनीतिक ज्वार पैदा कर दिया है। रिजिजू पानी में थे, कांग्रेस किनारे से टिप्पणी कर रही थी और देखते-देखते इस पूरी तैराकी में राहुल गांधी भी बिना पानी छुए कूद पड़े।

दरअसल, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश की एक नदी में तैरते हुए अपना वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो के साथ उन्होंने लोगों को गहरे पानी में जाने से सावधान भी किया और कहा कि अरुणाचल की नदियां विशाल और बेहद गहरी हैं, इसलिए जिसे तैरना नहीं आता, उसे गहरे पानी में नहीं जाना चाहिए। लेकिन राजनीति में नदी की गहराई से ज्यादा नेताओं की टिप्पणियों की गहराई नापी जाती है।

इसे भी पढ़ें: दिमागी नक्सल विवाद पर P Chidambaram का Kiren Rijiju को करारा जवाब, बोले- 'हमें गर्व है'

रिजिजू की तैराकी पर पहले हल्की-फुल्की फिटनेस वाली बहस शुरू हुई। बताया गया कि उन्होंने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी इसी तरह तैरने की चुनौती दी थी। इसके बाद कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा मैदान में उतरे, या ऐसे भी कह सकते हैं कि उन्होंने नदी किनारे खड़े होकर राजनीतिक लाइफ जैकेट पहन ली।

पवन खेड़ा ने रिजिजू के पहनावे पर तंज कसते हुए उन्हें “हाफ-नेकेड” बताया और कहा कि राहुल गांधी भाजपा नेताओं के दिमाग पर इस कदर छा गए हैं कि किरेन रिजिजू आधे कपड़ों में तैरने भी जाएं तो राहुल गांधी का नाम लिए बिना नहीं रह सकते। खेड़ा ने इसे भाजपा पर राहुल गांधी के प्रभाव का प्रमाण बताते हुए लिखा कि आखिर राहुल गांधी ने भाजपा नेताओं के साथ ऐसा क्या कर दिया है? बस फिर क्या था। नदी में तैरते रिजिजू को शायद इस बात का अंदाजा नहीं रहा होगा कि पानी से बाहर निकलते ही उन्हें राजनीतिक धाराओं से जूझना पड़ेगा।

मंगलवार को रिजिजू ने पवन खेड़ा को तीखा जवाब दिया। उन्होंने याद दिलाया कि खेड़ा राज्यसभा के पहले कार्यकाल के सांसद हैं और पार्टी द्वारा नामित होकर सदन पहुंचे हैं, जबकि वह खुद अब तक आठ चुनाव लड़ चुके हैं। रिजिजू ने साफ कहा कि राजनीतिक अनुभव का अंतर किसी को भी व्यक्तिगत या “अशोभनीय” टिप्पणी करने का अधिकार नहीं देता।

रिजिजू ने यह भी स्पष्ट किया कि जब वह अपने गांव के लोगों के साथ नदी में तैर रहे थे, तब उनके दिमाग में राहुल गांधी का कोई विचार नहीं था। उनके मुताबिक कांग्रेस की ओर से यह टिप्पणी की गई कि वह राहुल गांधी की तरह तैर नहीं सकते, जिसके बाद उन्होंने जवाब दिया। रिजिजू का दावा है कि उन्हें ऐसी गतिविधियों के लिए किसी विशेष ट्रेनिंग की जरूरत नहीं पड़ती, वह अरुणाचल की ताकतवर नदियों के “नेचुरल खिलाड़ी” हैं।

यानी कांग्रेस का आरोप है कि रिजिजू पानी में भी राहुल गांधी को खोज रहे हैं, जबकि रिजिजू का कहना है कि राहुल गांधी को पानी में कांग्रेस ने ही फेंका और अब उनसे पूछा जा रहा है कि वह वहां पहुंचे कैसे!

मामला यहीं नहीं रुका। पवन खेड़ा के “हाफ-नेकेड” वाले तंज पर रिजिजू ने भी ऐसा पलटवार किया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का नाम अचानक इस तैराकी प्रतियोगिता में शामिल हो गया। रिजिजू ने खेड़ा को चेतावनी भरे व्यंग्य में कहा कि अगर वह “आधे कपड़ों में तैरने” को लेकर ऐसी बातें करेंगे तो वह उनके “अनुशासनहीन व्यवहार” की शिकायत हिमंत बिस्वा सरमा से कर देंगे। साथ ही रिजिजू ने सीधा सवाल भी दाग दिया कि क्या पवन खेड़ा खुद सूट और कोट पहनकर तैरते हैं?

अब इस सवाल का जवाब शायद फैशन डिजाइनर से ज्यादा राजनीतिक विश्लेषक तलाशेंगे। क्योंकि भारतीय राजनीति में यह पहला मौका हो सकता है जब किसी केंद्रीय मंत्री की तैराकी पर बहस का केंद्र जल सुरक्षा, फिटनेस या खेल नहीं, बल्कि यह बन गया हो कि स्विमिंग ड्रेस की राजनीतिक मर्यादा क्या होती है।

इस पूरे प्रकरण में सबसे दिलचस्प किरदार राहुल गांधी रहे, जो बहस के केंद्र में होने के बावजूद नदी में मौजूद नहीं थे। पवन खेड़ा का कहना है कि राहुल गांधी भाजपा के नेताओं के दिमाग में इतने गहरे उतर चुके हैं कि रिजिजू तैराकी के दौरान भी उनका नाम लेते हैं। दूसरी तरफ रिजिजू का कहना है कि राहुल गांधी उनके दिमाग में नहीं थे, बल्कि कांग्रेस ने पहले उनकी तैराकी की तुलना राहुल गांधी से की और फिर जवाब मिलने पर राजनीतिक शोर शुरू कर दिया।

यानी सवाल अब यह नहीं है कि अरुणाचल की नदी कितनी गहरी है। असली सवाल यह है कि भारतीय राजनीति में राहुल गांधी कितनी गहराई तक मौजूद हैं, कम से कम कांग्रेस और भाजपा के नेताओं की सोशल मीडिया बहस में तो जरूर हैं।

वैसे रिजिजू ने जिस वीडियो में लोगों को चेताया था कि तैरना न आता हो तो गहरे पानी में न उतरें, शायद उसी सलाह को अब राजनीतिक संदर्भ में भी पढ़ा जा सकता है। क्योंकि यहां एक तरफ नदी का पानी गहरा है, दूसरी तरफ राजनीतिक व्यंग्य की धारा तेज है। कोई अपनी फिटनेस दिखाने नदी में उतरा था, कोई उसे “हाफ-नेकेड स्विम” बताकर मजाक उड़ाने लगा और फिर बहस चुनावी अनुभव, राज्यसभा की सदस्यता, हिमंत बिस्वा सरमा और राहुल गांधी तक पहुंच गई।

देखा जाये तो भारतीय राजनीति में मुद्दे बदलते देर नहीं लगती। कल तक सवाल था कौन कितना तैर सकता है, आज बहस है कौन किसके दिमाग में तैर रहा है। फिलहाल इतना तय है कि अरुणाचल की नदी में किरेन रिजिजू अकेले तैर रहे थे, लेकिन राजनीतिक लहरें इतनी उठीं कि कांग्रेस, भाजपा, राहुल गांधी, पवन खेड़ा और हिमंत बिस्वा सरमा, सब किसी न किसी तरह इस “स्विमिंग पूल ऑफ पॉलिटिक्स” में पहुंच गए। अब बस इंतजार इस बात का है कि अगली चुनौती क्या होगी, तैराकी की, दौड़ की या फिर राजनीतिक गहरे पानी में बिना लाइफ जैकेट उतरे रहने की। वैसे भारतीय राजनीति में एक बात बिल्कुल तय है कि यहां नेता नदी में तैरें या नहीं, बयानबाजी जरूर रोज नई गहराइयों में गोता लगाती रहती है।

Continue reading on the app

2026 नगर निगम चुनाव के लिए WB BJP ने कसी कमर, सुकांत मजूमदार-राहुल सिन्हा को बड़ी जिम्मेदारी

पार्टी के एक संगठनात्मक सर्कुलर के अनुसार, पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कोलकाता और हावड़ा में 2026 के नगर निगम चुनावों की देखरेख के लिए वरिष्ठ नेताओं को नियुक्त किया है। केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार को कोलकाता नगर निगम चुनावों के लिए प्रभारी बनाया गया है, और राज्य के उपाध्यक्ष अनिंद्य बनर्जी (राजू) को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। पश्चिम बंगाल के मंत्री तापस रॉय को कोलकाता चुनावों के लिए संयोजक बनाया गया है, और काशीपुर-बेलगाछिया से BJP विधायक रितेश तिवारी को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है।
 

इसे भी पढ़ें: BJP संगठन के बाद अब Modi Cabinet की बारी? 12 पद खाली, बड़ा फेरबदल संभव


हावड़ा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनावों के लिए, राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा को इंचार्ज और बाली के विधायक संजय कुमार सिंह को कन्वेनर नियुक्त किया गया। ये नियुक्तियां पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कीं और ये तुरंत लागू हो गई हैं। इसके अलावा, 25 अगस्त को सुकांत मजूमदार ने बीजेपी नेता सुनील बंसल को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव दोबारा नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। 
 

इसे भी पढ़ें: BJP ने Sukanta Majumdar को कोलकाता निगम चुनाव का प्रभारी बनाया, हावड़ा में Rahul Sinha को कमान


X पर एक पोस्ट में मजूमदार ने कहा कि आज भाजपा बंगाल के राज्य कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के पद पर दोबारा नियुक्ति के लिए सम्मानित सुनिल बंसल को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गईं। संगठन में नई ऊर्जा और मजबूती लाने में उनका नेतृत्व निश्चित रूप से अहम भूमिका निभाएगा। उनके सफल कार्यकाल और उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। ये नियुक्तियां पश्चिम बंगाल में होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले बीजेपी की अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की कोशिशों को दर्शाती हैं।
 
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

Continue reading on the app

  Sports

IND vs SL: रवींद्र जडेजा-सारांश जैन से परेशान, भारतीय कोच ने बताया- कैसे दूर होगी नो-बॉल की टेंशन?

कोलंबो टेस्ट मैच में सिर्फ 2 दिन की गेंदबाजी में दोनों भारतीय स्पिनरों ने मिलकर 10 नो-बॉल कर दी. सारांश की टेस्ट क्रिकेट में पहली ही गेंद नो-बॉल थी, जबकि जडेजा ने जडेजा के हाथ से एक विकेट फिस गयाय Wed, 26 Aug 2026 20:18:25 +0530

  Videos
See all

Anjana Om Kashyap | एक्सपर्ट बोले आधे घंटे पहले पता होता तो बहुत लोगों की जान बच जाती #Shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-26T16:11:23+00:00

ChakraView | Sumit Awasthi| बीजेपी के निशाने पर राहुल क्यों ? #rahulgandhi #hijab #ytshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-26T16:13:53+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers