SBI Admit Card 2026: असिस्टेंट मैनेजर लॉ और डिप्टी मैनेजर लॉ का एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने Assistant Manager Law और Deputy Manager Law भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया है, वे अब अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करना होगा। परीक्षा में शामिल होने से पहले एडमिट कार्ड पर दर्ज सभी जरूरी जानकारियों को ध्यान से जांच लेना जरूरी है।
इन स्टेप्स से डाउनलोड करें SBI Admit Card
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवार इन आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं।
- सबसे पहले SBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- होमपेज पर Admit Card या संबंधित भर्ती लिंक पर क्लिक करें।
- SBI Assistant Manager Law and Deputy Manager Law Admit Card 2026 लिंक को चुनें।
- मांगी गई लॉगिन डिटेल जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें।
- कैप्चा भरकर सबमिट करें।
- एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
- इसे डाउनलोड करके भविष्य के लिए प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
23 अगस्त को होगी लिखित परीक्षा
SBI असिस्टेंट मैनेजर (लॉ) और डिप्टी मैनेजर (लॉ) की लिखित परीक्षा 23 अगस्त 2026 को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा में रीजनिंग, अंग्रेजी और प्रोफेशनल नॉलेज से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रोफेशनल नॉलेज सेक्शन में निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल करना जरूरी होगा।
49 पदों पर होगी भर्ती
इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 49 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इनमें 20 पद Assistant Manager Law और 29 पद Deputy Manager Law के लिए हैं।
एडमिट कार्ड में ये डिटेल जरूर जांचें
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवार अपना नाम, रोल नंबर, परीक्षा का नाम, परीक्षा केंद्र, परीक्षा की तारीख और समय समेत अन्य जानकारी ध्यान से जांच लें।
परीक्षा केंद्र पर जाते समय एडमिट कार्ड के साथ वैध फोटो आईडी प्रूफ जरूर लेकर जाएं। किसी भी गलती या जानकारी में अंतर नजर आने पर समय रहते संबंधित आधिकारिक माध्यम से संपर्क करना बेहतर रहेगा।
राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, वीर सावरकर पर दिए बयान से जुड़ा मानहानि केस किया रद्द
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है, देश की सर्वोच्च अदालत ने वीर सावरकर से जुड़े राहुल गांधी के बयान के विरुद्ध लखनऊ की निचली अदालत द्वारा जारी मानहानि से जुड़े समन और केस को रद्द कर दिया है, ये मामला 2022 में राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान महाराष्ट्र में उनके द्वारा वीर सावरकर के खिलाफ़ विवादित टिप्पणी करने से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस दीपांकर दत्ता ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से पूछा कि क्या आपने मुकदमा चलाने की मंज़ूरी दी है? इस पर नटराज ने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसा नहीं किया है। इसके जवाब में कोर्ट ने कहा कि मंज़ूरी ज़रूरी है लेकिन जब मंज़ूरी नहीं है तो केस नहीं बनता। और उसके बाद अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ जारी समन और केस दोनों रद्द कर दिए।
राहुल गांधी ने वीर सावरकर पर की थी टिप्पणी
गौरतलब है कि लखनऊ के रहने वाले एडवोकेट नृपेन्द्र मिश्रा ने ये मामला लखनऊ की अदालत में दायर किया था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने वीर सावरकर को अंग्रेजों का नौकर और पेंशन लेने वाला बताया था, याचिका में उन्होंने अदालत से राहुल गांधी पर आईपीसी की धारा 153A और 505 के तहत कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने ये भी आरोप लगाये थे कि पत्रकार वार्ता में मौजूद पत्रकारों को प्रेस रिलीज भी दी गई जिसमें इसका उल्लेख था जिससे यह संकेत मिलता है कि बयान पूरी तैयारी के साथ दिया गया और इसका उद्देश्य समाज में नफरत फैलाना था।
हाई कोर्ट से नहीं मिली थी राहत, सुप्रीम कोर्ट गये
याचिका पर सुनवाई करते हुए लखनऊ के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किये लेकिन वो इसके खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट चले गए, मगर 4 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने समन निरस्त करने से इंकार कर दिया, जब हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली तो राहुल गांधी समन निरस्त कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और प्रसन्ना एस. पेश हुए।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी राहुल गांधी को फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने 25 अप्रैल 2025 को सुनवाई के दौरान राहुल गांधी को कड़ी चेतावनी दी कि वे हमारे स्वतंत्रता सेनानियों, जिन्होंने हमें आज़ादी दिलाई, उनके खिलाफ ऐसे बयान न दें। जस्टिस दत्ता ने विपक्ष के नेता को यह भी चेतावनी दी थी कि अगर भविष्य में उन्होंने ऐसी टिप्पणी की, तो सुप्रीम कोर्ट खुद संज्ञान लेगा और तब उनके खिलाफ मामला शुरू करने से पहले मंज़ूरी लेने का कोई सवाल ही नहीं उठेगा। हालाँकि अदालत ने राहुल गांधी को अंतरिम राहत देते हुए ACJM कोर्ट से जारी समन पर रोक लगा दी थी। लेकिन आज जब सुनवाई हुई तो उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ज़रूरी मंजूरी नहीं दिए जाने का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन और शिकायत को रद्द कर दिया।
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