Gujarat ATS ने पकड़ा Shimla का वांछित ड्रग तस्कर, 1.12 किलो हेरोइन केस में था फरार
गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने पिछले महीने हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर में दर्ज 1.12 किलोग्राम हेरोइन जब्ती के एक मामले में वांछित व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, हरियाणा के अंबाला निवासी आजादसिंह वाल्मीकि को सोमवार शाम अहमदाबाद के माधुपुरा इलाके के एक होटल से गिरफ्तार किया गया।
बयान में कहा गया कि आरोपी शिमला वेस्ट पुलिस थाने में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 21 के तहत दर्ज एक प्राथमिकी के सिलसिले में वांछित था। वाल्मीकि के ठिकाने के संबंध में मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर गुजरात एटीएस ने एक टीम का गठन किया। टीम ने 24 अगस्त को माधुपुरा के एक होटल में तलाशी ली और वाल्मीकि को ढूंढ निकाला।
इसके बाद उसे पूछताछ के लिए एटीएस कार्यालय लाया गया। प्राथमिक पूछताछ के दौरान वाल्मीकि ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि वह चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर सेल्समैन के रूप में काम कर रहा था, जहां वह शुभ कर्मन नाम के एक टैक्सी चालक के संपर्क में आया। एटीएस ने बताया कि लगभग एक महीने पहले कर्मन ने उसे कथित तौर पर बताया था कि उसके पास लगभग एक किलोग्राम हेरोइन है और उसने ग्राहक ढूंढने के बदले में कमीशन की पेशकश की थी।
बयान के अनुसार, वाल्मीकि ने फिर इस मामले पर अपने एक संबंधी विजय कुमार (अंबाला निवासी) से चर्चा की, जो हेरोइन प्राप्त करने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद विजय कुमार हेरोइन लेकर हिमाचल प्रदेश के शिमला गया, जहां शिमला पश्चिम पुलिस ने तीन अगस्त को उसे 1.120 किलोग्राम मादक पदार्थ के साथ पकड़ लिया। विजय कुमार की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद वाल्मीकि कथित तौर पर अपने घर से भाग गया और दिल्ली से ट्रेन पकड़कर अहमदाबाद पहुंचा।
उसकी योजना यहां से अबू धाबी की उड़ान लेने की थी, लेकिन इससे पहले ही गुजरात एटीएस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बयान के अनुसार, एटीएस ने वाल्मीकि की गिरफ्तारी के बारे में शिमला पुलिस को सूचित कर दिया है और उसे शिमला पुलिस को सौंपने के लिए कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Patna Municipal Corporation नोटिस विवाद: CM Samrat Choudhary ने बनाई समिति
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने को लेकर पटना नगर निगम (पीएमसी) द्वारा जारी नोटिसों से उत्पन्न विवाद के समाधान के लिए मंगलवार को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, समिति पूरे मामले का अध्ययन करेगी और जनहित में व्यावहारिक समाधान के लिए आवश्यक कदमों की सिफारिश करेगी। उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश के अनुपालन में पटना नगर निगम ने अगस्त के मध्य में 26,745 संपत्ति मालिकों को आवासीय भवनों में कथित तौर पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने के लिए नोटिस जारी किए थे।
नोटिस जारी होने के बाद संपत्ति मालिकों ने लंबे समय से वाणिज्यिक कर का भुगतान करने, जोन निर्धारण में त्रुटियों तथा बेदखली और भवनों को सील करने के लिए तय की गई सख्त समय-सीमा समेत कई मुद्दों पर आपत्ति जताई थी। समिति के सदस्य सचिव के रूप में नगर विकास एवं आवास मंत्री नितीश मिश्रा को नियुक्त किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और विधान पार्षद संजय कुमार सिंह इसके अन्य सदस्य होंगे।
यह निर्णय मुख्यमंत्री और एक प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम के नोटिसों से उत्पन्न विवाद के समाधान की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। बयान के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में विधायक संजीव चौरसिया, रत्नेश कुशवाहा, श्याम रजक और संजय गुप्ता शामिल थे।
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