ऑडी ने अपनी लोकप्रिय क्यू3 एसयूवी की तीसरी पीढ़ी को भारतीय बाजार में पेश कर दिया है। नई ऑडी क्यू3 को वैश्विक स्तर पर एक साल से ज्यादा पहले दिखाया गया था और अब भारत में इसकी बिक्री अक्टूबर 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। इसकी अनुमानित शुरुआती कीमत 55 लाख से 60 लाख रुपये के बीच हो सकती है। भारत में इसे स्थानीय स्तर पर जोड़ा जाएगा।
नई क्यू3 पहले के मुकाबले आकार में बड़ी और डिजाइन के मामले में ज्यादा आक्रामक है। इसकी लंबाई 4,531 मिलीमीटर, चौड़ाई 1,859 मिलीमीटर और ऊंचाई 1,623 मिलीमीटर है। इसका पहियों के बीच का अंतर 2,681 मिलीमीटर है। यानी पुरानी पीढ़ी की तुलना में नई क्यू3 के लगभग सभी बाहरी आयाम बढ़े हैं।
सामने की तरफ नई क्यू3 में दो हिस्सों में बांटी गई एलईडी हेडलाइट दी गई हैं। इसके साथ चौड़ी ग्रिल और मधुमक्खी के छत्ते जैसी डिजाइन वाला बड़ा वायु प्रवेश क्षेत्र मिलता है। नीचे चांदी रंग की सुरक्षा पट्टी दी गई है। खास बात यह है कि ग्रिल के आसपास अब पहले की तरह चमकदार धातु की सजावट नहीं दिखाई देती है।
किनारों पर शरीर के रंग की सुरक्षा पट्टियां, 18 इंच के मिश्रधातु पहिये और छत पर रेल दी गई हैं। खिड़कियों के नीचे मोटी एल आकार की चमकदार पट्टी इसका बाहरी रूप और उभारती है। पीछे की तरफ पतली काली पट्टियां पिछली और बगल की खिड़कियों को जोड़ती हैं, जिससे छत हवा में तैरती हुई नजर आती है।
पीछे नई क्यू3 में दो हिस्सों वाली पिछली बत्तियां दी गई हैं, जिन्हें एक एलईडी पट्टी आपस में जोड़ती है। इनके बीच रोशन ऑडी चिन्ह दिया गया है। ऊपर बड़ा छत बिगाड़क और नीचे तराशा हुआ बंपर मिलता है। भारत में मिलने वाली क्यू3 में कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध ज्यादा स्पोर्टी एस-लाइन रूप नहीं दिया गया है।
अंदर से भी नई क्यू3 पिछली पीढ़ी के मुकाबले काफी आधुनिक है। इसमें काले रंग का केबिन और बेज रंग की सीटें हैं। सामने 12.8 इंच की स्पर्श आधारित स्क्रीन और 11.9 इंच का डिजिटल चालक प्रदर्शन दिया गया है। नया चार-स्पोक स्टीयरिंग पहिया भी मिलता है। बीच में जरूरी कार्यों के लिए अलग बटन और वायरलेस मोबाइल चार्जिंग की सुविधा दी गई है।
बता दें कि ऑडी ने पारंपरिक गियर चयन व्यवस्था को भी बदल दिया है। अब इसे स्टीयरिंग के पीछे दिए गए डंडेनुमा नियंत्रण के जरिये संचालित किया जाएगा। नई क्यू3 में सोनॉस ध्वनि प्रणाली, मनोरम छत, बिना तार के एप्पल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो, दोहरे क्षेत्र का तापमान नियंत्रण, पैडल से गियर बदलने की सुविधा, माहौल के अनुसार बदलने वाली रोशनी, 360 डिग्री कैमरा और बिजली से खुलने वाला पिछला दरवाजा जैसे फीचर मिलते हैं। सामान रखने की क्षमता 488 लीटर है।
इंजन की बात करें तो मौजूद जानकारी के अनुसार इसमें 2.0 लीटर, चार सिलेंडर वाला टर्बो पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है। यह इंजन 204 हॉर्सपावर और 320 न्यूटन मीटर का अधिकतम टॉर्क पैदा करेगा। इसके साथ सात गति वाला दोहरे क्लच का स्वचालित गियरबॉक्स मिलेगा और ताकत चारों पहियों तक पहुंचाने के लिए ऑडी का क्वात्रो तंत्र मानक रूप से मिलने की उम्मीद है।
कंपनी के अनुसार नई क्यू3 करीब 7.1 सेकंड में शून्य से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है और इसकी अधिकतम गति 229 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। गौरतलब है कि भारत में इसका मुकाबला बीएमडब्ल्यू एक्स1 और मर्सिडीज-बेंज जीएलए जैसी शुरुआती श्रेणी की लग्जरी एसयूवी से होगा।
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एआई क्षेत्र में ऊंचे वेतन और बड़ी हिस्सेदारी के लिए कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच एंथ्रोपिक ने नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर एक अलग रास्ता अपनाया है। क्लॉड एआई बनाने वाली इस कंपनी में नौकरी के प्रस्ताव पर उम्मीदवार को मिलने वाली रकम पर आम तौर पर बातचीत की गुंजाइश नहीं होती। प्रस्ताव पत्र में जो राशि दी जाती है, वही अंतिम मानी जाती है। न मोलभाव होता है और न ही प्रति-प्रस्ताव की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, एंथ्रोपिक ने साक्षात्कार और वेतन निर्धारण के लिए एक तय प्रक्रिया बनाई है। कंपनी का मानना है कि सभी उम्मीदवारों के लिए समान व्यवस्था रखने से नियुक्ति प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित रहती है। ऐसे समय में जब एआई विशेषज्ञों के लिए बेहद बड़े वेतन पैकेज की खबरें सामने आती रहती हैं, एंथ्रोपिक की यह नीति काफी अलग नजर आती है।
लेकिन कंपनी की नियुक्ति प्रक्रिया में केवल तकनीकी क्षमता और वेतन ही महत्वपूर्ण नहीं है। उम्मीदवारों को एक विशेष संस्कृति संबंधी साक्षात्कार से भी गुजरना पड़ता है। यह बातचीत कंपनी के किसी कर्मचारी द्वारा ली जाती है, जिसे इस काम के लिए चुना जाता है। इसमें उम्मीदवार की सोच, नैतिक निर्णय और कंपनी के उद्देश्य के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को समझने की कोशिश की जाती है।
कुछ उम्मीदवारों के अनुसार, इस बातचीत में ऐसा सवाल भी पूछा गया है जिसमें कल्पना करने को कहा जाता है कि अगर सुरक्षा कारणों से एंथ्रोपिक अपने एआई संबंधी काम को बंद कर दे और कंपनी के शेयरों का मूल्य पूरी तरह खत्म हो जाए, तो वे इसे किस तरह देखेंगे। कुछ लोगों ने इस सवाल को सीधे शेयर मूल्य से जोड़कर बताया, जबकि अन्य उम्मीदवारों के मुताबिक बातचीत में सुरक्षा और कारोबार के बीच संतुलन पर चर्चा हुई।
पूर्व कर्मचारियों के हवाले से बताया गया है कि ऐसे सवाल पूरी तरह तय नहीं होते और साक्षात्कार लेने वाले कर्मचारी के अनुसार उनका स्वरूप बदल सकता है। उम्मीदवारों से उनके जीवन में सामने आए किसी नैतिक संकट और उससे निपटने के तरीके के बारे में भी पूछा जा सकता है।
गौरतलब है कि एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोडेई ने कथित तौर पर इस बात को लेकर चिंता जताई है कि कुछ नए कर्मचारी कंपनी के उद्देश्य से अधिक वेतन को महत्व दे रहे हैं। हालांकि, यह टिप्पणी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि एंथ्रोपिक एआई क्षेत्र में सबसे आकर्षक वेतन देने वाली कंपनियों में गिनी जाती है।
एआई क्षेत्र में प्रतिभाओं के तेजी से एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जाने का सिलसिला भी इस पूरी बहस का अहम हिस्सा है। लिलियन वेंग एंथ्रोपिक से निकलकर ओपनएआई पहुंचने वाली चर्चित प्रतिभाओं में शामिल हैं। वहीं गूगल से नोआम शाजीर ओपनएआई और नोबेल पुरस्कार विजेता जॉन जम्पर एंथ्रोपिक से जुड़े हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, संस्कृति संबंधी साक्षात्कार एंथ्रोपिक की शुरुआत से ही प्रक्रिया का हिस्सा रहा है, हालांकि शेयर मूल्य से जुड़ा सवाल बाद में शामिल किया गया माना जाता है। इसके बावजूद कंपनी में नौकरी पाने की इच्छा कम नहीं हुई है। उम्मीदवार तैयारी के लिए निजी प्रशिक्षण और अभ्यास साक्षात्कार पर हजारों डॉलर तक खर्च कर रहे हैं।
बता दें कि एंथ्रोपिक पहले भी कारोबार और अपने घोषित उद्देश्य के बीच संतुलन को लेकर फैसले ले चुकी है। कंपनी ने अमेरिकी सेना से जुड़ी ऐसी व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया था, जिसमें उसकी तकनीक के व्यापक सरकारी इस्तेमाल की अनुमति मिलती। कंपनी ने अपने अत्यधिक सक्षम साइबर मॉडल माइथोस की पहुंच भी सीमित रखी है। ऐसे में एंथ्रोपिक में वेतन पर बातचीत भले ही संभव नहीं हो, लेकिन कंपनी में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से उसके उद्देश्य के प्रति विश्वास जरूर परखा जा रहा है।
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