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भारत को सबसे खतरनाक मशीन देने वाला है रूस, हिले कई देश!

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन से मिलने जा रहे थे। लेकिन किसी को नहीं पता था कि पुतिन पीएम मोदी का नाम लेकर क्या बोलने वाले हैं। पुतिन ने पीएम मोदी का नाम लेने के साथ-साथ भारत को एक बहुत दिलचस्प ऑफर दे दिया है। रूस भारत को एक ऐसी मशीन देना चाहता है जो दुनिया में किसी के पास नहीं है। इस मशीन को बनाने की टेक्नोलॉजी सिर्फ और सिर्फ रूस के पास है। हम आपको बता दें कि रूस के इस ऑफर पर चर्चा तो कुछ समय से हो रही है लेकिन अब असली धमाका करने का वक्त आ गया है। बहरहाल सबसे पहले तो पुतिन ने पीएम मोदी का नाम लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस इको सिस्टम की हवा निकाल दी है। इसी के साथ रूस भारत को एक ऐसी टेक्नोलॉजी देना चाहता है जो भारत की सबसे रणनीतिक जगह को और भी ताकतवर बना देगी। 

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कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने मजाक उड़ाते हुए कहा था कि पीएम मोदी सिर्फ गले मिलते हैं। इससे क्या होगा? लेकिन अब खुद रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने बता दिया है कि पीएम मोदी के गले मिलने के बाद क्या हुआ है। पुतिन ने पहली बार साफ तौर पर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे साथ रिश्तों पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देते हैं। इसी वजह से भारत और रूस का व्यापार बढ़ रहा है। यानी पीएम मोदी पर्सनल अटेंशन ना देते तो भारत और रूस के बीच व्यापार इस रफ्तार से नहीं बढ़ता। यह है पीएम मोदी के गले मिलने की ताकत। बताइए खुद रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने राहुल गांधी और कांग्रेस का फैक्ट चेक कर दिया। पीएम मोदी पुतिन से गले मिले तो पुतिन ने भारत को जमकर कच्चा तेल बेचा। पीएम मोदी पुतिन से गले मिले तो रूस ने भारत में ब्रह्मोस मिसाइलें और AK-203 राइफल बनने दी। इसी गले मिलने की ताकत है कि भारतीय किसानों के लिए रूस ने फर्टिलाइज़र्स देने का ऐलान कर दिया है। 

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दरअसल रूस भारत के साथ मिलकर फ्लोटिंग न्यूक्लियर पावर प्लांट्स बनाना चाहता है। यह टेक्नोलॉजी दुनिया में सिर्फ और सिर्फ रूस के पास है। फ्लोटिंग न्यूक्लियर पावर प्लांट एक ऐसा तैरता हुआ न्यूक्लियर पावर प्लांट है जो समुद्र में तैरते हुए जहाज पर बनाया जाता है। अगर यह डील फाइनल हो जाती है तो भारत इस फ्लोटिंग न्यूक्लियर पावर प्लांट को अंडमान और निकोबार के पास तैनात कर सकता है। यहीं पर भारत का ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट बन रहा है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस ने भारत को फ्लोटिंग न्यूक्लियर पावर प्लांट तकनीक देने की पेशकश की है। आपको बता दें कि अंडमान में भारतीय सेना की इकलौती ट्राई सर्विस कमांड है। यानी यहां पर आर्मी, नेवी और एयरफोर्स तीनों हैं। अभी तक यहां पर बिजली के लिए भारतीय सेना को जनरेटरों का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन अगर भारत को रूस की फ्लोटिंग न्यूक्लियर पावर प्लांट टेक्नोलॉजी मिल गई तो इससे भारत के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को ताकत मिलेगी। 

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गावस्कर ने मैकॉय की पिच पर सवाल उठाए:ICC पर दोहरे मापदंड का आरोप; 2 दिन में खत्म हो गया था टेस्ट

पूर्व भारतीय ओपनर सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के मैकॉय की पिच पर सवाल उठाए हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने पिच के मामले पर ICC पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया है। 77 साल के गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया में छोटे टेस्ट मैचों पर ICC की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ साल में ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट दो दिन से कम समय में खत्म हो गए। लेकिन, ICC ने इस पर आंखें बंद कर रखी हैं। गावस्कर के अनुसार भारत में ऐसा होने पर पिच पर कार्रवाई की जाती। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पिचों और भारतीय पिचों के लिए अलग-अलग मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश से सीरीज बराबर की पैट कमिंस की ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दो टेस्ट की सीरीज में बांग्लादेश के खिलाफ वापसी की। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरा टेस्ट पारी और 51 रन से जीता। मेजबान टीम ने बांग्लादेश को दोनों पारियों में 100 रन से कम पर ऑलआउट कर दिया। इसके साथ ही सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। गावस्कर ने Sportstar में लिखे अपने कॉलम में कहा कि पिछले कुछ साल में ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट दो दिन के अंदर खत्म हो चुके हैं। इसके बावजूद उन पिचों की वैसी आलोचना नहीं हुई, जैसी कम समय में मैच खत्म होने पर भारतीय पिचों की होती है। उन्होंने कहा कि पिछले साल पर्थ और मेलबर्न में खेले गए एशेज सीरीज के दो टेस्ट भी दो दिन के अंदर खत्म हो गए थे। गावस्कर ने पिच और ग्राउंड्समैन पर सवाल उठाए गावस्कर ने लिखा, “तो ऑस्ट्रेलिया में एक और टेस्ट दो दिन के अंदर खत्म हो गया। पिछले कुछ साल में वहां ऐसा चार बार हो चुका है। फिर भी ऐसी पिचों की आलोचना सुनने को नहीं मिली, जिनमें जरूरत से ज्यादा उछाल होता है और जो ऐसे नतीजे देती हैं।” उन्होंने आगे लिखा, “बहाने तेजी से सामने आएंगे। कहा जाएगा कि ग्राउंड्समैन, माफ कीजिए, टर्फ एग्जीक्यूटिव से गलती हो गई। मौसम के अनुमान में गर्मी बताई गई थी, इसलिए उसने थोड़ी ज्यादा घास छोड़ दी और इससे जरूरत से ज्यादा उछाल मिला।” पहला टेस्ट हारने के बाद तेज और उछाल वाली पिच पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा कि पहला टेस्ट हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया का तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिच तैयार करना हैरानी की बात नहीं थी। उनके मुताबिक, इससे यह दावा गलत साबित होता है कि SENA देश अपनी ताकत के हिसाब से पिच तैयार नहीं करते। गावस्कर ने कहा, “मैके की पिच कोई हैरानी की बात नहीं थी। पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम के बांग्लादेश से बुरी तरह हारने के बाद वे ऐसी पिच तैयार करने वाले थे, जो तेज और उछाल वाली हो।” उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद यह दावा किया जाएगा कि ग्राउंड्समैन ने यह काम अपने दम पर किया और टीम मैनेजमेंट की ओर से कोई निर्देश नहीं था। हम सभी जानते हैं कि असल में क्या होता है।” मैके पिच को ‘बहुत अच्छी’ रेटिंग मिलने की चर्चा गावस्कर की यह चिंता उन रिपोर्ट्स के बीच सामने आई है, जिनमें कहा गया है कि मैके की पिच को ‘बहुत अच्छी’ रेटिंग मिलने वाली है। यह टेस्ट सिर्फ दो दिन चला था। ‘बहुत अच्छी’ रेटिंग चार स्तर वाली ग्रेडिंग प्रणाली में सबसे ऊंची रेटिंग है। गावस्कर ने आईसीसी के मापदंडों को लेकर फिर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जैसा कि मैंने पहले कहा, दोहरे मापदंड बेहद चौंकाने वाले हैं। देखते हैं कि मैच रेफरी मैके की पिच को क्या रेटिंग देते हैं। लेकिन भारतीय प्रशंसक इसका इंतजार करते हुए उम्मीद न लगाएं।” पिच की स्थिति से टेस्ट मैच जल्दी खत्म हो सकता है पिच की स्थिति अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सीरीज पर असर डाल सकती है और मैच जल्दी खत्म होने से कारोबार पर भी असर पड़ सकता है। ऐसी पिचें, जिनमें गेंदबाजों को जरूरत से ज्यादा मदद मिलती है, टेस्ट मैच को दो दिन से कम समय में खत्म कर सकती हैं। गेंद का जरूरत से ज्यादा स्विंग होना या उछाल का लगातार एक जैसा नहीं रहना भी मैच जल्दी खत्म होने की वजह बन सकता है। ऐसी परिस्थितियों पर पिच के स्तर और टेस्ट मैचों के लिए लागू मापदंडों को लेकर सवाल उठते हैं।

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अब श्रीलंका हो या ऑस्ट्रेलिया… टीम इंडिया को मिल गई नई ‘दीवार’, इसे भेद पाना मुश्किल

Team India: टेस्ट क्रिकेट में भारत को नई त्रिमूर्ति मिल गई है, जो क्रीज पर टिकने के साथ-साथ बड़े स्कोर बनाना भी जानती है. इन 3 खिलाड़ियों ने टीम मैनजमेंट की लंबी तलाश को खत्म कर दिया है. Tue, 25 Aug 2026 19:18:18 +0530

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