'पिच में छिपा भूत...' ऑस्ट्रेलिया-बांग्लादेश मकाय टेस्ट सिर्फ 2 दिन में खत्म, तो ICC और पश्चिमी मीडिया पर भड़के सुनील गावस्कर
AUS vs BAN: बांग्लादेश क्रिकेट टीम 23 साल के लंबे इंतजार के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई थी, जहां डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया था. ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश ने यह अपनी पहली टेस्ट जीत हासिल की थी. इस ऐतिहासिक जीत के बाद बांग्लादेशी टीम काफी कॉन्फिडेंस में थी और ऐसा लगा कि वह ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में दूसरे टेस्ट में हराकर सीरीज अपने नाम कर सकती है, लेकिन मकाय के मैदान पर खेला गया दूसरा टेस्ट मैच सिर्फ 2 दिनों के भीतर ही खत्म हो गया. मिचेल स्टार्क ने 10 विकेट और पैट कमिंस ने 6 चटकाए थे. इसके बाद भी आईसीसी ने मकाय की इस पिच को 'अच्छी' रेटिंग दी है, जबकि भारतीय उपमहाद्वीप में ऐसा होने पर पिच को खराब बता दिया जाता है. अब आईसीसी और पश्चिमी देशों के इस डबल स्टैंडर्ड्स को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसी बीच सुनील गावस्कर ने भी मकाय की पिच और विदेशी मीडिया और दिग्गजों की जमकर लताड़ लगाई है.
मकाय पिच को अच्छी रेटिंग मिलने पर भड़के सुनील गावस्कर
सुनील गावस्कर का मानना है कि मैच रेफरी आमतौर पर पश्चिमी देशों के शक्तिशाली मीडिया को खुश करने और उनसे तारीफ बटोरने की होड़ में लगे रहते हैं. यही कारण है कि मकाय टेस्ट की पिच को शायद ही कोई 'खराब' रेटिंग देने की हिम्मत करेगा. उन्होंने क्रिकेट जगत की इस 'ब्रेनवॉश' हो चुकी मानसिकता पर नराजगी जताई है. जहां किसी बल्लेबाज की काबिलियत का पैमाना सिर्फ तेज और उछाल भरी पिचों पर ही तय किया जाता है. गावस्कर ने सवाल उठाया कि विदेशी पिचों पर बल्लेबाजों के फेल होने पर सामान्य मान लिया जाता है, लेकिन उपमहाद्वीप के टर्निंग ट्रैक्स पर स्पिन के खिलाफ विदेशी बल्लेबाजों के खराब फुटवर्क को कभी उनकी कमजोरी के रूप में क्यों नहीं देखा जाता?
सुनील गावस्कर ने लगाई पश्चिमी मीडिया को लताड़
सुनील गावस्कर ने कहा, "अगर भारत में कोई मैच 3 दिनों के अंदर खत्म हो जाता है, तो यहां की पिचों, बीसीसीआई और भारतीय क्रिकेट को लेकर तरह-तरह की घटिया बातें और आरोप लगाए जाने लगते हैं. यह दोहरा रवैया इतना साफ है कि दिमाग चकरा जाता है. हमेशा यही पुराना बहाना बना दिया जाता है कि बल्लेबाज तेज गेंदबाजी के सामने कमजोर हैं. लेकिन जब विदेशी बल्लेबाज स्पिन होती गेंद को नहीं खेल पाते, तब कोई ऐसा नहीं कहता. तब उनकी बल्लेबाजी में कोई कमी नहीं निकाली जाती, बल्कि सीधे पिच को ही भूतिया (खराब) बता दिया जाता है."
Sunil Gavaskar ????️: “if a game finishes in three days in India, there will be all kinds of derogatory reports and insinuations made about the pitches, BCCI and Indian cricket. The hypocrisy is so brazen that it is simply mind-boggling. The usual excuse of ineptitude against fast… pic.twitter.com/rGq5Uy414W
— Vipin Tiwari (@Vipintiwari952) August 25, 2026
नजमुल हुसैन शांतो ने भी ऑस्ट्रेलिया की पिच को लेकर उठाए थे सवाल
बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने भी मकाय टेस्ट में मिली बार के बाद बिल्कुल यही बात रही थी. नजमुल हुसैन शांतो ने कहा था, "जब हम आमतौर पर उपमहाद्वीप (भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका) में खेलते हैं और एक दिन में 18 या 19 विकेट गिर जाते हैं, तो उस पर पूरी दुनिया में काफी चर्चा होती है. हर कोई इसके बारे में बात करता है. इसलिए, जब यहां ऑस्ट्रेलिया के मकाय में भी पहले दिन 18 विकेट गिरे हैं तो हर किसी को यह बात समझने की जरूरत है कि पिच कितनी चुनौतीपूर्ण थी. जब हम अपने घर (उपमहाद्वीप) में खेलें, तो लोग इन चीजों को न भूलें."
Najmul Hossain Shanto on conditions at Mackay ???? pic.twitter.com/gJHzzcUXiV
— Cricbuzz (@cricbuzz) August 24, 2026
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