Responsive Scrollable Menu

मानसून के बाद उत्तराखंड की सड़कों की बदलेगी तस्वीर, धामी कैबिनेट ने बनाया बड़ा प्लान


उत्तराखंड में मानसून के दौरान खराब हुई सड़कों को लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की सड़कों की स्थिति और उनके सुधार को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. सरकार का फोकस सिर्फ शहरों की सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी पुरानी सड़कों को भी सुधारने की तैयारी है.

मानसून के बाद युद्धस्तर पर होगा काम

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश खत्म होते ही सड़क मरम्मत और सुधार के काम युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं. इसके लिए अभी से जरूरी तैयारियां पूरी करने और निविदा प्रक्रिया समय पर पूरी करने पर जोर दिया गया है.

सरकार का उद्देश्य है कि मानसून समाप्त होने के बाद सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू करने में टेंडर प्रक्रिया के कारण किसी तरह की देरी न हो. इसके लिए संबंधित विभागों को पहले से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.

ग्रामीण सड़कों पर भी सरकार की नजर

बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई पुरानी सड़कों को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई. ऐसी कई सड़कें हैं, जिनकी अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है और नियमित रखरखाव की व्यवस्था नहीं हो पा रही है.

सरकार इन सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होने के साथ स्थानीय लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है.

शहरों में स्थानीय निकायों को मिलेगा फंड

सड़क सुधार अभियान में नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है. सरकार की योजना है कि शहरी निकायों को सड़क मरम्मत के लिए आवश्यक संसाधन और धनराशि उपलब्ध कराई जाए.

इससे शहरों की खराब सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने में मदद मिलेगी. खासकर मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और गड्ढों को दुरुस्त करने पर जोर रहेगा.

विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सड़क सुधार का काम किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है. लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और स्थानीय निकायों समेत सभी संबंधित संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा.

उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क सुधार के काम में अनावश्यक देरी न हो.

अक्टूबर से सीएम खुद करेंगे सड़क मार्ग से दौरा

मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि वह अक्टूबर से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का सड़क मार्ग से भ्रमण करेंगे. ऐसे में सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता तथा प्रगति पर सरकार की सीधी नजर रहने की संभावना है. सीएम के दौरे को देखते हुए विभागों के सामने अब सड़क सुधार कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने की चुनौती भी होगी.

बेहतर सड़कों पर सरकार का फोकस

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में सड़कें सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि पर्यटन, व्यापार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम हैं. ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को सीधे प्रभावित करता है.

सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि मानसून के बाद प्रदेश में सड़क मरम्मत और निर्माण का काम बड़े स्तर पर शुरू होगा. अब सबसे अहम सवाल यही है कि निविदा प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और जमीन पर काम कब तक दिखाई देने लगता है.

यह भी पढ़ें - चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारी तेज, 15 सितंबर से फिर उड़ सकते हैं केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर

Continue reading on the app

चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारी तेज, 15 सितंबर से फिर उड़ सकते हैं केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर

Char Dham Yatra Second Phase: उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार अब धीरे-धीरे कम हो रही है. इसके साथ ही चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं. मौसम साफ रहने पर 15 सितंबर से केदारनाथ के लिए हेली सेवा दोबारा शुरू होने की संभावना है. वहीं, बारिश के कारण क्षतिग्रस्त यात्रा मार्गों की मरम्मत और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है.

बता दें कि चारधाम यात्रा के पहले चरण में श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है. 21 अगस्त तक 48 लाख 4 हजार 897 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं. पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 42 लाख 82 हजार 263 थी। यानी इस साल अब तक 5 लाख 22 हजार 634 ज्यादा श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं.

यमुनोत्री में पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा

इस बार यमुनोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है. 6 लाख 68 हजार से ज्यादा श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं. वर्ष 2025 में पूरी यात्रा अवधि के दौरान 6 लाख 44 हजार 637 श्रद्धालु यमुनोत्री पहुंचे थे. इस साल यात्रा समाप्त होने से पहले ही यह आंकड़ा पार हो गया है.

यह भी पढ़ें: आधुनिक मशीनों से लैस कॉमन फैसिलिटी सेंटर से सहसपुर की महिलाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर

 

15 सितंबर से शुरू हो सकती है केदारनाथ हेली सेवा

मानसून के दौरान केदारनाथ हेली सेवा को बंद कर दिया गया था. अब मौसम अनुकूल रहा तो 15 सितंबर से हेली सेवा फिर शुरू की जा सकती है. रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मुताबिक फिलहाल केदारनाथ में चार हेलीकॉप्टर कंपनियां संचालन कर रही हैं. हेली सेवा के संचालन में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. प्रशासन के मुताबिक इस बार अब तक हेली सेवा के संचालन के दौरान कोई हेलीकॉप्टर दुर्घटना या गंभीर शिकायत सामने नहीं आई है. केदारनाथ जैसे संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.

टिकट बुकिंग के बाद ही केदारनाथ पहुंचें श्रद्धालु

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि हेली सेवा के लिए टिकट की पुष्टि और बुकिंग के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं. बिना टिकट के केदारनाथ पहुंचने से भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है. प्रशासन का जोर सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने पर है.

बारिश से खराब सड़कों की होगी मरम्मत

मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी के मुताबिक चारधाम यात्रा के दूसरे चरण के लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. यात्रा मार्गों को दुरुस्त करने के साथ संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है. सरकार की कोशिश है कि मानसून के बाद ऋषिकेश से चारों धामों तक यात्रा मार्ग सुरक्षित और सुचारु रहें.

रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में 24 घंटे निगरानी

चारधाम यात्रा से जुड़े रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है. संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाई गई है. सड़क बंद होने या भूस्खलन की स्थिति में रास्ता जल्द खोलने के लिए मशीनरी और संबंधित विभागों को तैयार रखा गया है.

यह भी पढ़ें: त्योहारों से पहले मिलावट और जमाखोरी पर सख्ती, उत्तराखंड में चलेगा एक हफ्ते का विशेष अभियान

 

आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन के मुताबिक बारिश के कारण कई जगह सड़कें प्रभावित हुई हैं. मौसम साफ होने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों में मरम्मत का काम तेजी से किया जाएगा. हालांकि, जहां भी मार्ग बाधित हो रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है.

दूसरे चरण में बढ़ सकती है यात्रियों की संख्या

सितंबर के मध्य में मौसम साफ होने और केदारनाथ हेली सेवा शुरू होने के बाद चारधाम यात्रा में एक बार फिर तेजी आने की उम्मीद है. हालांकि प्रशासन के सामने सिर्फ यात्रियों की संख्या बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं है. सड़क, मौसम और हेली सेवा से जुड़ी चुनौतियों के बीच सुरक्षित यात्रा कराना सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

Continue reading on the app

  Sports

अब अंडमान-निकोबार में भी गूंजेगा क्रिकेट का शोर! BCCI AGM में लिया जाएगा बड़ा फैसला

BCCI Annual General Meeting: बीसीसीआई की 95वीं एनुअल जनरल मीटिंग में एक बड़े फैसले पर मुहर लग सकती है. अंडमान-निकोबार को बीसीसीआई की एसोसिएट सदस्यता मिल सकती है. Tue, 25 Aug 2026 22:38:43 +0530

  Videos
See all

Final Cut: कांग्रेस नेता का बेटा, लाया नकली नोट! | Congress | Fake Currency | Crime News | Jaipur #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-25T18:04:42+00:00

Sugar और Onion की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार क्या कर रही है?| Hindi News | News Ki Pathshala #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-25T18:11:24+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers