चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारी तेज, 15 सितंबर से फिर उड़ सकते हैं केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर
Char Dham Yatra Second Phase: उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार अब धीरे-धीरे कम हो रही है. इसके साथ ही चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं. मौसम साफ रहने पर 15 सितंबर से केदारनाथ के लिए हेली सेवा दोबारा शुरू होने की संभावना है. वहीं, बारिश के कारण क्षतिग्रस्त यात्रा मार्गों की मरम्मत और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
बता दें कि चारधाम यात्रा के पहले चरण में श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है. 21 अगस्त तक 48 लाख 4 हजार 897 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं. पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 42 लाख 82 हजार 263 थी। यानी इस साल अब तक 5 लाख 22 हजार 634 ज्यादा श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं.
यमुनोत्री में पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा
इस बार यमुनोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है. 6 लाख 68 हजार से ज्यादा श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं. वर्ष 2025 में पूरी यात्रा अवधि के दौरान 6 लाख 44 हजार 637 श्रद्धालु यमुनोत्री पहुंचे थे. इस साल यात्रा समाप्त होने से पहले ही यह आंकड़ा पार हो गया है.
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15 सितंबर से शुरू हो सकती है केदारनाथ हेली सेवा
मानसून के दौरान केदारनाथ हेली सेवा को बंद कर दिया गया था. अब मौसम अनुकूल रहा तो 15 सितंबर से हेली सेवा फिर शुरू की जा सकती है. रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मुताबिक फिलहाल केदारनाथ में चार हेलीकॉप्टर कंपनियां संचालन कर रही हैं. हेली सेवा के संचालन में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. प्रशासन के मुताबिक इस बार अब तक हेली सेवा के संचालन के दौरान कोई हेलीकॉप्टर दुर्घटना या गंभीर शिकायत सामने नहीं आई है. केदारनाथ जैसे संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
टिकट बुकिंग के बाद ही केदारनाथ पहुंचें श्रद्धालु
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि हेली सेवा के लिए टिकट की पुष्टि और बुकिंग के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं. बिना टिकट के केदारनाथ पहुंचने से भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है. प्रशासन का जोर सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने पर है.
बारिश से खराब सड़कों की होगी मरम्मत
मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी के मुताबिक चारधाम यात्रा के दूसरे चरण के लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. यात्रा मार्गों को दुरुस्त करने के साथ संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है. सरकार की कोशिश है कि मानसून के बाद ऋषिकेश से चारों धामों तक यात्रा मार्ग सुरक्षित और सुचारु रहें.
रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में 24 घंटे निगरानी
चारधाम यात्रा से जुड़े रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है. संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाई गई है. सड़क बंद होने या भूस्खलन की स्थिति में रास्ता जल्द खोलने के लिए मशीनरी और संबंधित विभागों को तैयार रखा गया है.
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आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन के मुताबिक बारिश के कारण कई जगह सड़कें प्रभावित हुई हैं. मौसम साफ होने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों में मरम्मत का काम तेजी से किया जाएगा. हालांकि, जहां भी मार्ग बाधित हो रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है.
दूसरे चरण में बढ़ सकती है यात्रियों की संख्या
सितंबर के मध्य में मौसम साफ होने और केदारनाथ हेली सेवा शुरू होने के बाद चारधाम यात्रा में एक बार फिर तेजी आने की उम्मीद है. हालांकि प्रशासन के सामने सिर्फ यात्रियों की संख्या बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं है. सड़क, मौसम और हेली सेवा से जुड़ी चुनौतियों के बीच सुरक्षित यात्रा कराना सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
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