उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पार्षदों द्वारा कथित तौर पर भ्रष्टाचार से प्राप्त धनराशि को आपस में बांटने की शपथ लेने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद नगर आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए। सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर प्रसारित वीडियो में कई लोग हाथ में जल लेकर शपथ लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक व्यक्ति शपथ दिला रहा है और अन्य लोग उसके पीछे दोहरा रहे हैं।
दावा किया जा रहा है कि शपथ लेने वाले लोग नगर निगम के पार्षद हैं। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और इसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी। वीडियो में एक व्यक्ति को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि नगर निगम को होने वाली आय को सभी 60 पार्षदों के बीच बराबर-बराबर बांटा जाएगा।
वीडियो में एक व्यक्ति को यह कहते हुए भी सुना गया कि समूह के किसी सदस्य के सामने कोई परेशानी आने पर सभी एकजुट होकर उसका साथ देंगे। वीडियो में ‘गद्दार’ बताए जाने वाले किसी व्यक्ति की मां के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। वीडियो के प्रसारित होने के बाद सोशल मीडिया पर नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं।
कुछ पोस्ट में पार्षदों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं और सवाल उठाया गया कि तीन साल पहले तक एक मकान के मालिक रहे पार्षद के पास अब कथित तौर पर कई मकान और महंगी गाड़ियां कैसे हैं। नगर आयुक्त सौम्या गुरु रानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वायरल वीडियो नवंबर 2025 का बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उस समय नगर आयुक्त कोई अन्य अधिकारी थे लेकिन मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
Continue reading on the app
स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि राजधानी दिल्ली में H1N1 के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को एक इमरजेंसी रिव्यू मीटिंग बुलाई। स्वास्थ्य विभाग, MCD, NDMC और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के सीनियर अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग के बाद सिंह ने कहा कि स्थिति कंट्रोल में है और पर्याप्त डॉक्टर और दवाइयां मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि इस साल दिल्ली में इन्फ्लूएंजा के करीब 3,000 मामले सामने आए हैं, जिनमें 2,308 मामले H1N1 संक्रमण के हैं। सिंह ने कहा कि डॉक्टरों, स्टाफ या दवाइयों की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी रिव्यू मीटिंग बुलाई है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि कोई समस्या नहीं है; सब कुछ कंट्रोल में है।
उन्होंने कहा कि यह मीटिंग दिल्ली में H1N1 या मौसमी इन्फ्लूएंजा के साथ-साथ वेक्टर-जनित बीमारियों (मच्छर-मक्खी से फैलने वाली बीमारियों) से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुलाई गई थी। मंत्री ने कहा कि घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। मरीज़ आ रहे हैं, लेकिन उनका इलाज हो रहा है और वे ठीक होकर जा रहे हैं। हर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। अगर कोई मरीज बिस्तर न मिलने की शिकायत करता है, तो अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा निदेशालय ने दिल्ली के सभी स्कूलों के लिए मौसमी इन्फ्लूएंजा (जिसमें स्वाइन फ्लू या H1N1 भी शामिल है) से बचाव के उपायों के बारे में एक एडवाइज़री जारी की है। इसमें सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को सतर्क रहने, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संक्रमण से बचाव व सांस से जुड़ी स्वच्छता के उपायों को मज़बूत करने का निर्देश दिया गया है।
स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे छात्रों और स्टाफ़ को खांसते या छींकते समय अपनी नाक और मुँह ढकने, इस्तेमाल किए गए टिश्यू को सही तरीके से फेंकने और साबुन-पानी से नियमित रूप से हाथ धोने के लिए प्रोत्साहित करें। एडवाइज़री में खास तौर पर हाथों की स्वच्छता पर ज़ोर दिया गया है—जैसे खाना खाने से पहले और खांसने या छींकने के बाद हाथ धोना—ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें
National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Continue reading on the app