एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर नैसकॉम की नजर, सभी प्रमुख पक्षों के साथ कर रहा संवाद
नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के शीर्ष संगठन नैसकॉम ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका में एच-1बी वीजा शुल्क में प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी को इस कार्यक्रम के मूल उद्देश्य के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। यह कार्यक्रम उन क्षेत्रों में अस्थायी रूप से कुशल पेशेवरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था, जहां अमेरिका में कौशल की कमी होती है।
नैसकॉम ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सभी प्रमुख हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से संवाद बनाए हुए है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित नए नियम के तहत एच-1बी वीजा के लिए 1,03,265 डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। यह अभी एक प्रस्तावित नियम है, जिस पर आम जनता और संबंधित पक्षों को अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस शुल्क का उद्देश्य आव्रजन प्रणाली (इमीग्रेशन सिस्टम) की लागत की भरपाई करना और कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों पर निर्भर रहने के बजाय अमेरिकी नागरिकों की भर्ती और प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है।
नैसकॉम ने अपने बयान में कहा कि एच-1बी वीजा कार्यक्रम लंबे समय से अमेरिका में अल्पकालिक कौशल कमी को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। संगठन ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले 5 वर्षों में अमेरिकी बाजार में कार्यरत भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के एच-1बी कर्मचारियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है, क्योंकि कंपनियों ने स्थानीय स्तर पर भर्ती बढ़ाने की रणनीति अपनाई है।
उद्योग संगठन के अनुसार, भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियां अमेरिका में स्थानीय कौशल विकास को भी समर्थन दे रही हैं। इस क्षेत्र ने अमेरिका में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित शिक्षा को मजबूत करने के लिए 1.1 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। इसके तहत 130 से अधिक विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के साथ साझेदारी की गई है, जिससे लगभग 29 लाख छात्रों को लाभ पहुंचा है और 2.55 लाख से अधिक कर्मचारियों को नए कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया है।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा व्यवस्था के तहत आने वाली याचिकाओं पर यह अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। यदि यह लागू होता है, तो भारत सहित अन्य देशों के कुशल पेशेवरों की भर्ती करने वाली कंपनियों की लागत में भारी वृद्धि हो सकती है।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के अनुसार, यह शुल्क एच-1बी वीजा की वार्षिक सीमा के अंतर्गत आने वाली प्रत्येक याचिका पर लागू होगा। इसमें वे आवेदक भी शामिल होंगे जो अमेरिकी संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए उपलब्ध विशेष श्रेणी के तहत पात्र हैं। यह शुल्क अन्य सभी मौजूदा शुल्कों के अतिरिक्त लिया जाएगा।
विभाग का अनुमान है कि इस प्रस्ताव से प्रतिवर्ष लगभग 8.8 अरब डॉलर की अतिरिक्त आय हो सकती है। यह अनुमान हर वर्ष दायर होने वाली लगभग 85,000 एच-1बी याचिकाओं के आधार पर लगाया गया है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस राशि का उपयोग कानूनी आव्रजन प्रणाली के संचालन, लाभ आवेदन निपटान, धोखाधड़ी की पहचान, राष्ट्रीय सुरक्षा जांच, सरकारी प्रणालियों के आधुनिकीकरण और रिकॉर्ड प्रबंधन जैसी गतिविधियों पर होने वाले खर्चों की भरपाई के लिए किया जाएगा।
वर्तमान व्यवस्था के तहत अमेरिका हर वर्ष 65,000 एच-1बी वीजा जारी करता है। इसके अतिरिक्त अमेरिकी विश्वविद्यालयों से परास्नातक या उससे उच्च डिग्री प्राप्त करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए 20,000 अतिरिक्त वीजा उपलब्ध कराए जाते हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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भारत बनाम श्रीलंका कोलंबो टेस्ट में कम नहीं हो रही खिलाड़ियों की मनमानी, अब ICC ने एक और प्लेयर को दी सजा
IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में खिलाड़ियों की हरकतों को लेकर आईसीसी काफी सख्त नजर आ रहा है. कोलंबो टेस्ट के दूसरे ही दिन आईसीसी ने भारतीय स्टार ओपनर यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के असिथा फर्नांडो पर मैच फीस का जुर्माना लगाया था और डिमेरिट पॉइंट भी दिया था. अब आईसीसी ने श्रीलंका के एक और खिलाड़ी को फटकार लगाई है. आईसीसी ने श्रीलंका के स्टार स्पिनर प्रभात जयसूर्या को सजा सुनाई है, चलिए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है.
प्रभाव जयसूर्या को ICC ने दी डिमेरिट पॉइंट
भारत के खिलाफ कोलंबो टेस्ट मैच में श्रीलंका के स्टार स्पिनर प्रभात जयसूर्या को ICC आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 का उल्लंघन करने के लिए फटकार लगाई गई है और एक डिमेरिट अंक दिया गया है. यह कार्रवाई जयसूर्या द्वारा आउट होने के बाद अपने बल्ले से बाउंड्री वेज (सीमा रेखा पर रखे स्पंज/विज्ञापन बोर्ड) पर मारने के कारण की गई है.
बाउंड्री पर गुस्से से प्रभात ने दे मारा था बल्ला
कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन के तीसरे सेशन के आखिरी कुछ मिनटों में श्रीलंका की टीम बल्लेबाजी करने उतरी. श्रीलंका ने 1 रन के स्कोर पर ही अपना पहला विकेट गंवा दिया. भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने लाहिरु उदारा को एक रन के निजी स्कोर पर पवेलियन भेजा, जिनका कैच यशस्वी जायसवाल ने पकड़ा. इसके बाद, दिन के खेल के आखिरी कुछ मिनटों में नाइटवॉचमैन के तौर पर स्पिनर प्रभात जयसूर्या को नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतारा गया, लेकिन वह कुछ खास नहीं कर पाए और आउट हो गए. उन्हें भारतीय स्पिनर मानव सुथार ने पवेलियन भेजा. प्रभात सिर्फ 2 रन ही बना सके.
प्रभाव जयसूर्या ने मान ली अपनी गलती
प्रभात जयसूर्या का विकेट गिरने के साथ ही दूसरे दिन का खेल खत्म हो गया. जब प्रभात आउट होकर वापस पवेलियन जा रहे थे, तब उन्होंने गुस्से में अपने बल्ले से बाउंड्री वेज पर दे मारा, जो आईसीसी के नियमों का उल्लंघन है. यही कारण है कि अब आईसीसी ने उन्हें सजा सुनाई है. जयसूर्या ने अपनी गलती मान ली है, इसलिए अब आगे किसी सुनवाई की जरूरत नहीं है.
Prabath Jayasuriya has been handed an official reprimand and had a demerit point added to his disciplinary record for smacking "the boundary wedges with his bat" on his way back after being dismissed on the second day of Sri Lanka's ongoing second Test against India in Colombo… pic.twitter.com/PuOkgajWzj
— Cricinfo (@cricinfo) August 25, 2026
यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नाडो को भी मिल चुकी है ICC से सजा
कोलंबो टेस्ट के पहले ही दिन काफी बवाल देखने को मिला था. दरअसल, यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो आस-पस में भिड़ गए थे, जिसके बाद मामला काफी आगे बढ़ गया था. दरअसल, मैच के 17वें ओवर में जब यशस्वी जायसवाल आउट हुए, तो असिथा ने यशस्वी को लेकर कुछ बोला, जिसके बाद जायसवाल पीछे की ओर मुड़कर आए और असिथा से जा भिड़े. फर्नांडो ने अपना सिर जायसवाल की तरफ बढ़ाया, तभी जायसवाल झुक गए और दोनों के सिर आपस में टकरा गए. इसके बाद आईसीसी ने इन दोनों खिलाड़ियों पर मैच फीस का जुर्माना लगाया और साथ ही 1-1 डिमेरिट पॉइंट भी दिया. यह मामला 2 दिन तक काफी चर्चा में रहा. हालांकि अब सब शांत हो गया है.
Yashasvi Jaiswal and Asitha Fernando have both been fined 25% of their match fees for "inappropriate physical contact" during the first day's play in the second Test between Sri Lanka and India https://t.co/uIwl0ziquY
— Cricinfo (@cricinfo) August 25, 2026
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